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कार्रवाई: डार्कनेट के जरिये साइकोट्रोपिक ड्रग्स की तस्करी करने वाले रैकेट का भंडाफोड़, चार गिरफ्तार

Tue, 13 Apr 2021 03:00 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली Published by: देव कश्यप Updated Tue, 13 Apr 2021 03:00 AM IST
सार

  • एनसीबी ने दिल्ली-एनसीआर, यूपी और उत्तराखंड में मारे छापे
  • 30 लाख से ज्यादा साइकोट्रोपिक ड्रग्स व कफ सिरप जब्त

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NCB busted Psychotropic Drugs Trafficking Network who used to send drug consignments overseas through Darknet
डार्कनेट (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने साइकोट्रोपिक ड्रग्स तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है, जो डार्कनेट के जरिये ड्रग्स की खेप को विदेशों में भेजते थे। ये लोग हर्बल सप्लीमेंट के पैकेट में छुपाकर साइकोट्रोपिक ड्रग्स की तस्करी करते थे। एनसीबी ने चार लोगों को गिरफ्तार कर भारी मात्रा में ड्रग्स और कफ सिरप जब्त किए हैं।

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एनसीबी के उपनिदेशक (ऑपरेशनल) केपीएस मल्होत्रा ने कहा, दिल्ली जोनल यूनिट में दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में विभिन्न जगहों पर छापा मारकर चार लोगों को गिरफ्तार किया है। अब तक 30.5 लाख साइकोट्रोपिक ड्रग्स, 70 हजार कोडिन आधारित कफ सिरप और 14.895 किलो एंफीटेमिन ड्रग जब्त की जा चुकी है।
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 मल्होत्रा ने कहा, ये गिरोह डार्कनेट मार्केट होस्ट के जरिये ऑर्डर लेता था और समर्पित शिपर्स के जरिये ड्रग्स की सप्लाई करता था। ये ड्रग्स मुख्य तौर पर अमेरिका, ब्रिटेन, यूरोप और अन्य देशों में भेजे जाते थे। गिरफ्तार आरोपियों में से दो आगरा के रहने वाले हैं, जो हरिद्वार की फार्मास्युटिकल कंपनी से साइकोट्रोपिक ड्रग्स मंगाते थे। इसके अलावा दिल्ली से एक व्यक्ति और उत्तर प्रदेश के बलिया से एक दुकानदार को गिरफ्तार किया गया है। यह ऑपरेशन करीब दस दिन तक चला।
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आतंकी करते हैं साइकोट्रोपिक ड्रग्स का इस्तेमाल
वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ट्रामाडोल जैसी दवाइयों को साइकोट्रोपिक ड्रग्स की श्रेणी में रखा जाता है। इसका इस्तेमाल मध्यम से गंभीर दर्द के इलाज में किया जाता है।  इसका असर कई तरह से होता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, ट्रामाडोल शारीरिक निर्भरता बढ़ाती है और अध्ययन से पता चला है कि अगर इसे रोजाना इस्तेमाल किया जाए तो यह कई हफ्तों तक हो सकती है। आमतौर पर इसे ‘आईएसआईएस गोली’ के नाम से जाना जाता है, जो आतंकी द्वारा दर्द कम करने और शारीरिक क्षमता बढ़ाने के लिए ली जाती है।  


चीन और भारत से होती है तस्करी
ट्रामाडोल की तस्करी के लिए इंटरनेशनल रूट की शुरुआत चीन और भारत से होती है और इसके बाद यह अफ्रीका होते हुए अन्य देशों तक पहुंचती है। एनसीबी इस साल दिल्ली-एनसीआर से अब तक 90 लाख पीस साइकोट्रोपिक ड्रग्स और एक लाख कोडीन आधारित कफ सिरप जब्त कर चुकी है।

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