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Hindi News ›   India News ›   Navy three day Naval Commanders Conference Defence Minister Rajnath Singh address the opening session

नौसेना कमांडर्स सम्मेलन का रक्षा मंत्री ने किया उद्घाटन, समुद्री सीमाओं की रक्षा के लिए की सराहना

Wed, 19 Aug 2020 03:28 PM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: देव कश्यप Updated Wed, 19 Aug 2020 03:28 PM IST
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Navy three day Naval Commanders Conference Defence Minister Rajnath Singh address the opening session
Rajnath singh in Naval Commanders Conference - फोटो : ANI

पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ तनाव के बीच बुधवार से दिल्ली में भारतीय नौसेना का तीन दिवसीय कमांडर्स सम्मेलन शुरू हो गया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह नौसेना कमांडरों के इस सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित किया।

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राजनाथ सिंह ने कहा कि "आज नौसेना कमांडरों के सम्मेलन में भाग लिया। मैं राष्ट्र के समुद्री हितों की रक्षा में उनकी भूमिका के लिए भारतीय नौसेना की सराहना करता। मुझे अपने जहाजों और विमानों को तैनात करने में सक्रिय प्रतिक्रिया के माध्यम से किसी भी चुनौती को पूरा करने के लिए नौसेना की तैयारियों पर पूरा भरोसा है।"
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उन्होंने आगे कहा कि " भारतीय नौसेना ने संवेदनशील स्थानों पर नौसेना के जहाजों और विमानों को तैनात करके समुद्री हितों की रक्षा के लिए मिशन-आधारित तैनाती को प्रभावी ढंग से अंजाम दिया है। तैनाती ने समुद्री अधिकार क्षेत्र में जागरूकता बढ़ाने में मदद की है, तेजी से मानवीय सहायता प्रदान की है।" 
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तीन दिन तक चलने वाली यह कॉन्फ्रेंस चीन के साथ पूर्वी लद्दाख में बरकरार तनाव को लेकर काफी अहम मानी जा रही है। नौसेना पहले से ही हिंद महासागर में ऑपरेशनल अलर्ट पर है। नौसेना के जंगी जहाज, सर्विलांस और एयरक्राफ्ट कैरियर्स पूरी तरह से मुस्तैद हैं। साथ ही लद्दाख सेक्टर में भी इंडियन नेवी की मौजूदगी है।
 

नौसेना की ओर से जारी बयान के मुताबिक नौसेना कमांडरों के सम्मेलन में संयुक्त योजना ढांचे, तीनों सेवाओं में तालमेल और ऑपरेशनल तैयारियां बढ़ाने के उपायों के साथ-साथ कुशलता बढ़ाने के लिए नौसेना में कार्य संबंधी पुनर्गठन पर विचार किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि हिंद महासागर में चीन और पाकिस्तान समेत सभी संभावित सुरक्षा चुनौतियों पर सम्मेलन में विस्तार से विचार किया जाएगा।


चीन की योजना को फेल करने की तैयारी
नेवल कमांडर्स की कॉन्फ्रेंस में चीन पर ही फोकस रहने की संभावना है। नौसेना ने जिस तरह से हिंद महासागर में सर्विलांस बढ़ाया है, उससे साफ इशारा मिलता है कि उसे चीन के मंसूबों का अंदाजा है। चीन ने जिस तरह से दक्षिण चीन सागर में अपने कब्जे को बढ़ाया है, उसके बाद उसकी निगाहें इस ओर भी होंगे। ग्लोबल पावर बनने के लिए चीन को हिंद महासागर पर प्रभुत्व स्थापित करना ही होगा, लेकिन यहां उसका सामना भारतीय नौसेना से है जो इस इलाके में सुपरपावर है।

थल और वायुसेना के साथ तालमेल मजबूत करने पर होगी चर्चा
इस सम्मेलन में सेना के बाकी दो अंगों के साथ तालमेल मजबूत करने और नौसेना में संगठनात्मक पुनर्गठन पर चर्चा होगी। डिपार्टमेंट ऑफ मिलिट्री अफेयर्स (DMA) बनाए जाने और रक्षा स्टाफ प्रमुख (CDS) का पद सृजित किए जाने के बाद नौसेना कमांडरों का यह पहला सम्मेलन है। इस सम्मेलन में हिंद-प्रशांत महासागर में नौसेना की सुरक्षा जरूरतों पर भी चर्चा होगी।



चीन को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए जंगी जहाज पहले से तैयार
चीनी नौसेना की तरफ से किसी हरकत को रोकने के लिए भारतीय नौसेना के सभी जंगी जहाज इस समय समुद्र में कड़ी चौकसी कर रहे हैं। हिंद महासागर क्षेत्र में कई युद्धपोतों और पनडुब्बियों की तैनाती की गई है। नौसेना ने अपने सबसे घातक जंगी जहाजों को हिंद महासागर में चीन की चुनौती के लिए तैनात किया है। भारत के सर्विलांस जहाज दिन-रात हिंद महासागर में नजर रखते हैं। इसके अलावा एयरक्राफ्ट कैरियर्स भी तैनात हैं। नौसेना के खास पोसाइडन-8I एयरक्राफ्ट का इस्तेमाल सर्विलांस के लिए हो रहा है। 

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