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Sharad Pawar: '2000 के नोट की वापसी मूडी आदमी का काम', शरद पवार की फिसली जुबान; वानखेड़े को लेकर कही यह बात

Tue, 23 May 2023 03:41 AM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Tue, 23 May 2023 03:41 AM IST
सार

इस दौरान 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए विपक्षी दलों द्वारा सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ एक संयुक्त मोर्चा बनाने की कोशिशों पर भी पवार ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल 25 मई को उनसे मुलाकात करेंगे। 
 

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NCP chief Sharad Pawar says Rs 2000 notes withdrawn Act of a moody person
शरद पवार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने शुक्रवार (19 मई) को बड़ा फैसला लेते हुए 2000 रुपए के नोटों को चलन से वापस लेने का एलान किया था। साथ ही आरबीआई ने यह भी साफ किया था कि इन नोटों की वैधता बरकरार रहेगी। आरबीआई के इस फैसले के बाद से विपक्ष सरकार के खिलाफ हमलावर है। इस बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के प्रमुख शरद पवार ने भी इसे लेकर मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने सोमवार को कहा कि 2000 रुपये के नोटों को चलन से हटाने का फैसला किसी 'मूर्ख व्यक्ति' की हरकत जैसा है। साथ ही उन्होंने कहा कि समीर वानखेड़े मामले में नवाब मलिक को परेशान किया गया। उन्हें मीडिया में सच बोलने की कीमत चुकानी पड़ी।

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2000 के नोटों को चलन से वापस लेने पर दी प्रतिक्रिया
शरद पवार ने पुणे में  कि यह एक मूडी व्यक्ति के फैसले जैसा है। मुझे 2000 रुपये के नोट बंद करने के फैसले के बारे में कुछ शिकायतें मिली हैं। विमुद्रीकरण के बाद पुणे जिला केंद्रीय सहकारी बैंक जैसी संस्थाओं को नुकसान हुआ क्योंकि इसके पास पड़े कई करोड़ रुपये आरबीआई से बदले नहीं जा सके।
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इस दौरान 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए विपक्षी दलों द्वारा सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ एक संयुक्त मोर्चा बनाने की कोशिशों पर भी पवार ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल 25 मई को उनसे मुलाकात करेंगे। उन्होंने कहा कि मैं लोकसभा चुनाव नहीं लड़ रहा हूं, लेकिन सभी को एक साथ आने में मदद करूंगा।
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राहुल गांधी की तारीफ की
इस दौरान एनसीपी प्रमुख ने कहा कि हाल ही में संपन्न हुए कर्नाटक विधानसभा चुनाव के नतीजे कांग्रेस नेता राहुल गांधी की पदयात्रा का बेहतरीन उदाहरण हैं. राहुल गांधी के बारे में कोई कुछ भी कहे, मुझे यकीन है कि लोग राहुल गांधी की विचारधारा को मजबूत करेंगे। मेरी कोशिश विपक्ष को साथ लाने की है, ऐसी ही कोशिश बिहार के सीएम नीतीश कुमार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब मैं अगला चुनाव नहीं लड़ रहा हूं तो पीएम उम्मीदवार बनने का सवाल ही कहां है। मैं पीएम बनने की रेस में नहीं हूं। हमें ऐसा नेतृत्व चाहिए जो देश के विकास के लिए काम कर सके। 

वहीं, महाराष्ट्र में हालिया हिंसक घटनाओं पर एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने कहा कि अगर हम इन घटनाओं (हिंसक झड़पों) के पीछे की विचारधारा और ताकत देखेंगे तो पता चल जाएगा कि इनके पीछे कौन है। केंद्र और राज्य में सत्ता में बैठे लोगों की संलिप्तता का पता लगाने के लिए जांच की जानी चाहिए। 

समीर वानखेड़े पर दी प्रतिक्रिया
इस दौरान NCB मुंबई के पूर्व प्रमुख समीर वानखेड़े को लेकर एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस मामले में नवाब मलिक को परेशान किया गया। उन्हें मीडिया में सच बोलने की कीमत चुकानी पड़ी। नवाब मलिक जो कह रहे थे वह सही साबित हुआ, देखते हैं आगे क्या होता है।  

पीएम पद की दौड़ में शामिल नहीं, विपक्षी दलों को साथ लाने की कोशिश कर रहा: शरद पवार
शरद पवार ने सोमवार को कहा कि वह प्रधानमंत्री पद की दौड़ में शामिल नहीं हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि विपक्ष ऐसा नेतृत्व चाहता है जो देश की भलाई के लिए काम करे। पुणे विश्वविद्यालय के कुलपति राम तकावाले के निधन के सिलसिले में आयोजित शोक सभा के बाद उन्होंने पत्रकारों से कहा, “मैं विपक्ष को एकजुट करने का प्रयास कर रहा हूं। मैं प्रधानमंत्री बनने की दौड़ में नहीं हूं क्योंकि मैं अगला (लोकसभा) चुनाव नहीं लड़ूंगा।”

महा विकास आघाड़ी (एमवीए) में शामिल कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) के साथ सीटों के बंटवारे के बारे में उन्होंने कहा, “हाल ही में मेरे आवास पर एक बैठक हुई थी। महा विकास आघाड़ी के नेता इस पर फैसला करेंगे। उद्धव ठाकरे, सोनिया गांधी या कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खरगे और मैं बैठक कर इसके बारे में चर्चा करेंगे।”


बता दें कि महाराष्ट्र में कई नागरिक निकायों का कार्यकाल 2022 की शुरुआत में खत्म हो गया था, लेकिन कोरोना वायरस महामारी के कारण चुनाव नहीं हुए। इसके अलावा, मई 2024 के आसपास लोकसभा चुनाव होने की संभावना है, जिसके कुछ समय बाद महाराष्ट्र में विधानभा चुनाव होंगे।

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