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गुजरात: हाईकोर्ट के निर्देश पर नारायण साई के खिलाफ शिकायत दर्ज, जमानत के लिए किया था फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल
Fri, 08 Apr 2022 10:06 PM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Fri, 08 Apr 2022 10:06 PM IST
सार
साई ने पिछले महीने यह दावा करते हुए अस्थाई जमानत मांगी थी कि उसकी मां ही हालत बहुत गंभीर है और वह अस्पताल में भर्ती है। इसके लिए उसने जो दस्तावेज पेश किए थे वो फर्जी थे।
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विस्तार
एक जांच के बाद गुजरात हाईकोर्ट के निर्देश पर जेल में बंद दुष्कर्म के दोषी नारायण साई के खिलाफ एक गैर संज्ञेय (एनसी) शिकायत दर्ज की गई है। साई के खिलाफ यह शिकायत पिछले महीने अस्थाई जमानत पाने के लिए अपनी मां के स्वास्थ्य से संबंधित फर्जी दस्तावेज का इस्तेमाल करने के लिए दर्ज की गई है।
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न्यायाधीश सोनिया गोकानी और मौना भट्ट की खंड पीठ के निर्देश पर सोला पुलिस ने गुरुवार को साई के खिलाफ आईपीसी की धारा 193 के तहत अदालत में झूठे सबूत पेश करने और आपराधिक साजिश के लिए 120 (बी) के तहत एनसी शिकायत दर्ज की थी।
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सहायक पुलिस आयुक्त जीएस स्यान ने कहा कि हाईकोर्ट के डिप्टी रजिस्ट्रार की ओर से एक आवेदन मिलने के बाद हमने साई के खिलाफ एक एनसी शिकायत दर्ज कर ली है और जांच शुरू करने के लिए अदालत से अनुमति पाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। साई, जेल में बंद स्वयंभू बाबा आसाराम का बेटा है।
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नारायण साई इस समय अपने पिता के आश्रम में साल 2002 से 2005 के बीच एक महिला के साथ बार-बार यौन शोषण करने के अपराध में सूरत जेल में बंद है। शिकायत के अनुसार साई ने पिछले महीने यह दावा करते हुए अस्थाई जमानत मांगी थी कि उसकी मां ही हालत बहुत गंभीर है और वह अस्पताल में भर्ती है।
अदालत ने उसकी मां लक्ष्मी देवी के स्वास्थ्य प्रमाणपत्रों को देखने के बाद उनकी जांच करने का फैसला लिया था और भरूच जिले के पुलिस अधीक्षक राजेंद्र सिंह चूड़ास्मा को जांच करने का निर्देश दिया था। जांच में पता चला कि साई के एक सहयोगी ने यह दिखाने के लिए फर्जी स्वास्थ्य प्रमाणपत्र बनवाया था कि साई की मां पामलैंड अस्पताल में वेंटिलेटर पर हैं।