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Updates: सुप्रीम कोर्ट ने रिलायंस इंडस्ट्रीज पर 10 लाख का जुर्माना लगाया, 2005 का है मुकदमा, पूरा मामला क्या?

Fri, 14 Aug 2026 11:11 PM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला। Published by: ज्योति भास्कर Updated Fri, 14 Aug 2026 11:11 PM IST
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National Updates 14th August Historian Demise BJP Congress North East West South India Politics Crime news
देश की बड़ी खबरें - फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स

सुप्रीम कोर्ट ने प्राकृतिक गैस की आपूर्ति से जुड़े करीब दो दशक पुराने विवाद में रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) की अपील खारिज करते हुए उस पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ ने कहा कि कंपनी की ओर से बार-बार आपत्तियां उठाए जाने के कारण मुकदमे की कार्यवाही सबूत के चरण से आगे नहीं बढ़ सकी। पीठ ने कहा कि 2005 में दायर यह मामला दो दशक बाद भी सबूत के चरण में है।

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अपील खारिज, कोर्ट ने कहा- लगातार आपत्तियां उठा कार्यवाही को आगे नहीं बढ़ने दिया
अदालत के अनुसार, दस्तावेजों की खोज और निरीक्षण से जुड़े मामलों में चार साल लगे, आंतरिक दस्तावेजों के उत्पादन से जुड़े विवाद में एक साल से अधिक समय लगा और साक्ष्यों को हटाने से संबंधित मुकदमेबाजी करीब तीन साल चली। अदालत ने कहा कि हर चरण में कार्यवाही में रुकावट आई। पीठ ने टिप्पणी की कि रिलायंस के पास मुकदमे को आगे बढ़ने से रोकने के लिए आपत्तियां उठाने की क्षमता मानो असीमित है और उसके पास मुकदमेबाजी के लिए वित्तीय संसाधनों की भी कमी नहीं है। पीठ ने रिलायंस को पांच सप्ताह के भीतर 10 लाख रुपये सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स-ऑन-रिकॉर्ड एसोसिएशन को देने का आदेश दिया। 
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बॉम्बे हाईकोर्ट ने दिए थे रिकॉर्ड हटाने के निर्देश
मौजूदा अपील बॉम्बे हाईकोर्ट के अगस्त 2024 के आदेश से संबंधित थी। हाईकोर्ट ने रिलायंस के गवाह बीके गांगुली के दो हलफनामों के कुछ हिस्सों को रिकॉर्ड से हटाने का निर्देश दिया था। इन हिस्सों में आंतरिक ईमेल, बैठकों और संचार का उल्लेख था, जिन्हें पहले अनुबंध के निष्कर्ष पर पहुंचने के सवाल पर अप्रासंगिक माना जा चुका था। सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट को मुकदमे का जल्द से जल्द निपटारा करने का निर्देश दिया।
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साक्ष्य अधिनियम वाली अपील भी खारिज
पीठ ने साक्ष्य अधिनियम की धारा 60 का हवाला देकर इस मुद्दे को फिर से खोलने की रिलायंस की दलील भी खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि यही दलील 2019 में भी उसके सामने रखी गई थी और वह उस फैसले पर दोबारा विचार करने के लिए इच्छुक नहीं है। पीठ ने कहा, हाईकोर्ट ने उसके 2019 के निर्देशों को न तो गलत समझा और न ही गलत तरीके से लागू किया।

क्या है पूरा मामला?
यह मामला एनटीपीसी लिमिटेड की ओर से 2005 में दायर मुकदमे से जुड़ा है। एनटीपीसी ने अपने बिजली संयंत्रों के लिए प्राकृतिक गैस की आपूर्ति हेतु निविदा जारी की थी। रिलायंस ने वित्तीय प्रस्ताव दिया, जिसके बाद जून 2004 में एनटीपीसी ने उसे आशय पत्र जारी किया। रिलायंस ने इसे स्वीकार किया, लेकिन गैस बिक्री एवं खरीद समझौते की शर्तों को अंतिम रूप दिए जाने की बात रखी। बाद में एनटीपीसी ने अदालत का रुख कर दावा किया कि 17 वर्षों में 132 ट्रिलियन ब्रिटिश थर्मल यूनिट (बीटीयू) प्राकृतिक गैस की आपूर्ति के लिए बाध्यकारी अनुबंध अस्तित्व में आ चुका था। उसका आरोप था कि रिलायंस ने आशय पत्र के तहत अपनी जिम्मेदारियां पूरी नहीं कीं।

लड़ते-लड़ते थक गए होंगे, शांति बहाली और सड़कें खोलने पर सोचें: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने मणिपुर में तीन साल से अधिक समय से जारी जातीय हिंसा के बीच शुक्रवार को कुकी और मैतेई समुदायों से शांति बहाल करने की सलाह दी। शीर्ष अदालत ने कहा, आप लोग लड़ते-लड़ते थक गए होंगे, अब राज्य में बंद सड़कों व राजमार्गों को खोलने के बारे में सोचें।

मणिपुर के कुकी व मैतेई समुदायों को सीजेआई की सलाह
सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत की पीठ ने कहा, दोनों पक्ष काफी मुश्किलें झेल चुके हैं और सड़कें बंद रखने से किसी का हित नहीं होगा। दोनों समूहों ने काफी कठिनाइयां झेली हैं। शांति बहाल करने और सड़कों व राजमार्गों को चालू करने पर विचार करें। क्योंकि राजमार्ग किसी भी क्षेत्र की जीवनरेखा होते हैं, इनके जरिये जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति होती है। पीठ ने दोनों पक्षों से दो सप्ताह के भीतर राज्य में बंद सड़कों की जानकारी और उन्हें खोलने के सुझाव देने को कहा। उसने केंद्र सरकार और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएसएआई) को भी मामले में पक्षकार बनाया।

एनएच की नाकेबंदी गंभीर मुद्दा
सीजेआई ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों की नाकेबंदी गंभीर मुद्दा है, लेकिन अदालत के सीधे आदेश से सड़कें खुलवाने के प्रयास में लोगों की जान जाने का खतरा हो सकता है। पीठ ने कहा कि दोनों समूहों को मिलकर राजमार्ग खोलने की दिशा में काम करना होगा। कुकी संगठन के वकील आनंद ग्रोवर ने कहा कि उनका पक्ष किसी भी तरह की हिंसा और हत्याओं के खिलाफ है तथा वह शांति और सड़कों व राजमार्गों को खोलने के पक्ष में है।

तेलंगाना में दंपती की हत्या के मामले में कांस्टेबल समेत दो गिरफ्तार
तेलंगाना के सूर्यापेट जिले में एक दंपती की कथित हत्या के मामले में एक कांस्टेबल समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, घटना 11 अगस्त की रात मोथे गांव के बाहरी इलाके में हुई थी। अगले दिन स्थानीय लोगों ने एक कृषि क्षेत्र में 40 वर्ष की उम्र के आसपास के दंपती के आधे दबे शव देखे।

सूचना मिलने पर पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं। स्थानीय गांव के अधिकारियों के साथ मिलकर शवों को बाहर निकाला गया और उनकी पहचान की गई। इसके बाद जांच शुरू की गई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से 24 घंटे के भीतर दोहरे हत्याकांड का खुलासा कर दिया। दोनों आरोपियों, एक कांस्टेबल और मोथे गांव के एक अन्य निवासी को सूर्यापेट के नए बस स्टैंड के पास हिरासत में लिया गया। बाद में दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान दोनों ने अपराध "कबूल" किया। पुलिस ने बताया कि दंपती पारिवारिक विवादों के सिलसिले में मोथे थाने आते थे। उन्होंने कांस्टेबल को बताया था कि उनका दामाद पैसों के लिए उन्हें परेशान कर रहा है और आर्थिक मदद मांगी थी। कांस्टेबल ने उन्हें करीब तीन लाख रुपये दिए थे। एक पुलिस अधिकारी के अनुसार, रकम वापस नहीं करने और कांस्टेबल के खिलाफ मामला दर्ज कराने की धमकी देने के बाद उसने दंपती की हत्या की योजना बनाई। 

असम में नदी में नहाते समय पांचवीं कक्षा के दो छात्रों की डूबने से मौत
असम के सोनितपुर जिले में शुक्रवार को मोराबरहाली नदी में नहाते समय पांचवीं कक्षा के दो छात्रों की डूबने से मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, दोनों छात्र एक अन्य दोस्त के साथ स्कूल से लौटने के बाद तेजपुर में नदी में नहाने गए थे। जो लड़का तैरकर सुरक्षित बाहर निकल आया, वह घटना की जानकारी देने के लिए तुरंत घर पहुंचा। स्थानीय लोगों ने बचाव अभियान शुरू किया और करीब 12 साल के दोनों बच्चों को नदी से बाहर निकाला। पुलिस अधिकारी ने बताया कि दोनों को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतकों की पहचान इरफान अली और सुल्तान अंसारी के रूप में हुई है। अधिकारी ने बताया कि घटना की जांच शुरू कर दी गई है।

ओडिशा में हाथियों के हमले में तीन साल के बच्चे की मौत, महिला घायल
ओडिशा के मयूरभंज जिले में हाथियों के अलग-अलग हमलों में तीन साल के बच्चे की मौत हो गई और एक महिला घायल हो गई। अधिकारियों के अनुसार, झारखंड से 27 जंगली हाथियों का झुंड ओडिशा में दाखिल हुआ और जिले के करंजिया वन क्षेत्र में उत्पात मचाया। मृत बच्चे की पहचान पूर्णचंद्र लागुरी के रूप में हुई है। अधिकारियों ने बताया कि हाथियों के झुंड ने एक घर की दीवार को धक्का दिया, जिससे वह गिर गई। उस समय बच्चा अंदर सो रहा था और उसकी मौत हो गई। बच्चे को करंजिया उपमंडलीय अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जिले में एक अन्य घटना में जंगली हाथियों के झुंड ने सुबह करीब 6:30 बजे 18 वर्षीय मंजुलता बेहरा पर हमला कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि मंजुलता बाल-बाल बच गईं, लेकिन उनकी रीढ़ में गंभीर चोट आई है। उन्हें पहले करंजिया अस्पताल ले जाया गया और बाद में क्योंझर जिला मुख्यालय अस्पताल रेफर कर दिया गया।

कर्नाटक भाजपा विधायक की बेटी पर महिला एसआई से गाली-गलौज और मारपीट का मामला दर्ज
कर्नाटक के भाजपा विधायक बी. सुरेश गौड़ा की बेटी के खिलाफ मांड्या में एक मंदिर में विवाद के बाद महिला पुलिस उपनिरीक्षक (एसआई) से कथित तौर पर गाली-गलौज और मारपीट करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस के अनुसार, कथित घटना 12 अगस्त को भीम अमावस्या के अवसर पर आयोजित समारोह के दौरान उक्कड़ा स्थित मरम्मा मंदिर में हुई। मंदिर में सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात महिला पुलिस अधिकारी ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि सहायक पुलिस आयुक्त से विवाहित ऐश्वर्या ने कतार में लगे बिना सीधे गर्भगृह में जाने की अनुमति मांगी।

शिकायत के अनुसार, एसआई ने जब अन्य लोगों को परेशानी से बचाने के लिए ऐश्वर्या से इंतजार करने को कहा तो उन्होंने खुद को विधायक की बेटी बताया और पूछा कि उन्हें क्यों रोका जा रहा है। इसके बाद कथित तौर पर बहस बढ़ गई। ऐश्वर्या ने महिला एसआई को गाली दी और उसके सिर पर हमला किया। महिला अधिकारी ने यह भी आरोप लगाया कि विधायक की बेटी ने उन्हें धमकी दी और सरकारी ड्यूटी करने से रोका। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि एसआई की शिकायत के आधार पर क्यातानहल्ली पुलिस ने विधायक की बेटी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। इनमें सरकारी कर्मचारी पर हमला, साधारण चोट पहुंचाना, जानबूझकर अपमान और आपराधिक धमकी देने से संबंधित धाराएं शामिल हैं।

ऐश्वर्या ने भी जवाबी शिकायत दर्ज कराई है और उनके आरोपों की जांच शुरू कर दी गई है। हालांकि, उनकी शिकायत पर अभी प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है। अधिकारी ने कहा कि जांच के नतीजे के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। तुमकुरु ग्रामीण से विधायक गौड़ा ने शुक्रवार को यहां पत्रकारों से बातचीत में अपनी बेटी के आचरण के लिए माफी मांगी। उन्होंने कहा कि अगर उनकी बेटी ने गलती की है तो यह गलत है और गलती करने वाले को कानून के अनुसार परिणाम भुगतने चाहिए। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी दो छोटे बच्चों के साथ मंदिर गई थी और उसने पुलिस अधिकारी से कुछ समय के लिए अंदर जाने देने का अनुरोध किया था, क्योंकि कतार में इंतजार करने के दौरान बच्चे परेशानी पैदा कर सकते थे।

गौड़ा ने दावा किया कि उनके आगे किसी अन्य व्यक्ति को अंदर जाने दिया गया था। इसके बाद उनकी बेटी ने सवाल किया कि उसे अंदर जाने की अनुमति क्यों नहीं दी जा रही है। विधायक ने कहा कि इसके बाद बहस बढ़ गई, लेकिन राजनीतिक परिवार और सार्वजनिक जीवन से जुड़े व्यक्ति के तौर पर उनकी बेटी को संयम बरतना चाहिए था। उन्होंने कहा, "अगर मेरी बेटी ने कोई गलती की है तो मैं उसकी ओर से माफी मांगता हूं।" उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों को सम्मानजनक व्यवहार करना चाहिए और अहंकार नहीं दिखाना चाहिए।

गौड़ा ने अधिकारियों से घटना की विभागीय जांच करने और दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करने का भी अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी की जवाबी शिकायत को शुरुआत में प्राथमिकी के रूप में दर्ज नहीं किया गया था और उन्होंने यह मामला पुलिस महानिदेशक के सामने उठाया है।

पश्चिम बंगाल में लागू होगी ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ योजना: शुभेंदु अधिकारी
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को कहा कि राज्य की बेटियां केंद्र सरकार की ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ योजना के दायरे में आएंगी। उन्होंने कहा कि पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार ने इसे लागू नहीं किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2015 में ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ योजना शुरू की थी। इसका उद्देश्य बाल लिंगानुपात में गिरावट को रोकना और उसे सुधारना है। मुख्यमंत्री ने यहां ‘कन्यारत्न दिवस’ की शुरुआत करते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने लड़कियों के सशक्तीकरण और शिक्षा तथा छात्राओं के स्कूल छोड़ने की समस्या को रोकने के लिए कई कदम उठाए हैं। 

पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार के दौरान 14 अगस्त को ‘कन्याश्री दिवस’ के रूप में मनाया जाता था। यह कन्याश्री वित्तीय सहायता योजना की सफलता को चिह्नित करने के लिए आयोजित किया जाता था। राज्य सरकार ने हाल ही में इस योजना को नया नाम दिया है। अगले शैक्षणिक सत्र से स्कूली छात्राओं की वार्षिक छात्रवृत्ति 1,000 रुपये से बढ़ाकर 2,000 रुपये कर दी गई है। वहीं 18 साल की होने वाली अविवाहित महिलाओं के लिए 25,000 रुपये की एकमुश्त वित्तीय सहायता जारी रहेगी। उन्होंने कहा, "अब से पश्चिम बंगाल में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ लागू की जाएगी। पहले की सरकार ने इसे लागू नहीं किया था।"

कर्नाटक विधानसभा अध्यक्ष चुने गए जीएस पाटिल, भाजपा-जेडीएस ने किया चुनाव का बहिष्कार
कांग्रेस विधायक जीएस पाटिल शुक्रवार को कर्नाटक विधानसभा के अध्यक्ष चुने गए। जीएस पाटिल के नाम का प्रस्ताव मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने रखा और उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने इसका समर्थन किया। कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे प्रोटेम स्पीकर टीबी जयचंद्र ने ध्वनिमत से पाटिल के अध्यक्ष चुने जाने की घोषणा की। विपक्षी भाजपा और जेडीएस ने अध्यक्ष पद के चुनाव का बहिष्कार किया। चुनाव के दौरान दोनों दलों के सदस्य सदन में मौजूद नहीं थे। 3 जून को शिवकुमार के नेतृत्व वाली मंत्रिपरिषद में शामिल किए जाने से पहले यूटी खादर के इस्तीफे के बाद अध्यक्ष का पद खाली हुआ था। पाटिल गडग जिले के रोन विधानसभा क्षेत्र से चार बार विधायक रह चुके हैं।

गुजरात में दूध टैंकर से कार की टक्कर, एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत
गुजरात के माहीसागर जिले में शुक्रवार को एक कार की दूध ले जा रहे टैंकर से टक्कर हो गई। हादसे में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि हादसा दोपहर में संतरामपुर-लुनावाड़ा मार्ग पर हुआ। माहीसागर के पुलिस अधीक्षक सफीन हसन ने बताया, "प्रथम दृष्टया, दाहोद का एक परिवार तीन सदस्यों के साथ तेज रफ्तार कार से लुनावाड़ा के लीलावती अस्पताल जा रहा था। इसी दौरान कार की सामने से आ रहे दूध टैंकर से टक्कर हो गई।" उन्होंने बताया कि हादसे में हार्दिक प्रजापति (22), उनकी मां पुष्पा प्रजापति और दादी सविता प्रजापति की मौके पर ही मौत हो गई। मामले की जांच जारी है।

भुवनेश्वर एयरपोर्ट पर फ्लाइट रद्द होने के बाद महिला ने किया हंगामा, एफआईआर दर्ज
भुवनेश्वर एयरपोर्ट पर शुक्रवार को एक महिला यात्री ने कोलकाता जाने वाली फ्लाइट रद्द होने के बाद हंगामा किया। उसने एयरलाइन कर्मचारियों पर चिल्लाने के साथ कन्वेयर बेल्ट पर चढ़कर कुछ सामान भी फेंका। महिला के खिलाफ कथित तौर पर सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और एयरलाइन के काउंटर पर कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। महिला के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। बताया गया कि कोलकाता में उसके घर पर उसका बच्चा बीमार था और वह एयरलाइन कर्मचारियों पर जोर-जोर से चिल्ला रही थी।

कई यात्रियों ने आरोप लगाया कि दोपहर 2:35 बजे की निर्धारित फ्लाइट को गुरुवार शाम 5:30 बजे रद्द किया गया, लेकिन उन्हें समय पर इसकी जानकारी नहीं दी गई। यहां बीजू पटनायक अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि भुवनेश्वर-कोलकाता फ्लाइट तकनीकी कारणों से पहले देरी से चली और बाद में रद्द कर दी गई। उन्होंने कहा, "फ्लाइट रद्द होने से नाराज महिला ने संबंधित एयरलाइन के कर्मचारियों पर चिल्लाना शुरू कर दिया। एयरपोर्ट प्राधिकरण ने यात्री के खिलाफ एयरपोर्ट पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उस पर सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार करने, कन्वेयर बेल्ट पर चढ़ने और बिना किसी उकसावे के एयरपोर्ट की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप है।"

केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के अधिकारियों ने हस्तक्षेप कर स्थिति को संभाला। बाद में यात्री नई दिल्ली के रास्ते कनेक्टिंग फ्लाइट से कोलकाता गई। अधिकारी ने बताया कि फ्लाइट संचालक ने यात्रियों के लिए खाने-पीने की व्यवस्था की और मुआवजे के तौर पर 5,000 रुपये के फ्लाइट कूपन दिए। एयरपोर्ट पुलिस थाने के आईआईसी रवींद्रनाथ मेहर ने कहा, "हमने एफआईआर दर्ज कर ली है और जांच जारी है।" रिपोर्ट दाखिल किए जाने तक संबंधित एयरलाइन ने इस मामले पर कोई बयान जारी नहीं किया था।

ओडिशा के गंजाम में सरकारी क्वार्टर में जेल वार्डर मृत मिला
ओडिशा के गंजाम जिले में शुक्रवार को एक जेल वार्डर अपने सरकारी क्वार्टर में मृत मिला। मृतक की पहचान आस्का के पास नुआपल्ली निवासी 35 वर्षीय शिवानंद स्वैन के रूप में हुई है। अधिकारियों ने बताया कि पुरी से तबादला होने के बाद उन्होंने पांच अगस्त को दिगपहांडी उप-जेल में ड्यूटी ज्वाइन की थी। स्वैन सरकारी क्वार्टर में अकेले रह रहे थे। वहीं उनका शव फंदे से लटका मिला। उनके परिवार के सदस्य उनके पैतृक गांव में रहते हैं। पाटापुर पुलिस थाने के प्रभारी निरीक्षक दीप्ति रंजन बेहरा ने कहा, "उनकी मौत का सही कारण जांच पूरी होने के बाद ही पता चलेगा।" उन्होंने बताया कि स्वैन के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

तीसरी मंजिल से गिरने से 19 वर्षीय छात्र की मौत
आईआईटी खड़गपुर में 19 वर्षीय छात्र अंकित शर्मा की मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, राजस्थान के नागौर निवासी अंकित मैकेनिकल इंजीनियरिंग के दूसरे वर्ष के छात्र थे। गुरुवार दोपहर वह संस्थान के नालंदा भवन की तीसरी मंजिल की छत से नीचे गिर गए। घटना के समय आसपास मौजूद छात्रों और अन्य लोगों ने तेज आवाज सुनी और उन्हें जमीन पर घायल अवस्था में पाया। उन्हें तुरंत कैंपस स्थित बीसी रॉय टेक्नोलॉजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि छात्र की गिरने की घटना दुर्घटनावश हुई या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी। परिवार को घटना की जानकारी दे दी गई है। शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।

'खनन विधेयक पर पुनर्विचार करे सरकार', झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पीएम मोदी से अपील
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 पर पुनर्विचार का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि राज्य लेवी पर प्रतिबंध से राजकोषीय स्थान काफी कम होगा। इससे खनन की सामाजिक और पर्यावरणीय लागतों को पूरा करने की राज्य की क्षमता प्रभावित होगी। सोरेन ने पत्र में बताया कि 2024-25 में खनन राजस्व राज्य के गैर-कर राजस्व का 84.9 फीसदी था। मिनरल बेयरिंग लैंड सेस से सालाना करीब 7,110 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने तर्क दिया कि खनिज संपदा का मूल्यांकन राज्य और उसके लोगों द्वारा वहन की जाने वाली भारी लागतों के साथ होना चाहिए। दशकों के बड़े पैमाने पर खनन से विस्थापन, पर्यावरणीय गिरावट और स्थानीय बुनियादी ढांचे पर दबाव पड़ा है। उन्होंने चेतावनी दी कि राजकोषीय संसाधनों का अचानक नुकसान राज्य के कल्याण और विकास कार्यक्रमों को बाधित कर सकता है। इससे सार्वजनिक असंतोष और सामाजिक तनाव पैदा होने की आशंका है।

इतिहासकार सुमित सरकार का निधन
प्रख्यात इतिहासकार सुमित सरकार का गुरुवार, 13 अगस्त को दिल्ली स्थित आवास पर निधन हो गया। वह 87 वर्ष के थे और उम्र संबंधी बीमारियों से पीड़ित थे। इतिहासकार और पारिवारिक मित्र जी अरुणिमा ने पीटीआई को यह जानकारी दी। उनके परिवार में पत्नी तानिका सरकार और पुत्र आदित्य सरकार हैं। सुमित सरकार का जन्म 1939 में इतिहासकार सुशोभन सरकार के घर हुआ था। उन्होंने कोलकाता के प्रेसीडेंसी कॉलेज और कोलकाता यूनिवर्सिटी से इतिहास का अध्ययन किया। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी में इतिहास के प्रोफेसर के रूप में सबसे लंबे समय तक कार्य किया। उनकी प्रमुख कृतियों में "द स्वदेशी मूवमेंट इन बंगाल", "मॉडर्न इंडिया: 1885–1947" और "राइटिंग सोशल हिस्ट्री" शामिल हैं। इन कार्यों ने उन्हें उपनिवेशवाद, राष्ट्रवाद और स्वतंत्रता आंदोलन पर एक आधिकारिक आवाज के रूप में स्थापित किया। मार्क्सवादी इतिहासकार के रूप में, वे स्वदेशी आंदोलन के अध्ययनों के लिए जाने जाते हैं। उन्हें 2004 में "राइटिंग सोशल हिस्ट्री" के लिए रवींद्र पुरस्कार मिला था, जिसे उन्होंने 2007 में किसानों के प्रति सरकार के व्यवहार के विरोध में लौटा दिया था। राज्यसभा सांसद मनोज कुमार झा ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।

SIR को लेकर मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने जताई चिंता, कहा- 21 फीसदी वोट कटने की आशंका
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने गुरुवार को कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया में करीब 21 फीसदी वोट हटाए जा सकते हैं। उन्होंने कांग्रेस नेताओं की जिम्मेदारी में कमी को इसका कारण बताया। रेड्डी ने सत्तारूढ़ कांग्रेस नेताओं के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने प्रभारी मंत्रियों को जिलों में समीक्षा कर हर निर्वाचन क्षेत्र की रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया। पार्टी के प्रभारी व्यक्तियों को चार दिन अपने निर्वाचन क्षेत्रों में रहकर मुद्दों को हल करने को कहा। रेड्डी ने एआईसीसी निर्देशों के अनुरूप कार्य योजना में विफलता पर कार्रवाई की चेतावनी दी। उन्होंने नेताओं को बीआरएस और बीजेपी द्वारा वोट हटाने की कथित साजिश का पर्दाफाश करने का भी निर्देश दिया। मुख्य निर्वाचन अधिकारी सी सुदर्शन रेड्डी ने 11 अगस्त को बताया कि 3,38,26,448 मतदाताओं में से 73,39,234 (21.70 फीसदी) प्रगणक फॉर्म "असंग्रहणीय" पाए गए। SIR का काम 25 जून को शुरू होकर 10 अगस्त को समाप्त हुआ, मसौदा सूची 17 अगस्त को प्रकाशित होगी।

ओडिशा में पुरी स्टेशन के पास पटरी से उतरी तालचेर-पुरी मेमू ट्रेन, कोई घायल नहीं
ईस्ट कोस्ट रेलवे ने एक बयान में कहा कि शुक्रवार दोपहर पुरी रेलवे स्टेशन के पास तालचेर-पुरी मेमू पैसेंजर ट्रेन पटरी से उतर गई। हालांकि, इस घटना में किसी के घायल होने की खबर नहीं है। बयान में कहा गया है कि तालचेर-पुरी MEMU (ट्रेन नंबर 68413) के आगे वाले ट्रॉली का एक पहिया दोपहर 1.22 बजे पुरी रेलवे स्टेशन पर प्लेटफॉर्म नंबर 3 पर आते समय पटरी से उतर गया। इसमें कहा गया है कि सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और ट्रेन को दोपहर 3.32 बजे वापस पटरी पर लाया गया। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि किसी को चोट नहीं आई और अन्य ट्रेनों की आवाजाही पर भी कोई असर नहीं पड़ा।

कांग्रेस विधायक महेश ने सीट बेल्ट न लगाने के लिए मांगी माफी
तमिलनाडु में कांग्रेस विधायक सी आर महेश ने शुक्रवार को सीट बेल्ट न लगाकर यात्रा करने के लिए माफी मांगी। उन्होंने कहा कि यह ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन था और उन्हें अपनी इस गलती पर अफसोस है। करुनागप्पल्ली के विधायक ने फेसबुक पोस्ट में कहा कि सीट बेल्ट के बिना यात्रा करना कानून के खिलाफ है और उन्होंने माना कि उनसे यह गलती हुई थी। उन्होंने फेसबुक पोस्ट में कहा, "कई लोग जान-बूझकर या अनजाने में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करते हैं। हालांकि, चुने हुए प्रतिनिधियों को ऐसी गलतियां नहीं करनी चाहिए।" महेश ने बताया कि उन्हें याद है कि यह उल्लंघन तब हुआ था जब वह हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों से पहले पुथुपल्ली चर्च में केरल के पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी की समाधि पर जा रहे थे। उन्होंने कहा कि जहां तक उन्हें याद है, चुनाव लड़ने के समय उन्होंने ऐसे सभी मामलों में जुर्माना भर दिया था। उन्होंने कहा, "अगर ऐसा नहीं हुआ है, तो मैं यह पक्का करूंगा कि जुर्माना भर दिया जाए और आगे ऐसी गलती न हो, इसका ध्यान रखूंगा।" महेश ने कहा कि मैं इस घटना के लिए माफी मांगता हूं और गलती बताने के लिए मीडिया का धन्यवाद करता हूं।

'पागलपन में बदल रहा है राहुल गांधी का अहंकार', मोदी की विदेश नीति पर कांग्रेस नेता की टिप्पणी पर भाजपा का पलटवार
भाजपा ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी की उस टिप्पणी के लिए उनकी आलोचना की, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विदेश नीति को संभालने के तरीके पर सवाल उठाए थे। भाजपा ने कहा कि ऐसा लगता है कि उनका अहंकार अब पागलपन में बदल रहा है। भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, "देश को यह तय करना होगा कि राहुल गांधी ने जो किया है, वह क्या मोदी के प्रति जलन से भरे एक निराश, विक्षिप्त और ईर्ष्यालु व्यक्ति की बचकानी हरकत है, या फिर सीमा पार की ताकतों द्वारा रची गई एक सुनियोजित साजिश में मोहरे के तौर पर काम कर रहे किसी व्यक्ति का नापाक काम है।"

विश्व-भारती कैंपस में गड़बड़ी के आरोप वाले पोस्टर दिखे; सेंट्रल यूनिवर्सिटी ने आरोपों को नकारा
पश्चिम बंगाल की विश्व-भारती यूनिवर्सिटी में भर्ती में गड़बड़ी के आरोप वाले पोस्टर कैंपस में देखे गए हैं, जिससे संस्थान में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। एक फैकल्टी मेंबर ने शुक्रवार को बताया कि 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के नाम से लगाए गए इन पोस्टरों में असिस्टेंट रजिस्ट्रार की नियुक्ति और बंगाली, अंग्रेज़ी और हिंदी विभागों में भर्ती में गड़बड़ी का आरोप लगाया गया है। हालांकि, फैकल्टी मेंबर ने कहा कि ये पोस्टर किसी खास मकसद वाले लोगों की करतूत हो सकते हैं। यूनिवर्सिटी ने इन आरोपों को झूठा और बेबुनियाद बताया। विश्व-भारती के पब्लिक रिलेशंस ऑफिसर अतिग घोष ने शुक्रवार को कहा कि यूनिवर्सिटी "गुमनाम और बेबुनियाद पोस्टरों" पर कोई टिप्पणी नहीं करेगी, क्योंकि उन पर इन्हें लगाने वालों के नाम या जानकारी नहीं दी गई है।

इन पोस्टरों की सच्चाई और इनके पीछे के लोगों की पहचान की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी। यह घटनाक्रम सेंट्रल यूनिवर्सिटी में भर्ती से जुड़े मुद्दों पर चल रही जांच के बीच सामने आया है, और हालिया पोस्टरों ने संस्थान में नियुक्तियों से जुड़े विवाद को और बढ़ा दिया है।

'सूरत में मारपीट और आरोपियों को सबके सामने घुमाने के मामले की निष्पक्ष जांच के लिए हो डीसीपी का तबादला', गुजरात हाईकोर्ट की टिप्पणी
गुजरात हाई कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि सूरत में हथकड़ी पहने आरोपियों को सबके सामने थप्पड़ मारने और पीटने के आरोपी डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस का तुरंत तबादला किया जाना चाहिए, ताकि घटना की निष्पक्ष जांच हो सके। चीफ जस्टिस सुनीता अग्रवाल और जस्टिस डीएन रे की डिवीजन बेंच ने एक वकील की लिखित शिकायत का संज्ञान लेने के बाद 14 जुलाई की घटना पर स्वतः संज्ञान लेते हुए एक जनहित याचिका पर सुनवाई की। यह मामला एक ऐसी घटना से जुड़ा है जिसमें एक डीसीपी और पुलिसकर्मियों के एक समूह को वीडियो फुटेज में हथकड़ी पहने आरोपियों को सबके सामने घुमाते और बार-बार शारीरिक रूप से मारपीट करते हुए देखा गया था। सरकारी वकील ने बेंच को बताया कि यह मामला डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी) के ध्यान में आया था, जिन्होंने असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (क्राइम) के तहत जांच के आदेश दिए थे, और वीडियो में पहचाने गए सभी लोगों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं।

चीफ जस्टिस अग्रवाल ने अपनी मौखिक टिप्पणी में कहा कि अगर संबंधित पुलिस अधिकारी अपने पद पर बना रहता है तो घटना की शुरुआती जांच निष्पक्ष नहीं हो सकती। कोर्ट ने कहा, "मौके पर मौजूद लोगों के अलावा, कुछ पुलिसकर्मी भी गवाह रहे होंगे। वे बोलेंगे नहीं। वह इतने सीनियर अधिकारी हैं, और उन्होंने कुछ ऐसा किया जो स्वीकार्य नहीं है। आप अपनी शुरुआती जांच जारी रखें, लेकिन आपको उनका तबादला करना होगा। उन्हें कहीं और तैनात किया जाना चाहिए।" उन्होंने कहा कि यह घटना सार्वजनिक जगह पर हुई थी, और सभी ने इसे देखा था, और वीडियो भी वायरल हुए थे। इस मामले की अगली सुनवाई 21 अगस्त को होगी।
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