National Herald Case: शिवसेना ने मोदी सरकार पर कसा तंज, कहा-नेहरू को नोटिस मिलने के बाद शांत होंगी कुछ आत्माएं
सामना में कहा गया है कि यह धन कमाने के लिए शुरू किया गया व्यवसाय नहीं था। यह स्वतंत्रता संग्राम के लिए शुरू किया गया एक मिशन था। अब इस अखबार में गड़बड़ी के एक मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी को ईडी ने समन भेजा है।
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नेशनल हेराल्ड केस में राहुल गांधी को ईडी का समन मिलने के बाद शिवसेना ने मोदी सरकार पर हमला किया है। शिवसेना नेता संजय राउत मे शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' में संपादकीय लिखकर मोदी सरकार को आड़े हाथों लिया है। शिवसेना ने निशाना साधते हुए कहा कि अब इस प्रकरण में खुद पंडित जवाहरलाल नेहरू को ही नोटिस देकर उसे उनके स्मारक पर चिपका दिया जाए तो इस पर हैरानी नहीं होनी चाहिए! लेख में शिवसेना नेता ने कहा कि पंडित नेहरू द्वारा शुरू किए गए नेशनल हेराल्ड का महत्व राजनीतिक रूप से बहुत पहले ही खत्म हो चुका है, इसके बावजूद इस पर राजनीति की जा रही है।
मोदी सरकार पर कसा तंज
संपादकीय में शिवसेना ने मोदी सरकार पर तंज कसते हुए आगे कहा कि यह सिर्फ संपत्ति नहीं है, राजनीति के वर्तमान व्यापारियों की समझ में कभी नहीं आएगा। सामना में शिवसेना ने कहा कि नेशनल हेराल्ड अखबार देश के स्वतंत्रता संग्राम के लिए शुरू किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य अंग्रेजों को भारत से बाहर निकालना था। नेहरू ने इस अखबार को वर्ष 1937 में शुरू किया था। उस समय नेहरू, महात्मा गांधी और सरदार पटेल इसके मुख्य स्तंभ थे। द हेराल्ड उस समय स्वतंत्रता संग्राम के मुखर प्रवक्ता के रूप में लोकप्रिय था। शिवसेना ने कहा कि इस मामले को अब ज्यादा महत्व देने की जरूरत नहीं है।
देश की स्वतंत्रता के लिए शुरू किया गया था
सामना में लिखे गए संपादकीय के मुताबिक, देश के स्वतंत्रता संग्राम के लिए इस समाचार पत्र को शुरू किया गया था। यह सेनानियों के लिए एक शस्त्र था। यह धन कमाने के लिए शुरू किया गया व्यवसाय नहीं था। यह स्वतंत्रता संग्राम के लिए शुरू किया गया एक मिशन था। अब इस अखबार में गड़बड़ी के एक मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी को ईडी ने समन भेजा है।
शिवसेना के मुखपत्र ने कहा कि नेशनल हेराल्ड पर सुब्रमण्यम स्वामी ने आरोप लगाया कि एक कंपनी 50 लाख रुपये के बजाय 2000 करोड़ रुपये की मालिक बन गई, जिसका कोई व्यवसाय नहीं था। अन्य निवेशकों के साथ ही मोतीलाल वोरा, ऑस्कर फर्नांडीस और सैम पित्रोदा भी इसमें आरोपी बनाए गए। इस पूरे मामले में कहीं भी मनी लॉन्ड्रिंग नहीं हुई। फिर भी, ईडी ने इसमें दखल दिया। इस लेख में कहा गया कि नेशनल हेराल्ड मामले में लेन-देन कर्ज चुकाने के लिए किया गया था, कदाचार के लिए नहीं। इस पूरे मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी को आरोपी बनाया गया है। क्या नेहरू के नाम पर भी समन जारी होंगे और उनके स्मारक पर चिपकाए जाएंगे? पंडित नेहरू को ईडी और सीबीआई से नोटिस मिलने के बाद ही कुछ आत्माएं शांत होंगी।