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National Herald Case: किस केमिस्ट्री में फंस चुकी है कांग्रेस? एक राज जिसे मोदी, शाह और 'भगवान' ही जानते हैं

Jitendra Bhardwaj जितेंद्र भारद्वाज
Updated Thu, 28 Jul 2022 02:32 PM IST
सार

National Herald Case: राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा, जो भी सांसद, सदन के भीतर आवाज उठाता है, उसे सस्पेंड कर देते हैं। ये सरकार, जांच एजेंसी का दुरुपयोग कर रही है। यहां पर तिवारी ने सोनिया गांधी से चल रही पूछताछ को अप्रत्यक्ष तरीके से उठाया...

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National Herald Case: congress under pressure after adhir ranjan chowdhury use foul language on President
सोनिया गांधी - फोटो : ANI

विस्तार

कांग्रेस पार्टी की अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी पर 'ईडी' का शिकंजा कसता जा रहा है। कांग्रेस अध्यक्ष से तीन बार पूछताछ हो चुकी है। इससे पहले राहुल गांधी को भी कई दिन तक ईडी के सवालों की बौछार झेलनी पड़ी थी। विपक्ष का आरोप है कि केंद्र सरकार, जांच एजेंसियों को एक खास मकसद से उनके पीछे छोड़ रही है। विरोधी दलों के नेताओं को निशाने पर लेना, यह जांच एजेंसियों का दुरुपयोग है। भाजपा नेता व राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने अपने ट्वीट में लिखा, पीएमएलए को लेकर सुप्रीम कोर्ट का फैसला पी. चिदंबरम व अन्य नेताओं के लिए 'चिकन खुद फ्राई होने के लिए आने' जैसा है। दरअसल, पी. चिदंबरम ने ही यूपीए सरकार के कार्यकाल में ईडी को ऐसी शक्तियां दी थीं। अब कांग्रेस पार्टी के नेता ईडी और चिकन फ्राई की केमिस्ट्री में फंस चुके हैं। भाजपा ने अपने एक दांव से कांग्रेस पार्टी को अपनी रणनीति बदलने के लिए बाध्य कर दिया। कांग्रेस नेता, राहुल और सोनिया की पेशी को लेकर दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे थे। भाजपा ने कहा, ये सब एक परिवार को बचाने के लिए हो रहा है। इसके बाद कांग्रेस पार्टी ने अपने प्रदर्शन में महंगाई, जीएसटी, सदन में बोलने न देना आदि मुद्दों को भी उठा लिया।

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'सत्याग्रह' नहीं, बल्कि सच्चाई छिपाने की कोशिश

पिछले दिनों जब राहुल गांधी को ईडी दफ्तर में जाना पड़ा, तो कांग्रेस के सभी सांसद, मुख्यमंत्री और वरिष्ठ पदाधिकारी दिल्ली की सड़कों पर उतरे थे। कांग्रेस का कहना था कि ईडी, सरकार के कहने पर काम कर रही है। नेताओं को जानबूझकर परेशान किया जा रहा है। सोनिया गांधी से जब ईडी ने पूछताछ शुरू की तो कांग्रेस पार्टी, दोबारा से सड़कों पर प्रदर्शन करने लगी। बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने पीएमएलए एक्ट के प्रावधानों को चुनौती देने वाली सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया। इसके साथ ही ईडी के सभी अधिकारियों को भी बरकरार रखा गया है। कांग्रेस के लिए यह भी किसी चोट से कम नहीं था। इसके बाद भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा मैदान में आए। उन्होंने कहा, सुप्रीम कोर्ट ने पीएमएलए और ईडी के अधिकार क्षेत्र को बरकरार रखा है। कानून अपना काम कर रहा है। देश में एक परिवार है जो खुद को कानून से ऊपर रख कर चलता है। कांग्रेस का ये विरोध 'सत्याग्रह' नहीं, बल्कि सच्चाई छिपाने की कोशिश है। वे एक परिवार की रक्षा के लिए विरोध कर रहे हैं, देश के लिए नहीं।

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नड्डा के इस बयान से बाजी पलटती हुई नजर आई। कांग्रेस पार्टी को तुरंत अपने सत्याग्रह में महंगाई और देश के दूसरे मुद्दे जोड़ने पड़े। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा, अगर कांग्रेस नेताओं ने भ्रष्टाचार नहीं किया है तो उन्हें किस बात का डर है। कांग्रेस जो कर रही है, उससे तो चोरी व सीनाजोरी, भ्रष्टाचार भी और बवाल भी, नजर आता है।

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राहुल समेत दूसरे नेताओं ने भी ट्विटर पर उठाए ये मुद्दे

जब आम लोगों में भाजपा के ये शब्द तेजी से फैलने लगे कि दिल्ली में कांग्रेस का प्रदर्शन, देश के लिए नहीं, बल्कि एक परिवार को बचाने के लिए है तो पार्टी के बड़े नेताओं ने अपने बयानों में सुधार किया। टीवी चैनल पर दी जा रही बाइट में सोनिया के अलावा दूसरे मुद्दों को भी जगह मिलने लगी। राहुल गांधी ने कहा, सिलेंडर 1053 रुपये का क्यों, दही-अनाज पर जीएसटी क्यों, सरसों का तेल 200 रुपये क्यों। महंगाई और बेरोजगारी पर सवाल पूछने के अपराध में 'राजा' ने 57 सांसदों को गिरफ्तार किया और 23 सांसदों को सदन से निलंबित कर दिया। राजा को लोकतंत्र के मंदिर में सवाल से डर लगता है, पर तानाशाहों से लड़ना हमें बखूबी आता है। इसके अतिरिक्त पी. चिदंबरम ने मंगलवार को अपने ट्वीट में कहा, 'भाजपा पूछती है कि कांग्रेस सड़कों पर प्रदर्शन क्यों कर रही है। सोनिया गांधी ईडी के सामने पेश हो रही हैं। वह विरोध नहीं कर रही हैं। इसका विरोध कांग्रेस पार्टी कर रही है। जब हमारे नेता को परेशान किया जा रहा हो तो हमें विरोध करने का अधिकार है। बुधवार को चिदंबरम ने भी उज्ज्वला योजना का मुद्दा उठा दिया। उन्होंने कहा, उज्ज्वला योजना की सफलता का पैमाना लाभार्थी द्वारा 'री-फिल' करवाने की संख्या से ही मापा जा सकता है। आंकड़ों से पता चलता है कि लगभग 25 फीसदी लाभार्थी ही केवल 1, 2 या 3 गैस सिलेंडर, फिर से भरवाते हैं।

जयराम रमेश ने कहा, वो राज तो केवल 'तीन' जानते हैं

प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस सांसदों और दूसरे नेताओं को गिरफ्तार कर जब दिल्ली पुलिस कहीं ले जा रही थी, तो जयराम रमेश ने कहा, ये तीसरा दिन है। विजय चौक पर कानून का पालन करते हुए और शांतिपूर्ण ढंग से कांग्रेसी सांसद विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। कांग्रेस सांसदों को भगवान जाने (और प्रधानमंत्री, गृह मंत्री जाने) कहां ले जाया जा रहा है। ऐसा करके भारत में लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है। जयराम रमेश ने कहा, ये राज तो केवल यही 'तीन' जानते हैं। राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा, जो भी सांसद, सदन के भीतर आवाज उठाता है, उसे सस्पेंड कर देते हैं। ये सरकार, जांच एजेंसी का दुरुपयोग कर रही है। यहां पर तिवारी ने सोनिया गांधी से चल रही पूछताछ को अप्रत्यक्ष तरीके से उठाया। उसके साथ दूसरे मुद्दे भी उठाए। एक परिवार को बचा रही कांग्रेस, भाजपा की इस आक्रामक चाल के आगे कांग्रेस पार्टी कहीं ठहरती हुई नजर नहीं आई। राजनीतिक जानकार, रशीद किदवई कहते हैं, भाजपा ने सही मौके पर सही चोट कर दी। कांग्रेस पार्टी उसका मुकाबला नहीं कर सकी। राहुल और सोनिया की पेशी पर विपक्ष साथ क्यों नहीं आ रहा। कांग्रेस को यह सोचना चाहिए। कई दूसरे विपक्षी दलों के नेता भी ईडी के रडार पर हैं, इसके बावजूद वे कांग्रेस पार्टी के साथ नहीं आ रहे। कांग्रेस पार्टी को छोटे दलों के बीच एक भरोसा पैदा करना होगा।

अधीर रंजन की टिप्पणी से भाजपा हुई हमलावर

सोनिया गांधी की ईडी के समक्ष पेशी से बिफरी कांग्रेस पार्टी के गले में एक और मुसीबत आ गई है। कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने एक चैनल से बातचीत में 'राष्ट्रपति' को लेकर अशोभनीय टिप्पणी कर दी। हालांकि चौधरी ने गुरुवार को इस बारे में गलती होने की बात कही। भाजपा ने उनकी इसी टिप्पणी को मुद्दा बना लिया। भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने इसे देश का अपमान बताया है। स्मृति ईरानी ने कहा, इस मामले में सोनिया गांधी माफी मांगें। जब से द्रौपदी मुर्मू का नाम राष्ट्रपति उम्मीदवार के रूप में घोषित हुआ, तभी से ही द्रौपदी मुर्मू, कांग्रेस पार्टी की घृणा और उपहास का शिकार बनीं। कांग्रेस पार्टी ने उन्हें कठपुतली कहा। बतौर स्मृति ईरानी, कांग्रेस आज भी इस बात को स्वीकार नहीं कर पा रही कि एक आदिवासी महिला इस देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद को सुशोभित कर रही हैं। चौधरी के बयान पर सोनिया गांधी ने कहा, अधीर रंजन चौधरी माफी मांग चुके हैं। भाजपा सांसदों ने दोनों सदनों में इस मुद्दे पर हंगामा कर दिया। गतिरोध के चलते दोनों सदनों की कार्यवाही कुछ देर के लिए स्थगित करनी पड़ी।

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