{"_id":"5bae6982867a554f1f568b36","slug":"natural-gas-prices-rise-by-10-percent","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"डीजल-पेट्रोल के बाद अब वाहन और रसोई गैस भी होंगे महंगे","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
डीजल-पेट्रोल के बाद अब वाहन और रसोई गैस भी होंगे महंगे
पीयूष पांडेय, अमर उजाला, दिल्ली
Updated Sat, 29 Sep 2018 05:49 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रुपये में कमजोरी के बाद अब घरेलू गैस की कीमतों में बढ़ोतरी के सरकार के फैसले से एक ओर जहां सीएनजी, पीएनजी व घरेलू रसोई गैस एलपीजी की कीमतें बढ़नी लगभग तय है, वहीं यूरिया और बिजली उत्पादन की लागत में भी बढ़ोतरी होगी। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम बढ़ने और रुपये में आई कमजोरी के चलते भी कंपनियों पर कीमतें बढ़ाने का दबाव है। ऐसे में एक अक्तूबर से उपभोक्ताओं को वाहनों और घरेलू प्रयोग में लाई जाने वाली गैस के ज्यादा दाम चुकाने पड़ सकते हैं।
प्राकृतिक गैस की कीमतों में प्रत्येक छह माह में संशोधन किया जाता है। इनकी कीमतों में बढ़ोत्तरी की वजह आमतौर पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में आई वृद्धि रहती है। विशेषज्ञों के मुताबिक मौजूदा समय में कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के दामों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। इसके अलावा रुपया बीते कई माह से लगातार गिर रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में कम से कम 14 फीसदी की बढ़ोतरी हो चुकी है।
घरेलू गैस कीमतों में हुई बढ़ोतरी का असर वाहनों के प्रयोग में लाई जाने वाली सीएनजी और घरों में सीधे पाइप के माध्यम से पहुंचाई जाने वाली पीएनजी की कीमतों पर भी पड़ेगा। दूसरी ओर, केंद्र सरकार यह भी स्पष्ट कर चुकी है कि वह फिलहाल उत्पाद शुल्क में कोई कटौती नहीं करने जा रही है। ऐसे में बढ़ी हुई कीमतों का असर उपभोक्ताओं के वाहनों और घरों में उपयोग होने वाले गैस के बिल पर पड़ेगा।
विज्ञापन
सीएनजी की मांग बढ़ रही है और कीमत भी
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस क्षेत्र के विशेषज्ञ नरेंद्र तनेजा के मुताबिक देश में 50 फीसदी गैस का आयात किया जाता है। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में तेज इजाफा होने की वजह से सीएनजी वाहन लगातार बढ़ रहे हैं। सार्वजनिक वाहनों के लिए तो यह अनिवार्य है ही। ऐसे में मांग बढ़ने के साथ घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़े गैस के दाम और रुपये की कमजोरी सीएनजी के दाम बढ़ाएंगे।
विज्ञापन
प्राकृतिक गैस की कीमतों में प्रत्येक छह माह में संशोधन किया जाता है। इनकी कीमतों में बढ़ोत्तरी की वजह आमतौर पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में आई वृद्धि रहती है। विशेषज्ञों के मुताबिक मौजूदा समय में कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के दामों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। इसके अलावा रुपया बीते कई माह से लगातार गिर रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में कम से कम 14 फीसदी की बढ़ोतरी हो चुकी है।
विज्ञापन
घरेलू गैस कीमतों में हुई बढ़ोतरी का असर वाहनों के प्रयोग में लाई जाने वाली सीएनजी और घरों में सीधे पाइप के माध्यम से पहुंचाई जाने वाली पीएनजी की कीमतों पर भी पड़ेगा। दूसरी ओर, केंद्र सरकार यह भी स्पष्ट कर चुकी है कि वह फिलहाल उत्पाद शुल्क में कोई कटौती नहीं करने जा रही है। ऐसे में बढ़ी हुई कीमतों का असर उपभोक्ताओं के वाहनों और घरों में उपयोग होने वाले गैस के बिल पर पड़ेगा।
विज्ञापन
सीएनजी की मांग बढ़ रही है और कीमत भी
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस क्षेत्र के विशेषज्ञ नरेंद्र तनेजा के मुताबिक देश में 50 फीसदी गैस का आयात किया जाता है। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में तेज इजाफा होने की वजह से सीएनजी वाहन लगातार बढ़ रहे हैं। सार्वजनिक वाहनों के लिए तो यह अनिवार्य है ही। ऐसे में मांग बढ़ने के साथ घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़े गैस के दाम और रुपये की कमजोरी सीएनजी के दाम बढ़ाएंगे।
रसोई गैस पर दाम बढ़ाने का तेज दबाव
रसोई गैस की मांग भी लगातार बढ़ी है चाहे वह पीएनजी हो या फिर एलपीजी। विशेषज्ञ पल्लवी मेहता ने कहा कि घरेलू गैस की कीमत बढ़ने के अलावा आयात की जाने वाली गैस भी महंगे दाम पर कंपनियों को मिल रही है, जिससे उन पर दाम बढ़ाने का दबाव है। गौरतलब है कि सितंबर में भी गैस के दाम में थोड़ी बढ़त कंपनियों द्वारा अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ते भाव के मद्देनजर की गई थी।
गैस उपभोक्ताओं पर कितना पड़ सकता है असर
उपभोक्ता गैस मौजूदा भाव (रुपये में) एक अक्तूबर से वृद्धि (अनुमानित)
सीएनजी (प्रति किग्रा) 42.60 2-2.50 रुपये
पीएनजी (प्रति किग्रा) 28.25 3-4 रुपये
एलपीजी (घरेलू सब्सिडी वाला) 499.51 पैसे 10-15 रुपये
बिना सब्सिडी वाला सिलेंडर 820 900 रुपये (अनुमानित)
(सभी भाव दिल्ली के)
गैस उपभोक्ताओं पर कितना पड़ सकता है असर
उपभोक्ता गैस मौजूदा भाव (रुपये में) एक अक्तूबर से वृद्धि (अनुमानित)
सीएनजी (प्रति किग्रा) 42.60 2-2.50 रुपये
पीएनजी (प्रति किग्रा) 28.25 3-4 रुपये
एलपीजी (घरेलू सब्सिडी वाला) 499.51 पैसे 10-15 रुपये
बिना सब्सिडी वाला सिलेंडर 820 900 रुपये (अनुमानित)
(सभी भाव दिल्ली के)