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नासा की रिपोर्ट : भारत के 12 तटीय शहर डूबने का खतरा, धरती का तापमान बढ़ने से पिघलेंगे ग्लेशियर

Tue, 10 Aug 2021 08:39 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Tue, 10 Aug 2021 08:39 PM IST
सार

जलवायु परिवर्तन पर सोमवार को जारी आईपीसीसी की रिपोर्ट के आधार पर नासा ने कहा है कि भारत के 12 शहर सदी के अंत तक डूब सकते हैं। समुद्र का जलस्तर बढ़ने से इनमें तीन फीट पानी भर सकता है। 
 

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NASA report: 12 coastal cities of India in danger of drowning, glaciers will melt due to increase in earths temperature
ग्लोबल वार्मिंग - फोटो : पिक्साबे

विस्तार

ग्लोबल वार्मिंग के चलते जलवायु परिवर्तन का गंभीर खतरा पूरी दुनिया झेल रही है। जलवायु परिवर्तन पर अंतर सरकारी समिति (आईपीसीसी) की रिपोर्ट के आधार पर अब अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी (नासा) ने भारत के 12 तटीय शहरों के सदी के अंत तक डूबने खतरा जताया है। नासा ने कहा है कि इस सदी के अंत तक इन शहरों में तीन फीट तक समुद्री पानी भर सकता है। लगातार बढ़ रही गर्मी के कारण ग्लेशियरों के पिघलने से यह स्थिति बनेगी। 

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इन शहरों पर रहेगा संकट
महाराष्ट्र के मुंबई, गुजरात के ओखा, कांडला, भावनगर, गोवा के मोरमुगाओ, कर्नाटक के मंगलूरू, तमिलनाडु के चेन्नई व तूतीकोरिन, आंध्र के विशाखापट्टनम, केरल के कोच्चि, ओडिशा के पारादीप और पश्चिम बंगाल के किडरोपोर पर पड़ेगा। 
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नासा ने बनाया सी लेवल टूल
नासा ने एक सी लेवल प्रोजेक्शन टूल बनाया है। इससे समुद्री तटों पर आने वाली आपदा से वक्त रहते लोगों को निकालने और जरूरी इंतजाम करने में मदद मिलेगी। इस ऑनलाइन टूल से कोई भी भविष्य में आने वाली आपदा यानी बढ़ते समुद्री जलस्तर का पता कर सकेगा। नासा आईपीसीसी की रिपोर्ट के आधार पर समूचे विश्व के समुद्री जलस्तर में बदलाव का आकलन करता है।   
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आईपीसीसी 1988 से हर पांच से सात सालों में पृथ्वी की जलवायु का वैश्विक स्तर पर आकलन कर रहा है। यह पूरे ग्रह में तापमान और बर्फ के आवरण, ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन और समुद्र के स्तर में बदलाव पर ध्यान केंद्रित करता है। आईपीसीसी की छठी रिपोर्ट सोमवार को जारी की गई थी। 


दो दशक में 1.5 डिग्री बढ़ेगा तापमान
आईपीसीसी की रिपोर्ट में कहा गया है कि साल 2100 तक दुनिया का तापमान काफी बढ़ जाएगा। भयानक गर्मी झेलनी पड़ेगी। कार्बन उत्सर्जन और प्रदूषण नहीं रोका तो तापमान में औसतन 4.4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होगी। अगले दो दशक में तापमान 1.5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ जाएगा। इससे ग्लेशियर भी पिघलेंगे। इनका पानी मैदानी और समुद्री इलाकों में तबाही लेकर आएगा।

कई द्वीप डूब गए
नासा के एडमिनिस्ट्रेटर बिल नेल्सन ने कहा कि सी लेवल प्रोजेक्शन टूल के आधार पर तैयार किए गए अनुमान के अनुसार अगली सदी तक हमारे कई देशों में समुद्री जलस्तर इतना तेजी से बढ़ेगा कि संभालना मुश्किल होगा। कई द्वीप डूब गए हैं। कई अन्य को समुद्र निगल लेगा। 


ओडिशा के मंदिर को समुद्र ने निगला
हाल में आई रिपोर्ट में कहा गया था कि ओडिशा के तटीय केंद्रपाड़ा जिले में समुद्र बीते कई दशकों से एक के बाद सतभाया गांव को निगल रहा है। विशालकाय समुद्री लहरों ने हाल ही में सदियों पुराने पंचुवराही मंदिर को जमींदोज कर दिया है।
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