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Medical: सात दर्जन मानकों पर खरा उतरने वाले मेडिकल कॉलेज को रेटिंग देगी सरकार, NMC ने तैयार किया मसौदा

Wed, 14 May 2025 03:56 AM IST
दीपक कुमार शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Wed, 14 May 2025 03:56 AM IST
सार

राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने मेडिकल कॉलेजों की मान्यता और रेटिंग के लिए एक मसौदा तैयार किया है, जिसमें एक स्वतंत्र तृतीय-पक्ष एजेंसी के जरिये यह प्रक्रिया कराने की जानकारी दी है। एनएमसी ने मसौदा ढांचे पर हितधारकों से राय लेने का फैसला किया है। एनएमसी ने कुल 78 मापदंडों की जानकारी दी है, जिनके आधार पर मेडिकल कॉलेजों की मान्यता और रैंकिंग तय की जाएगी।

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National Medical Commission prepared draft for accreditation and rating of medical colleges
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग - फोटो : एएनआई

विस्तार

देश में चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए सरकार ने प्रत्येक मेडिकल कॉलेज को रेटिंग देने का फैसला किया है। इसके लिए सरकार ने सात दर्जन से अधिक मानक तय किए हैं, जिनकी जांच के बाद कॉलेजों को रेटिंग दी जाएगी। इसका फायदा यह होगा कि आम लोग भी इस रेटिंग के जरिये कॉलेज की शिक्षा का स्तर, वहां का शैक्षणिक इतिहास और मौजूदा संकाय सदस्यों का अनुमान लगा सकेगा।

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दिल्ली स्थित राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने मेडिकल कॉलेजों की मान्यता और रेटिंग के लिए एक मसौदा तैयार किया है, जिसमें एक स्वतंत्र तृतीय-पक्ष एजेंसी के जरिये यह प्रक्रिया कराने की जानकारी दी है। एनएमसी ने मसौदा ढांचे पर हितधारकों से राय लेने का फैसला किया है। एनएमसी ने कुल 78 मापदंडों की जानकारी दी है, जिनके आधार पर मेडिकल कॉलेजों की मान्यता और रैंकिंग तय की जाएगी।
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सुझाव-आपत्तियां मिलने के बाद अधिसूचना जारी करेगा आयोग
एनएमसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हितधारकों से सुझाव और आपत्तियां मिलने के बाद आयोग अधिसूचना जारी करेगा। इन मापदंडों में पाठ्यक्रम कार्यान्वयन और क्षमता निर्माण गतिविधियां, नैदानिक अनुभव, प्रशिक्षण, इंटर्नशिप और शिक्षण-अध्ययन वातावरण आदि शामिल हैं। इनके अलावा, कॉलेज को संबंधित विषयों में सिद्धांत, व्यावहारिक और नैदानिक अनुभवों को निर्धारित योग्यता के साथ संरेखित करना होगा। साथ ही प्रीक्लिनिकल, पैराक्लिनिकल और क्लिनिकल विषयों के लिए निर्धारित योग्यताओं पर भी काम करना होगा।

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बेहतर कार्य करने वाले कॉलेजों की दावेदारी होगी मजबूत
इसी तरह, एनएमसी ने मेडिकल कॉलेजों की रेटिंग में संकाय सदस्यों को भी शामिल किया है जिसके तहत कॉलेजों को शिक्षण योजना, पाठ्यक्रम योजना, छात्रों की लॉगबुक, वैकल्पिक रूप से तय शिक्षण उद्देश्य और गतिविधियों की सूची प्रस्तुत करनी होगी। बीते दो साल में जिन कॉलेजों ने बेहतर कार्य करने के लिए राष्ट्रीय या फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्वतंत्र संगठनों के साथ करार किया है तो उन्हें बेहतर रेटिंग की दावेदारी बढ़ जाएगी।

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