फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   NCB has long suppressed a file of narcotics case Supreme Court rebuked

एनसीबी ने अर्से तक दबाए रखी नशीले पदार्थ केस की एक फाइल, सुप्रीम कोर्ट ने लगाई फटकार

Sun, 07 Feb 2021 09:04 PM IST
प्रियंका तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: प्रियंका तिवारी Updated Sun, 07 Feb 2021 09:04 PM IST
विज्ञापन
NCB has long suppressed a file of narcotics case Supreme Court rebuked
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : सोशल मीडिया

सुप्रीम कोर्ट ने नशीले पदार्थ से संबंधित मामले में राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ याचिका दायर करने में हुई देरी पर नाराजगी जताई है। याचिका देरी से दायर करने को लेकर उच्चतम न्यायालय ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) को फटकार लगाई और उससे स्पष्टीकरण की मांग की है।

विज्ञापन

सुप्रीम कोर्ट ने की निंदा

सर्वोच्च न्यायालय ने कहा, ‘इस संवेदनशील मामले में अभियोग चलाने के लिए जिस ढंग से अपील की गई, वह अति निंदनीय है।’ सुप्रीम कोर्ट आगे ने कहा, ‘2018 में मादक पदार्थ मामले में आरोपियों को बरी किए जाने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ 652 दिन के बाद उसके समक्ष याचिका दायर की गई।’ साथ ही कोर्ट ने लंबे अंतराल की ओर इशारा करते हुए कहा कि एनसीबी मुख्यालय ने एक साल तक फाइल को अपने पास रखा।

विज्ञापन
विज्ञापन

याचिका देरी से दाखिल किए जाने पर जताई नाराजगी

न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति ऋषिकेश रॉय की पीठ ने एक फरवरी को पारित अपने आदेश में कहा, 'हमने पाया है कि मादक पदार्थों से संबंधित इस संवेदनशील मामले में अभियोग चलाने के लिए जिस ढंग से अपील की गई है, वह बेहद निंदनीय है। विशेष अवकाश याचिका 652 दिन की देरी से दाखिल की गई।' इसे लेकर पीठ ने कहा, 'हम इस मामले में एनसीबी मुख्यालय से स्पष्टीकरण मांगते हैं कि इस प्रकार की लापरवाही के लिए किस अधिकारी पर किस तरह से कार्रवाई की गई है और किसकी जिम्मेदारी तय की गई है।'

विज्ञापन

साल 2013 का है मामला

बता दें यह मामला वर्ष 2013 में एक कार से कथित रूप से पांच किलो प्रतिबंधित हेरोइन बरामद होने से संबंधित है। इस मामले में हाईकोर्ट ने कुछ आरोपियों को बरी कर दिया था। इन आरोपियों पर एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दाखिल गया गया था। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि अभियोजन पक्ष आरोपों को साबित करने में विफल रहा है। उच्च न्यायालय ने निचली अदालत के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed