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गोवा : नौसेना की एयर विंग को राष्ट्रपति ने प्रदान किया 'प्रेसीडेंट कलर', बताया हिंद महासागर में सुरक्षा की पसंदीदा साझेदार
Mon, 06 Sep 2021 04:48 PM IST
सुरेंद्र जोशी
पीटीआई, पणजी
पीटीआई, पणजी
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Mon, 06 Sep 2021 04:48 PM IST
सार
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सोमवार को गोवा में हंसा एयरबेस पर आयोजित एक कार्यक्रम में नौसेना की एयर विंग को 'प्रेसीडेंट कलर' प्रदान किया। यह असाधारण सेवाओं के लिए प्रदान किया जाता है।
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आईएनएस हंसा एयरबेस पर सलामी लेते राष्ट्रपति कोविंद
- फोटो : ani
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विस्तार
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सोमवार को यहां भारतीय नौसेना की एविएशन विंग को 'प्रेसीडेंट कलर' से सम्मानित किया। इस मौके पर कोविंद ने कहा कि संकट के समय में नौसेना की त्वरित और प्रभावी तैनाती ने देश को हिंद महासागर क्षेत्र का 'पसंदीदा सुरक्षा साझेदार' और प्रतिक्रिया देने के मामले में अव्वल (फर्स्ट रिस्पांडर) बनाया है।
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कोविंद ने पणजी से 40 किलोमीटर दूर वास्को में स्थित आईएनएस हंसा बेस पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही। यहां उन्हें भारतीय नौसेना द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। 'प्रेसीडेंट-कलर' किसी भी सैन्य इकाई को देश की असाधारण सेवा के लिए दिया जाने वाला सबसे बड़ा सम्मान है।
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राष्ट्रपति कोविंद तीन दिनी गोवा यात्रा पर आए हैं। उन्होंने नौसेन प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह की मौजूदगी में नवल एविएशन को 'प्रेसीडेंट कलर' प्रदान किया। इस मौके पर गोवा के राज्यपाल पीएस श्रीधर पिल्लई, मुख्ययमंत्री प्रमोद सावंत व अन्य अतिथि मौजूद थे।
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नौसेना मित्रों व साझीदारों की मदद को तत्पर
इस मौके पर राष्ट्रपति ने कहा कि नौसेना ने क्षेत्रीय प्रतिबद्धताओं को पूरा करने और हिंद-प्रशांत महासागर क्षेत्र में अपने मित्रों और साझेदारों के साथ राजनयिक संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण प्रयास किए हैं। 'ऑपरेशन समुद्र सेतु' और 'मिशन सागर' जैसे अभियानों के माध्यम से उसने कोविड-19 के दौरान हिंद महासागर क्षेत्र में अपने पड़ोसियों को दवाएं व अन्य आवश्यक सामग्री पहुंचाई।
आत्मनिर्भर भारत व मेक इंडिया को दिया महत्व
राष्ट्रपति ने कहा कि भारतीय नौसेना ने सक्रिय रूप से स्वदेशीकरण किया है। यह नौसेना की वर्तमान और भविष्य की खरीदी योजनाओं में स्पष्ट दिखाई देता है। केंद्र सरकार के 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान व 'मेक इन इंडिया' में भी नौसेना एविएशन ने सतत प्रगति की है।
नौसेना में महिलाओं को प्रोत्साहन
राष्ट्रपति कोविंद ने यह भी कहा कि नौसेना में महिलाओं को शामिल करने की दृष्टि से भी नेवल एविएशन सबसे आगे रहा है। मुझे बताया गया है कि नौसेना एविएशन में करीब 150 एटीएस अधिकारियों में से 84 महिलाएं हैं। महिला पायलटों को भी नौसेना एविएशन में शामिल किया गया है। नौसेना के 400 पर्यवेक्षकों में से 75 महिलाएं हैं। यह अच्छी प्रवृत्ति है, इसे और प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
नौसेना की एविएशन विंग 1951 में बनी थी
भारतीय नौसेना की एविएशन विंग का गठन 1951 में हुआ था। नौसेना का एयरबेस 1953 में बना था। आज भारतीय नौसेना के नौ और तीन नेवल एयर-एंक्लेव हैं। नौसेना के जंगी बेड़े में आज 250 लड़ाकू विमान, टोही-विमान और हेलीकॉप्टर शामिल हैं। मिग-29के फाइटर जेट्स, लांग रेंज मेरीटाइम रेकोनेसेंस एयरक्राफ्ट, पी8आई, डोरनियर एयरक्राफ्ट, कामोव हेलीकॉप्टर, एएलएच हेलीकॉप्टर आदि उसके बेड़े में शामिल हैं।