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रायसीना डायलॉग: नौसेना प्रमुख हरि कुमार बोले, समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करना किसी एक देश के लिए लगभग असंभव
Thu, 28 Apr 2022 12:26 AM IST
देव कश्यप
पीटीआई, नई दिल्ली।
पीटीआई, नई दिल्ली।
Published by: देव कश्यप
Updated Thu, 28 Apr 2022 12:26 AM IST
सार
नौसेना प्रमुख एडमिरल हरि कुमार ने चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए एक सहयोगात्मक दृष्टिकोण की वकालत करते हुए कहा कि हम एक प्रतिस्पर्धी वर्तमान में हैं और अनिश्चित भविष्य की ओर बढ़ रहे हैं।
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Admiral R Hari Kumar meets US Admiral John Aquilino
- फोटो : PTI
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विस्तार
नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार ने बुधवार को कहा कि मौजूदा संदर्भ में किसी एक देश के लिए समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करना लगभग असंभव है। उन्होंने कहा कि समान विचारधारा वाले देशों को उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए हाथ मिलाना चाहिए।
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हरि कुमार ने चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए एक सहयोगात्मक दृष्टिकोण की वकालत करते हुए कहा, "हम एक संघर्षपूर्ण वर्तमान में हैं और अनिश्चित भविष्य की ओर बढ़ रहे हैं।"
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नौसेना प्रमुख रायसीना डायलॉग के एक इंटरैक्टिव सत्र में बोल रहे थे, जिसमें अमेरिकी हिंद-प्रशांत कमान के कमांडर एडमिरल जॉन एक्विलिनो, जापान सेल्फ डिफेंस फोर्सेज के ज्वाइंट स्टाफ, चीफ ऑफ स्टाफ जनरल कोजी यामाजाकी और ऑस्ट्रेलिया रक्षा बल के प्रमुख जनरल एंगस कैंपबेल भी शामिल हुए।
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नौसेना प्रमुख एडमिरल हरि कुमार ने अमेरिकी हिंद-प्रशांत कमान के कमांडर एडमिरल जॉन एक्विलिनो के साथ व्यापक बातचीत की। उनकी बातचीत में हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती आक्रामकता से उत्पन्न प्रमुख चुनौतियों और यूक्रेन संकट के क्षेत्रीय सुरक्षा पर संभावित प्रभावों पर जोर रहा। एडमिरल जॉन एक्विलिनो ‘रायसीना डायलॉग’ कार्यक्रम में भाग लेने के लिए भारत आए हुए हैं।
दोनों कमांडरों ने द्विपक्षीय नौसैनिक सहयोग और हिंद-प्रशांत, दक्षिण चीन सागर और हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा चुनौतियों की व्यापक समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि दोनों कमांडरों ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए रूस-यूक्रेन युद्ध के संभावित प्रभावों पर भी गौर किया।
‘रायसीना डायलॉग’ के एक सत्र में, एडमिरल एक्विलिनो ने रूस-यूक्रेन युद्ध का व्यापक रूप से जिक्र किया और कहा कि यह समान विचारधारा वाले देशों के लिए ऐसी चुनौतियों से निपटने के लिए "तात्कालिता की भावना" के साथ तैयार होने का समय है। सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए सभी प्रकार की प्रौद्योगिकी और राष्ट्रीय शक्ति का उपयोग करके "कड़ा प्रतिरोध" विकसित करना चाहिए।
उन्होंने कहा, "यूक्रेन में हमने जो कुछ देखा, उससे हम सभी चिंतित हैं। हमने युद्ध शुरू करने के लिए अकारण कार्रवाई देखी। जब मैं वैश्विक सुरक्षा के नजरिए से देखता हूं तो यह बहुत ही चिंताजनक समय है।" एडमिरल एक्विलिनो ने यूक्रेन पर रूसी हमले को "अपने जीवन का सबसे खतरनाक समय" बताते हुए कहा, "हमें तत्परता के साथ तैयारी करने की जरूरत है।" इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हिंद-प्रशांत के देशों को ऐसी स्थिति से निपटने के लिए मिलकर काम करने की जरूरत है।
एडमिरल एक्विलिनो ने कहा कि रूस और चीन के बीच दोस्ती की "कोई सीमा नहीं" है। उन्होंने कहा कि यह बहुत चिंता का विषय है क्योंकि इसके सुरक्षा निहितार्थ हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि यूक्रेन पर रूसी हमले को देखते हुए नाटो (उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन) अपनी ताकत बढ़ा रहा है। उन्होंने सुझाव दिया कि यह हिंद-प्रशांत के लिए एक अच्छा मॉडल हो सकता है।
अपनी टिप्पणी में, एडमिरल हरि कुमार ने कहा कि "किसी एक देश के लिए समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करना लगभग असंभव है। वास्तव में, समुद्री सुरक्षा के लिए विभिन्न देशों की नौसेनाओं सहित एक हजार-नौसेना के जहाज की अवधारणा को स्पष्ट किया गया है।" हालांकि उन्होंने इस बारे में विस्तार से नहीं बताया।
एडमिरल कुमार ने कहा कि युद्ध का स्वरूप बदल गया है, लेकिन इसकी प्रकृति नहीं बदली है, जो "क्रूर" और "रक्तमय" है। उन्होंने उल्लेख किया कि यूक्रेन में क्या हो रहा है। नौसेना प्रमुख ने कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र के देशों के साथ भारत का समुद्री संबंध सम्मान, संवाद, सहयोग, शांति और समृद्धि के सिद्धांतों पर आधारित है। उन्होंने कहा, "पांच सिद्धांत इस क्षेत्र के साथ हमारी बातचीत के तरीके को रेखांकित करते हैं।"
जनरल यामाजाकी ने कहा कि यूक्रेन पर रूस का आक्रमण अंतरराष्ट्रीय नियम-आधारित आदेश का "स्पष्ट उल्लंघन" है। उन्होंने कहा कि यह संप्रभुता के साथ-साथ क्षेत्रीय अखंडता के उल्लंघन का एक उदाहरण है जो अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की नींव को चुनौती दे रहा है।
उन्होंने कहा, "हमें इस युद्ध से सबक लेना चाहिए। हमें यथास्थिति में एकतरफा बदलाव की अनुमति नहीं देनी चाहिए और उस दृढ़ संकल्प का पूरी तरह से प्रदर्शन किया जाना चाहिए। हमें उन प्रयासों को रोकने की क्षमता हासिल करनी चाहिए।"
वहीं, ऑस्ट्रेलिया के रक्षा बल के प्रमुख जनरल कैंपबेल ने बढ़ती चुनौतियों से निपटने के लिए समान विचारधारा वाले देशों द्वारा राष्ट्रीय शक्तियों के व्यापक उपयोग का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा, "हम हमेशा एक साथ मजबूत होते हैं।" उन्होंने कहा कि "यह एक क्रूर संघर्ष है और यूक्रेनियन शानदार तरीके से लड़ रहे हैं।"