{"_id":"581bb84f4f1c1b5e384382fe","slug":"nasa-will-create-special-sensor-for-mangal-mission","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"मंगल पर जीवन की गंध को ढूंढ निकालेगी ‘कृत्रिम नाक’","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
मंगल पर जीवन की गंध को ढूंढ निकालेगी ‘कृत्रिम नाक’
एजेंसी/ वाशिंगटन
Updated Fri, 04 Nov 2016 03:51 AM IST
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मंगल ग्रह पर जीवन की हल्की सी गंध पाने के लिए नासा के वैज्ञानिक एक ‘कृत्रिम नाक’ (मैकेनिकल नोज) बनाने की दिशा में कदम बढ़ा चुके हैं। यह नाक प्राणियों की नाक से अलग होगी जिसमें गंध महसूस करने वाले लेजर सेंसर लगे होंगे।
नासा ने घोषणा की है कि वह भविष्य में मंगल अभियान के लिए ऐसा सेंसर बनाएगा जो फिलहाल अमेरिकी सैन्य तकनीकी पर आधारित होगा। यह कृत्रिम नाक जीवित प्राणियों की तरह प्रत्यक्ष रूप से किसी गंध की पुष्टि नहीं करेगी बल्कि यह मशीन बायोलॉजी से संबंधित एमिनो एसिड और अन्य ऑर्गेनिक मोलेक्यूल का पता लगाने में सक्षम होंगे।
नासा इस कृत्रिम नाक रूपी मशीन को मार्स रोवर पर लगाएगा, ताकि लाल ग्रह की सही ढंग से टोह ली जा सके। इस उपकरण को लगाने के लिए सक्रिय राडार के साथ लाइडर की जरूरत पड़ेगी। यह राडार रेडियो वेव प्रोड्यूस करेगी, जिससे मशीन सक्रिय रहेगी। यह कृत्रिम नाक अपने लक्ष्य से प्राप्त सिग्नल वैज्ञानिकों को भेजेगी।
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नासा ने घोषणा की है कि वह भविष्य में मंगल अभियान के लिए ऐसा सेंसर बनाएगा जो फिलहाल अमेरिकी सैन्य तकनीकी पर आधारित होगा। यह कृत्रिम नाक जीवित प्राणियों की तरह प्रत्यक्ष रूप से किसी गंध की पुष्टि नहीं करेगी बल्कि यह मशीन बायोलॉजी से संबंधित एमिनो एसिड और अन्य ऑर्गेनिक मोलेक्यूल का पता लगाने में सक्षम होंगे।
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नासा इस कृत्रिम नाक रूपी मशीन को मार्स रोवर पर लगाएगा, ताकि लाल ग्रह की सही ढंग से टोह ली जा सके। इस उपकरण को लगाने के लिए सक्रिय राडार के साथ लाइडर की जरूरत पड़ेगी। यह राडार रेडियो वेव प्रोड्यूस करेगी, जिससे मशीन सक्रिय रहेगी। यह कृत्रिम नाक अपने लक्ष्य से प्राप्त सिग्नल वैज्ञानिकों को भेजेगी।
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नासा बनाया ‘हब्बल’ से भी ताकतवर ‘स्पेस टेलिस्कोप’
नासा ने अपने अब तक के सबसे बड़े टेलिस्कोप के निर्माण में सफलता हासिल कर ली है। हब्बल से 100 गुना अधिक ताकतवर यह टेलिस्कोप उन आकाशगंगाओं का आसानी से पता लगा सकता है जिनका निर्माण ब्रहमांड के शुरूआती काल हुआ था।
नासा का हब्बल स्पेस टेलिस्कोप 26 साल पुराना है जिसकी जगह अब जेम्स वेब स्पेस टेलिस्कोप लेगा। इसके कैमरे इतने संवेदनशील हैं कि उन्हें सूर्य की किरणों से बचाने के लिए टेनिस कोर्ट के आकार के पांच स्तरीय सनशील्ड का अलग से निर्माण किया गया है।
नासा का हब्बल स्पेस टेलिस्कोप 26 साल पुराना है जिसकी जगह अब जेम्स वेब स्पेस टेलिस्कोप लेगा। इसके कैमरे इतने संवेदनशील हैं कि उन्हें सूर्य की किरणों से बचाने के लिए टेनिस कोर्ट के आकार के पांच स्तरीय सनशील्ड का अलग से निर्माण किया गया है।