शरद पवार बोले: 'द कश्मीर फाइल्स' के जरिए नफरत फैला रही भाजपा, कश्मीरी पंडितों के साथ मुसलमान भी बने थे शिकार
शरद पवार ने दिल्ली में अपनी पार्टी एनसीपी के एक कार्यक्रम में कहा कि अगर भाजपा सच में कश्मीरी पंडितों की परवाह करती है तो उसे उनके पुनर्वास का काम करना चाहिए और उनके मन में अल्पसंख्यकों के लिए गुस्सा भरने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
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महाराष्ट्र में सत्ताधारी गठबंधन में शामिल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख शरद पवार ने भी गुरुवार को द कश्मीर फाइल्स फिल्म को लेकर भाजपा पर हमला बोला। पवार ने आरोप लगाया कि भगवा दल इस फिल्म के जरिए घाटी से कश्मीरी पंडितों के पलायन के बारे में 'गलत प्रोपेगंडा' फैलाने के लिए देश में 'जहरीला वातावरण' तैयार कर रहा है।
'द कश्मीर फाइल्स' फिल्म कश्मीरी पंडितों के कश्मीर से पलायन और उस दौरान उन पर हुए अत्याचारों की कहानी पर बनी है। बॉक्स ऑफिस पर तो फिल्म शानदार प्रदर्शन कर ही रही है, कई राज्य इसे कर मुक्त कर चुके हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस फिल्म को देखने की अपील कर चुके हैं। यह फिल्म मशहूर निर्देशक विवेक अग्निहोत्री ने बनाई है।
शरद पवार ने दिल्ली में अपनी पार्टी के अल्पसंख्यक विभाग के एक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा, 'इस तरह की फिल्म को स्क्रीनिंग की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए थे, लेकिन इसे कर में छूट दी गई। जो लोग देश को एकजुट करने के लिए जिम्मेदार हैं वहीं लोगों को यह फिल्म देखने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं जो लोगों को आक्रोशित करती है।'
राष्ट्रीय राजधानी में पिछले तीन दिनों में एनसीपी का यह दूसरा कार्यक्रम था। पार्टी 10 जून को अपना स्थापना दिवस मनाने के लिए दिल्ली में एक बड़ी जनसभा आयोजित करने की तैयारी भी कर रही है।
'कश्मीरी पंडितों का पलायन हुआ तो मुसलमानों को भी निशाना बनाया गया'
एनसीपी प्रमुख ने कहा कि यह सच है कि कश्मीरी पंडितों को घाटी छोड़कर जाना पड़ा था, लेकिन इसी तरह से मुसलमानों को भी निशाना बनाया गया था। उन्होंने कहा, 'कश्मीरी पंडितों और मुसलमानों पर हमलों के लिए पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन जिम्मेदार थे।'
पूर्व केंद्रीय मंत्री पवार ने कहा कि अगर नरेंद्र मोदी सरकार सच में कश्मीरी पंडितों की परवाह करती है तो इसे उसे उनके पुनर्वास के लिए हर संभव प्रयास करने चाहिए और उनके दिमाग में अल्पसंख्यकों को लेकर गुस्सा भरने का काम नहीं करना चाहिए।
'जब पलायन हुआ था तब भाजपा के समर्थन वाली वीपी सिंह की सरकार थी'
पवार ने इस बहस में पंडित जवाहर लाल नेहरू को घसीटने के लिए भी भाजपा की आलोचना की। इस बात का उल्लेख करते हुए कि जब कश्मीरी पंडितों को घाटी से पलायन करना पड़ा था तब विश्वनाथ प्रताप सिंह प्रधानमंत्री थे, उन्होंने कहा, 'वीपी सिंह की सरकार को भाजपा का समर्थन था। मुफ्ती मोहम्मद सईद गृह मंत्री थे और जगमोहन जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल थे, जिन्होंने बाद में दिल्ली से भाजपा के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ा था।'
उन्होंने इस फिल्म को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की टिप्पणी पर उन्हें निशाना बनाने की कोशिश करने के लिए भी भाजपा पर निशाना साधा। पवार ने कहा कि राजनीतिक आंदोलनों का स्वागत है, लेकिन केजरीवाल की आलोचना अल्पसंख्यकों के हित में बात करने के लिए की गई। भाजपा देश को दूसरे रास्ते पर ले जा रही है। यह देश की एकता को नष्ट कर रही है।