प्रौद्योगिकी शिखर सम्मेलन में बोले पीएम मोदी- समय करके दिखाने का है
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भारत अब आईटी सॉफ्टवेयर की अपनी पहचान को अगले स्तर पर ले जाने के लिए आगे बढ़ रहा है। हम भारत में वैज्ञानिक दृष्टीकोण से तकनीकी टेंपरामेंट को विकसित करने पर जोर दे रहे हैं । प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत में जो खोज हो रहे है उसमें क्वालिटी पर भी जोर दिया जा रहा है। भारत का स्पेस प्रोग्राम इसका बेहतरीन उदाहरण है और इसकी सफलता तो इटली ने भी महसूस की है। आज भारत इटली समेत दुनिया के अनेक देशों के सैटलाइट बहुत कम खर्च पर अंतरिक्ष में भेज रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ये बातें भारत-इटली प्रौद्योगिकी शिखर सम्मेलन में कहीं।
प्रधानमंत्री मोदी ने इटली और बारत के रिश्ते में एक कदम और बढ़ाते हुए कहा कि दोनों देश लाइफ स्टाइल एसेसरी डिजाइन को आगे बढ़ाने के लिए आगे बढ़ रहे हैं। इसके अलावा हामारा फोकस चमड़ा उद्योग, परिवहन और ऑटोमोबाइल डिजाइन पर भी है।
पीएम ने सम्मेलन में घोषणा करते हुए कहा कि इंडिया-इटली बाइलैटरल इंडस्ट्रीयल रिसर्च और डेवल्पमेंट कॉरपोरेशन प्रोग्राम के तहत नया कदम बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा कि यह समय बदलाव का है और कुछ करके दिखाने का है। और हम नो हाउ से शो हाउ की ओर बढ़ेंगे।
बता दें कि इटली के प्रधानमंत्री ज्यूसेपे कॉन्टे एक दिवसीय भारत यात्रा पर मंगलवार को नई दिल्ली पहुंचे। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। कांटे भारत-इटली प्रौद्योगिकी शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारत आए हैं। उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत आए ज्यूसेपे कॉन्टे पीएम मोदी के साथ व्यापार, शिक्षा, एयरोस्पेस, स्वास्थ्य और निवेश जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देने पर चर्चा की। दिल्ली में चल रहा प्रौद्योगिकी शिखर सम्मेलन भारत-इटली का 24वां संस्करण है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने भारतीय उद्योग परिसंघ के साथ मिलकर इस शिखर सम्मेलन का आयोजन किया है।
सम्मेलन में दोनों देशों के प्रतिनिधियों को संबोंधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने तो टेक्नॉलॉजी को सामाजिक न्याय, सशक्तिकरण, समावेश, सक्षम सरकारी तंत्र और पारदर्शिता का माध्यम बनाया है। पीएम ने कहा कि बर्थ सर्टिफिकेट से लेकर बुढ़ापे की पेंशन तक की अनेक सुविधाएं आज ऑनलाइन हैं। 300 से अधिक केंद्र और राज्य सरकार की सेवाओं को उमंग एप के माध्यम से एक प्लेटफॉर्म पर लाया गया है। देशभर में 3 लाख से अधिक कॉमन सर्विस सेंटर्स से गांव-गांव में ऑनलाइन सेवाएं दी जा रही हैं।
Our goal to ensure that results of the Research & Development programmes do not get limited to research centres only, but reach the public. That's why I say that science is universal, but technology has to be local: Prime Minister Modi at India-Italy Technology Summit in Delhi pic.twitter.com/NvINlGKGBp
— ANI (@ANI) October 30, 2018