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Hindi News ›   India News ›   Navy chief inaugurates Goa Maritime Conclave 2026 Over Indian Ocean security 14 nations attend

गोवा से समुद्री सुरक्षा का संदेश: हिंद महासागर पर भारत की कूटनीतिक पहल, एक साथ आए 14 देशों के नौसैनिक प्रमुख

Sat, 21 Feb 2026 01:26 PM IST
हिमांशु चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पणजी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पणजी Published by: हिमांशु चंदेल Updated Sat, 21 Feb 2026 01:26 PM IST
सार

Navy chief inaugurates Goa Maritime Conclave: गोवा में आयोजित गोवा मैरीटाइम कॉन्क्लेव 2026 में 14 देशों ने समुद्री सुरक्षा पर मंथन किया। नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी ने सम्मेलन का उद्घाटन किया। ड्रग तस्करी और अवैध मछली पकड़ने जैसे खतरों से निपटने के लिए साझा रणनीति पर जोर दिया गया। 

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Navy chief inaugurates Goa Maritime Conclave 2026 Over Indian Ocean security 14 nations attend
नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी - फोटो : ANI

विस्तार

हिंद महासागर क्षेत्र में बढ़ती समुद्री चुनौतियों के बीच भारत ने एक बार फिर नेतृत्व की भूमिका निभाई है। नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी ने गोवा में गोवा मैरीटाइम कॉन्क्लेव 2026 का उद्घाटन किया। इस सम्मेलन में हिंद महासागर से जुड़े 14 देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए। सम्मेलन का मकसद समुद्र में बढ़ते खतरों से निपटने के लिए साझा रणनीति बनाना और क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करना है।

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समुद्री खतरों पर मंथन
इस सम्मेलन में ड्रग तस्करी, अवैध और अनियमित मछली पकड़ने जैसी गंभीर समस्याओं पर चर्चा हुई। नौसेना प्रमुख ने कहा कि ये चुनौतियां सिर्फ किसी एक देश की नहीं हैं, बल्कि पूरे क्षेत्र की स्थिरता को प्रभावित करती हैं। सम्मेलन का विषय “हिंद महासागर क्षेत्र में साझा समुद्री सुरक्षा चुनौतियां और बदलते खतरों से निपटने के प्रयास” रखा गया है। इस मौके पर दक्षिणी नौसेना कमान के प्रमुख वाइस एडमिरल समीर सक्सेना और पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल अरुण प्रकाश भी मौजूद रहे।
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14 देशों की भागीदारी
इस कॉन्क्लेव में बांग्लादेश, इंडोनेशिया, कोमोरोस, मलेशिया, केन्या, सिंगापुर, मेडागास्कर, थाईलैंड, म्यांमार, मालदीव, मॉरीशस, सेशेल्स, श्रीलंका और तंजानिया के प्रतिनिधि शामिल हुए हैं। इन देशों ने समुद्री सुरक्षा से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। सभी देशों ने माना कि समुद्र में अपराध अब संगठित और तकनीकी रूप से मजबूत हो चुके हैं, जिनसे निपटने के लिए मिलकर काम करना जरूरी है।

साझा टास्क फोर्स का सुझाव
पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल अरुण प्रकाश ने अपने मुख्य भाषण में अवैध, गैर-रिपोर्टेड और अनियमित मछली पकड़ने से निपटने के लिए एक साझा टास्क फोर्स बनाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि अगर देशों के बीच रियल टाइम खुफिया जानकारी साझा हो, तो समुद्री अपराधों पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है। सम्मेलन में इस बात पर जोर दिया गया कि हिंद महासागर की सुरक्षा आपसी विश्वास और मजबूत तालमेल से ही संभव है।

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