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महाराष्ट्र सरकार में मंत्री बनाए जा सकते हैं नारायण राणे, कुछ यूं बन रहे समीकरण
टीम डिजिटल अमर उजाला
Updated Fri, 29 Sep 2017 09:27 AM IST
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कांग्रेस छोड़ चुके महाराष्ट्र के नेता नारायण राणे एक अक्तूबर को अपनी नई पार्टी का ऐलान करने वाले हैं। उनके इस कदम से साफ माना जा रहा है कि वे जल्द ही भारतीय जनता पार्टी से जुड़ सकते हैं और एनडीए का हिस्सा बन सकते हैं। ऐसा माना जा रहा है कि महाराष्ट्र में राणे के सपोर्ट के चलते उन्हें राज्य का रेवेन्यू मंत्रालय सौंपा जा सकता है।
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ऐसा पहले से ही साफ था कि अगर राणे अपनी नई पार्टी बनाते हैं तो वे बीजेपी को सपोर्ट कर सकते हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता ने राणे को दी जाने वाली जिम्मेदारी का इशारा दिया है। नेता के मुताबिक राणे अपनी पार्टी का ऐलान कर देंगे और एनडीए से जुड़ जाएंगे, इसलिए अक्तूबर के पहले हफ्ते उनहें कैबिनेट में जगह दी जा सकती है।
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हालांकि, कैबिनेट विस्तार का उन्होंने साफ इनकार कर दिया, बस राणे को कैबिनेट में शामिल किया जाएगा। दरअसल, बीजेपी के प्रति शिवसेना के व्यवहार के बाद राणे का साथ उसे महाराष्ट्र में एक मजबूत पकड़ दे सकती है। इससे पहले राणे की मुलाकात भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से दिल्ली में हुई।
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उनकी इस मुलाकात के बाद ये तय माना जा रहा है वे जल्द ही बीजेपी का दामन थाम सकते हैं। हालांकि, बीजेपी ने कहा है कि शाह और राणे की ये मुलाकात सिंधूदुर्ग में जल्द खुलने वाले अस्पताल के उद्घाटन के आमंत्रण को लेकर हुई थी।
दरअसल, महाराष्ट्र में बीजेपी से जुड़ने का फायदा सीएम देवेंद्र फडणवीस को हो सकता है क्योंकि उनके कैबिनेट में राणे के स्तर का कोई सीनियर नेता नहीं है। कोंकण में नारायण राणे की मजबूत पकड़ होने की वजह से शिवसेना के खिलाफ बीजेपी उन्हें मजबूती से इस्तेमाल कर सकती है। दरअसल, कांग्रेस हाईकमान के साथ राणे संबंध पिछले दो महीने से ठीक नहीं चल रहे थे। उनका आरोप था कि उन्हें पार्टी ने दरकिनार कर दिया है और इसी नाराजगी में उन्होंने पार्टी छोड़ने का फैसला ले लिया।