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उद्धव कैबिनेट के विस्तार के साथ ही बगावत शुरू, एनसीपी विधायक प्रकाश सोलंके ने इस्तीफे का किया एलान
Tue, 31 Dec 2019 01:38 PM IST
अनवर अंसारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: अनवर अंसारी
Updated Tue, 31 Dec 2019 01:38 PM IST
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prakash solanke
- फोटो : Twitter
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महाराष्ट्र में उद्धव मंत्रिमंडल का सोमवार को विस्तार हुआ। इसके बाद से ही घटक दलों में बगावत शुरू हो गई है। कल नए मंत्रियों के शपथ लेते ही जहां शिवसेना के कई विधायकों की नाराजगी सामने आ गई, वहीं, एनसीपी के चार बार के विधायक प्रकाश सोलंके को मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिल सकी।
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जिसके बाद सोलंके ने विधायक पद से इस्तीफा देने के साथ-साथ राजनीति से भी संन्यास लेने का एलान कर दिया है। उन्होंने कहा कि वह मौजूदा राजनीति के योग्य नहीं है। बीड के मजलगांव सीट से चौथी बार विधायक चुने गए प्रकाश सोलंके मंगलवार को विधानसभा अध्यक्ष से मिलकर अपना इस्तीफा सौंपने वाले हैं।
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हालांकि विधायक ने यह साफ किया है कि उनके इस्तीफे का मंत्रिमंडल के विस्तार में मंत्री नहीं बनाए जाने से कोई संबंध नहीं है। बता दें सोलंके एनसीपी और कांग्रेस की सरकार में मंत्री रह चुके हैं।
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सोलंके ने कहा कि मैं तीस साल से राजनीति कर रहा हूं लेकिन आजकल ऐसी परिस्थिति बन गई है, जिसमें हम जैसे लोगों के लिए कोई जगह नहीं है। सोलंके भले ही अपने अपने इस्तीफे को मंत्री नहीं बनाए जाने से जोड़ने से इनकार कर रहे हैं लेकिन सोलंके के इस बयान से समझा जा सकता है कि वे कैबिनेट विस्तार से किस कदर नाखुश है।
प्रकाश सोलंके चार बार महाराष्ट्र के मजलगांव सीट से विधायक चुने गए हैं। सोमवार को उद्धव सरकार के कैबिनेट विस्तार में उन्हें मंत्रिमंडल में स्थान नहीं दिया गया जबकि इससे पूर्ववर्ती कांग्रेस-एनसीपी सरकार में वे राज्यमंत्री रह चुके हैं।
इससे पहले कल शिवसेना सांसद संजय राउत मंत्रियों के शपथ ग्रहण समारोह में विधानभवन नहीं पहुंचे तो राजनीतिक गलियारों में स्वर उठने लगे कि उनके भाई और विक्रोली से विधायक सुनील राउत को मंत्रिमंडल में जगह ना मिलने से वह नाराज है।
वहीं, सुनील राउत ने फिलहाल मीडिया से दूरी बनाई हुई है। उनके अलावा भी शिवसेना में कई विधायक मंत्री पद ना मिलने से नाराज हैं। विधायक प्रताप सारनिक, तानाजी सावंत, सुनील प्रभु, रवींद्र वायकर, भास्कर जाधव और रामदास कदम भी इसी वजह से शपथ ग्रहण समारोह में नहीं पहुंचे।
बता दें कि महाराष्ट्र में सोमवार को सीएम उद्धव ठाकरे के कैबिनेट मंत्रिमंडल का विस्तार किया गया, जिसमें 36 मंत्रियों को शपथ दिलाई गई। इसमें एनसीपी से 10 कैबिनेट और चार राज्य मंत्री, कांग्रेस से आठ कैबिनेट और दो राज्य मंत्री जबकि शिवसेना से आठ कैबिनेट और दो राज्य मंत्री के रूप में शपथ ली।
इस तरह के सरकार में एनसीपी से 12 कैबिनेट जबकि कांग्रेस-शिवसेना के 10-10 कैबिनेट में शामिल हुए हैं। राज्य में इस समय मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे समेत 43 मंत्री हैं।