पासिंग आउट परेड: नौसेना प्रमुख बोले- युद्ध की बदलती प्रकृति को देखते हुए सेना में एकजुटता महत्वपूर्ण
आज राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के 140वें बैच की पासिंग आउट परेड हुई। महाराष्ट्र, केरल और तमिलनाडु के प्रशिक्षण केंद्रों से पासिंग आउट परेड के कई तस्वीरें सामने आईं।
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आज राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के 140वें बैच की पासिंग आउट परेड हुई। इस परेड में नौसेना प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह रिब्यू-ऑफिसर और मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। बता दें कि शुक्रवार को 140वें बैच का दीक्षांत समारोह किया गया था। इस समारोह में सिक्किम विश्वविद्यालय के चांसलर लेफ्टिनेंट जनरल डीबी शेकातकर मुख्य अतिथि के तौर पर आए थे।
यहां कुल 215 कैडेट्स को जवाहरलाल नेहरू विश्व विद्यालय की डिग्री दी गई। इसमें साइंस स्ट्रीम के 48 कैडेट, कंप्यूटर साइंस के 93 और आर्ट के 74 कैडेट शामिल थे। इसके अलावा पड़ोसी मित्र देशों के 18 कैडेट भी शामिल थे। बता दें कि हैदराबाद में एक साल की ट्रेनिंग पूरी करने के बाद नौसेना और वायुसेना के कैडेट्स को उनकी डिग्री दी जाएगी।
Maharashtra: National Defence Academy holds passing out parade of 140th course.
— ANI (@ANI) May 29, 2021
Navy chief Admiral Karambir Singh was also present. pic.twitter.com/AdsuuJYV42
केरल के एझिमाला में पासिंग आउट परेड का हुआ आयोजन
Kerala: Passing out parade underway at Indian Naval Academy, Ezhimala pic.twitter.com/5oS5KmUyYj
— ANI (@ANI) May 29, 2021
तमिलनाडु के चेन्नई में पासिंग आउट परेड हुई
Tamil Nadu: Passing out parade held at Officers Training Academy in Chennai pic.twitter.com/IVVatjnELv
— ANI (@ANI) May 29, 2021
नौसेना प्रमुख ने कैडेट्स को किया संबोधित
नौसेना प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह ने शनिवार को तीनों रक्षा बलों की ‘‘एकजुटता’’ (ज्वाइंटनेस) का आह्वान करते हुए कहा कि पहले की तुलना में आज के समय में युद्ध की बदलती प्रकृति को देखते हुए यह कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है। उन्होंने कहा, ‘‘युद्ध की प्रकृति बदल रही है और थल, जल, वायु, अंतरिक्ष और साइबर जैसे सभी क्षेत्रों में तमाम विपरित परिस्थितियों में इसकी भागीदारी अहम हो जाती है। यही कारण हैं कि तीनों सेवाओं का साथ आना पहले की तुलना में अब कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘तीनों सेवाओं की विशिष्ट भूमिका के लिहाज से प्रत्येक सेवा की परंपराएं, पहचान, वर्दी और तौर-तरीकों की उपयोगिता है। लेकिन आज के जटिल युद्धक्षेत्र में तालमेल और प्रभावी कदम के लिए सैन्य बलों का साथ आना सर्वोपरि है।’’ नौसेना प्रमुख ने कहा कि एनडीए 72 साल से एकजुटता का प्रतीक रहा है। इसका अस्तित्व एकजुटता के मौलिक मूल्यों पर आधारित है, जो अकादमी के आधारभूत सिद्धांत हैं।
कैडेट को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा, ‘‘आप सभी को यह याद रखना चाहिए कि भविष्य का युद्ध चाहे कितना भी विकसित क्यों न हो, प्रभावी नेतृत्व के लिए कुछ व्यक्तिगत क्षमताएं और गुण महत्वपूर्ण रहते हैं।’’