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Nashik Case: TCS में महिलाओं की सुरक्षा पर उठे बड़े सवाल? NCW ने 127 यूनिट्स में अलग कमेटी बनाने का दिया आदेश

Sat, 23 May 2026 12:50 AM IST
हिमांशु सिंह चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: हिमांशु सिंह चंदेल Updated Sat, 23 May 2026 12:50 AM IST
सार

राष्ट्रीय महिला आयोग ने टीसीएस को निर्देश दिया है कि 10 या उससे अधिक कर्मचारियों वाली उसकी 127 यूनिट्स में चार हफ्तों के भीतर अलग इंटरनल कमेटियां बनाई जाएं। यह आदेश नासिक यूनिट में कथित यौन उत्पीड़न, शोषण और धर्मांतरण मामले की सुनवाई के बाद दिया गया। आइए, महिला अयोग के निर्देशों को विस्तार से समझते है...

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Nashik Case Major Questions Raised Over Womens Safety at TCS NCW Orders Formation of Separate Committees
टीसीएस नासिक - फोटो : एएनआई

विस्तार

देश की बड़ी आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के नासिक केंद्र में यौन उत्पीड़न, शोषण और धर्मांतरण के आरोपों के बाद राष्ट्रीय महिला आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने कंपनी को बड़ा निर्देश देते हुए कहा है कि जिन 127 यूनिट्स में 10 या उससे ज्यादा कर्मचारी हैं, वहां चार हफ्तों के भीतर अलग-अलग इंटरनल कमेटियां बनाई जाएं। आयोग ने साफ कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और शिकायत निवारण व्यवस्था में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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आखिर टीसीएस के नासिक केंद्र में क्या मामला सामने आया?
राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया राहटकर की अध्यक्षता में 21 मई को इस मामले की सुनवाई हुई। सुनवाई में टीसीएस के वरिष्ठ अधिकारी वर्चुअली शामिल हुए। नासिक यूनिट में कथित यौन उत्पीड़न, शोषण और धर्मांतरण से जुड़े मामलों में अब तक कम से कम नौ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
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मामले में आयोग ने किन खामियों पर उठाए सवाल?

  • नासिक कार्यालय में अलग इंटरनल कमेटी का अभाव।
  • शिकायत दर्ज कराने की स्पष्ट व्यवस्था नहीं होना।
  • एचआर इंफ्रास्ट्रक्चर का कमजोर होना।
  • सीसीटीवी सिस्टम का ठीक से काम न करना।


आयोग ने टीसीएस से क्या-क्या जवाब मांगे?
आयोग ने इस बात पर भी सवाल उठाया कि पुणे और नासिक यूनिट के लिए एक ही संयुक्त इंटरनल कमेटी क्यों बनाई गई थी, जबकि कानून अलग कमेटी बनाने की बात कहता है। आयोग ने यह भी पूछा कि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद कोई वरिष्ठ अधिकारी नासिक केंद्र जाकर कर्मचारियों से सीधे बातचीत करने क्यों नहीं पहुंचा।

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आयोग ने कहा कि टाटा समूह देश की सम्मानित कॉरपोरेट संस्था है और उससे उम्मीद की जाती है कि वह महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े कानूनों को पूरी गंभीरता और ईमानदारी से लागू करे। आयोग ने कहा कि केवल नियम बनाना काफी नहीं है, बल्कि उनका जमीन पर सही पालन भी जरूरी है। राष्ट्रीय महिला आयोग ने टीसीएस को चार हफ्तों के भीतर कई सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने कहा कि हर यूनिट में अलग इंटरनल कमेटी बनाई जाए और कर्मचारियों को पीओएसएच कानून के तहत प्रशिक्षण दिया जाए।


क्या हैं आयोग के प्रमुख निर्देश?

  • 127 यूनिट्स में अलग इंटरनल कमेटी बनाना।
  • सभी कर्मचारियों के लिए पीओएसएच ट्रेनिंग।
  • हर साल पीओएसएच रिपोर्ट जमा करना।
  • अगली समीक्षा बैठक में अधिकारियों की शारीरिक मौजूदगी सुनिश्चित करना।


राष्ट्रीय महिला आयोग ने कहा कि किसी भी संगठन को यौन उत्पीड़न की शिकायतों को बेहद संवेदनशीलता और सहानुभूति के साथ संभालना चाहिए। आयोग ने साफ किया कि इस मामले में आपराधिक जांच और कानूनी कार्रवाई अलग से जारी रहेगी।

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