राहुल गांधी के साथ व्यवहार को लेकर शरद पवार ने योगी सरकार को निशाने पर लिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हाथरस कांड की पीड़िता के परिजनों से मिलने जा रहे पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका के काफिले को रोकने के लिए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने उत्तर प्रदेश पुलिस की आलोचना की है। ग्रेटर नोएडा में पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद दोनों कांग्रेस नेता पैदल ही हाथरस के लिए चल दिए थे।
एनसीपी के प्रमुख शरद पवार ने भी इस मामले में अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने एक ट्वीट में कहा, 'राहुल गांधी के प्रति उत्तर प्रदेश पुलिस का लापरवाह रवैया बहुत निंदनीय है। यह उन लोगों के लिए निंदनीय है जिनकी जिम्मेदारी लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखते हुए कानून व्यवस्था को बिगड़ने नहीं देना है।'
Reckless behaviour of UP Police towards @INCIndia leader Shri @RahulGandhi is extremely condemnable. It is reprehensible for those who are supposed to uphold the law to trample upon the democratic values in such a manner.
विज्ञापन विज्ञापन— Sharad Pawar (@PawarSpeaks) October 1, 2020
पवार का साथ देते हुए महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और एनसीपी नेता जयंत पाटिल ने आरोप लगाया कि यह घटना दिखाती है कि भाजपा का काम 'राम का नाम लेते हुए नाथूराम की तरह काम करना' है। जयंत पाटिल ने कहा कि एक प्रमुख राजनीतिक दल के प्रमुख नेता के साथ इस तरह का व्यवहार पूरी तरह से निंदनीय है।
वहीं, महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने कहा कि किसी पार्टी के नेता के पीड़ित परिवार को सांत्वना देने के लिए वहां (हाथरस) जाने पर कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। देशमुख ने कहा कि मुझे आश्चर्य है कि यूपी सरकार ने पार्टी के वरिष्ठ नेता को पीड़ित परिजनों से मिलने की अनुमति नहीं दी। यह बहुत गंभीर मुद्दा है।
एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले ने भी उत्तर प्रदेश पुलिस की इस कार्रवाई की निंदा की। बता दें कि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और राहुल गांधी हाथरस जाने के लिए दिल्ली से रवाना हुए थे। उनके साथ हजारों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता भी थे। उन्हें यमुना एक्सप्रेसवे पर उत्तर प्रदेश पुलिस ने रोक दिया था।
इसके बाद दोनों नेता पैदल ही हाथरस के लिए चल पड़े थे। थोड़ी दूरी पर राहुल की पुलिस के साथ धक्का-मुक्की हो गई। इसके बाद पुलिस राहुल और प्रियंका को जीप में बैठाकर एफ-1 गेस्टहाउस ले गई। हिरासत में लिए जाने से पहले दोनों ने राज्य में जंगलराज होने और पुलिस द्वारा लाठियां चलाने का आरोप लगाया।