{"_id":"61eee068d3ece845a45c7529","slug":"navy-holds-key-meeting-on-creation-of-maritime-theatre-command-announcement-likely-by-independence-day-news-and-updates","type":"story","status":"publish","title_hn":"मैरीटाइम थिएटर कमांड: स्वतंत्रता दिवस पर हो सकता है गठन का एलान, नौसेना की अहम बैठक में हुई चर्चा, जानें क्या है योजना?","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
मैरीटाइम थिएटर कमांड: स्वतंत्रता दिवस पर हो सकता है गठन का एलान, नौसेना की अहम बैठक में हुई चर्चा, जानें क्या है योजना?
Mon, 24 Jan 2022 10:52 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Mon, 24 Jan 2022 10:52 PM IST
सार
भारतीय थलसेना की रफ से केंद्रीय आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल वाईके डिमरी को दक्षिण-पश्चिम सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल अमरदीप सिंह भिंडर के साथ कमांड के गठन पर स्टडी का जिम्मा सौंपा गया है।
विज्ञापन
भारतीय नौसेना।
- फोटो : @indiannavy
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारतीय नौसेना ने पिछले हफ्ते मैरीटाइम थिएटर कमांड के गठन को लेकर एक अहम बैठक की है। बताया गया है कि इस कमांड का एलान इस साल स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) को किया जा सकता है। सरकार के सूत्रों के मुताबिक, भारतीय सेना और वायुसेना के प्रतिनिधि इस बैठक में शामिल हुए। मीटिंग पश्चिमी नौसेना के कमांडर वाइस एडमिरल अजयेंद्र बहादुर सिंह की अध्यक्षता में हुई।
क्या है थिएटर कमांड?
भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए तीनों सेनाओं (थलसेना, वायुसेना और नौसेना) के बीच समन्वय की अहम जरूरत पड़ेगी। युद्ध के मौके पर तीनों सेनाओं के बीच तालमेल बनाए रखने के लिए एक थिएटर कमांड बेहद उपयोगी होती है। जैसे थलसेना के लिए एक थिएटर कमांड, जिसका नेतृत्व एक थलसैनिक करता है और वायुसेना-नौसेना इस कमांड के सहयोगी के तौर पर काम करती हैं।
इसी तरह एक मैरीटाइम थिएटर कमांड में नौसेना युद्ध की मुख्य नेतृत्वकर्ता होगी और थलसेना और वायुसेना उसका सहयोग करेंगी। एक निश्चित थिएटर कमांड बनाने का फायदा यह है कि यहां से बनी रणनीतियों के तहत दुश्मन पर अचूक वार करना आसान हो जाता है। अभी देश में करीब 15 लाख सशस्त्र सैन्य बल हैं। इन्हें संगठित और एकजुट करने के लिए थिएटर कमांड की जरूरत है।
विज्ञापन
बैठक में थिएटर कमांड गठन के लिए स्टडी का सौंपा गया जिम्मा
बताया गया है कि नौसेना की ओर से बुलाई गई इस बैठक में सभी तीन सैन्य बलों को थिएटर कमांड के गठन के मुद्दे पर रिसर्च के लिए कहा गया है। भारतीय थलसेना की रफ से केंद्रीय आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल वाईके डिमरी को दक्षिण-पश्चिम सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल अमरदीप सिंह भिंडर के साथ कमांड के गठन पर स्टडी का जिम्मा सौंपा गया है।
गौरतलब है कि भारतीय वायुसेना पहले भी थिएटर कमांड बनाने की मांग उठा चुकी है। लेकिन वह हर कमांड में संसाधनों के बंटवारे के मुद्दे पर शंका भी जाहिर करती रही है। सूत्रों के मुताबिक, मुंबई में वाइस एडमिरल एबी सिंह की अध्यक्षता में हुई यह बैठक सीडीएस जनरल बिपिन रावत के निधन के बाद थिएटर कमांड के गठन के मुद्दे पर पहली अहम बैठक रही। माना जा रहा है कि एबी सिंह नौसेना के सबसे वरिष्ठ अधिकारी हैं और उन्हें ही मैरीटाइम थिएटर कमांड की जिम्मेदारी मिलेगी।
तीनों सेनाओं द्वारा थिएटर कमांड बनाने की स्टडी पूरी करने के लिए अप्रैल तक का समय दिया गया है। उम्मीद जताई जा रही है कि इस साल 15 अगस्त को मैरीटाइम थिएटर कमांड के गठन का एलान किया जा सकता है।
विज्ञापन
क्या है थिएटर कमांड?
भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए तीनों सेनाओं (थलसेना, वायुसेना और नौसेना) के बीच समन्वय की अहम जरूरत पड़ेगी। युद्ध के मौके पर तीनों सेनाओं के बीच तालमेल बनाए रखने के लिए एक थिएटर कमांड बेहद उपयोगी होती है। जैसे थलसेना के लिए एक थिएटर कमांड, जिसका नेतृत्व एक थलसैनिक करता है और वायुसेना-नौसेना इस कमांड के सहयोगी के तौर पर काम करती हैं।
विज्ञापन
इसी तरह एक मैरीटाइम थिएटर कमांड में नौसेना युद्ध की मुख्य नेतृत्वकर्ता होगी और थलसेना और वायुसेना उसका सहयोग करेंगी। एक निश्चित थिएटर कमांड बनाने का फायदा यह है कि यहां से बनी रणनीतियों के तहत दुश्मन पर अचूक वार करना आसान हो जाता है। अभी देश में करीब 15 लाख सशस्त्र सैन्य बल हैं। इन्हें संगठित और एकजुट करने के लिए थिएटर कमांड की जरूरत है।
विज्ञापन
बैठक में थिएटर कमांड गठन के लिए स्टडी का सौंपा गया जिम्मा
बताया गया है कि नौसेना की ओर से बुलाई गई इस बैठक में सभी तीन सैन्य बलों को थिएटर कमांड के गठन के मुद्दे पर रिसर्च के लिए कहा गया है। भारतीय थलसेना की रफ से केंद्रीय आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल वाईके डिमरी को दक्षिण-पश्चिम सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल अमरदीप सिंह भिंडर के साथ कमांड के गठन पर स्टडी का जिम्मा सौंपा गया है।
गौरतलब है कि भारतीय वायुसेना पहले भी थिएटर कमांड बनाने की मांग उठा चुकी है। लेकिन वह हर कमांड में संसाधनों के बंटवारे के मुद्दे पर शंका भी जाहिर करती रही है। सूत्रों के मुताबिक, मुंबई में वाइस एडमिरल एबी सिंह की अध्यक्षता में हुई यह बैठक सीडीएस जनरल बिपिन रावत के निधन के बाद थिएटर कमांड के गठन के मुद्दे पर पहली अहम बैठक रही। माना जा रहा है कि एबी सिंह नौसेना के सबसे वरिष्ठ अधिकारी हैं और उन्हें ही मैरीटाइम थिएटर कमांड की जिम्मेदारी मिलेगी।
तीनों सेनाओं द्वारा थिएटर कमांड बनाने की स्टडी पूरी करने के लिए अप्रैल तक का समय दिया गया है। उम्मीद जताई जा रही है कि इस साल 15 अगस्त को मैरीटाइम थिएटर कमांड के गठन का एलान किया जा सकता है।