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Hindi News ›   India News ›   Narendra Modi became PM on this voter list in 2024; he should resign: Mamata on arbitrary deletions in Bengal

Politics: 'नरेंद्र मोदी 2024 में इसी मतदाता सूची से PM बने, इसलिए इस्तीफा दें', बंगाल SIR पर बरसीं सीएम ममता

Sun, 08 Mar 2026 07:21 PM IST
Pavan न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: Pavan Updated Sun, 08 Mar 2026 07:21 PM IST
सार

पश्चिम बंगाल में एसआईआर को लेकर जारी जंग अब राजनीतिक रूप से तेज होने लगी है। सीएम ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए उनसे इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने कहा कि अगर यही मतदाता सूची 2024 में थी, जिसके आधार पर मोदी प्रधानमंत्री बने, तो फिर अब उसी सूची से लोगों को वोट देने से क्यों रोका जा रहा है।

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Narendra Modi became PM on this voter list in 2024; he should resign: Mamata on arbitrary deletions in Bengal
सीएम ममता का पीएम मोदी पर करारा हमला - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में चल रही विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं के नाम मनमाने तरीके से हटाए जा रहे हैं। बनर्जी ने कहा कि अगर यही मतदाता सूची 2024 में थी, जिसके आधार पर मोदी प्रधानमंत्री बने, तो फिर अब उसी सूची से लोगों को वोट देने से क्यों रोका जा रहा है।

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सीईसी को प्रधानमंत्री से मांगना चाहिए इस्तीफा- ममता बनर्जी
कोलकाता के एक धरना मंच से बोलते हुए सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि अगर मतदाता सूची में गड़बड़ी हो रही है तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को सबसे पहले इस्तीफा देना चाहिए, क्योंकि वे भी इसी मतदाता सूची के आधार पर चुने गए थे। ममता बनर्जी ने यह भी कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को प्रधानमंत्री से इस्तीफा मांगना चाहिए।
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मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले मतदाता सूची में नाम हटाने की कार्रवाई लोकतंत्र के लिए खतरनाक है। उनके अनुसार, इससे लोगों के वोट देने के अधिकार पर असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि किसी भी योग्य मतदाता का नाम सूची से न हटे।


राज्यपाल और उपराष्ट्रपति को हटाने का उठाया मुद्दा
ममता बनर्जी ने इस दौरान राज्यपाल के अचानक इस्तीफे का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि राज्यपाल का कार्यकाल अभी तीन साल बाकी था, फिर अचानक 5 मार्च को उन्होंने पद क्यों छोड़ा। बनर्जी ने इस मामले की जांच कराने की मांग की। इसके अलावा उन्होंने भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के पिछले साल जुलाई में दिए गए इस्तीफे का भी जिक्र किया। सीएम ममता ने सवाल उठाया कि क्या इन मामलों की भी जांच होनी चाहिए। उनका कहना था कि इन घटनाओं के पीछे क्या कारण हैं, यह देश की जनता के सामने आना चाहिए।

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मतदाता के अधिकारों का हनन न हो- ममता बनर्जी
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में मतदाता सूची बहुत अहम होती है और अगर इसमें गड़बड़ी होती है तो चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल उठ सकते हैं। इसलिए चुनाव आयोग को पूरी पारदर्शिता के साथ काम करना चाहिए ताकि किसी भी मतदाता के अधिकारों का हनन न हो।

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