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MM Naravane: 'रक्षा मंत्री ने जैसा ठीक लगे वैसा करने की दी थी छूट', भारत-चीन सेना विवाद पर पूर्व सेना प्रमुख
Mon, 18 Dec 2023 09:01 PM IST
आदर्श शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: आदर्श शर्मा
Updated Mon, 18 Dec 2023 09:01 PM IST
सार
पूर्वी लद्दाख में 2020 के घटनाक्रम को याद करते हुए उन्होंने कहा कि चीन और भारत की सेना के बीच तनाव की स्थिति थी। इस दौरान मैंने रक्षा मंत्री से फोन पर बात की। उन्होंने मुझसे कहा था कि जो उचित समझो वह करो।
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एमएम नरवणे (फाइल फोटो)
- फोटो : ANI
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विस्तार
पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा(एलएसी) पर रेचिन ला पर्वत दर्रे पर चीन की सेना द्वारा टैंक और सैनिकों को लेकर भारतीय सेना के साथ विवाद पर तत्कालीन सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2020 के अगस्त माह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तनावपूर्ण स्थिति के बाद मुझसे कहा था कि 'जो उचित समझो वह करो'।
'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' में एमएम नरवणे ने चीन-भारत की सेना के बीच हुए तनाव स्थिति पर उस रात रक्षा मंत्री, विदेश मंत्री, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और रक्षा कर्मचारियों के प्रमुख के बीच हुई बातचीत का भी जिक्र किया है। उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ फोन पर बातचीत के बाद दिमाग में कई अलग-अलग विचार दौड़ रहे थे। नरवणे ने लिखा कि मैंने रक्षा मंत्री को स्थिति की गंभीरता की जानकारी दी। साथ ही उन्होंने कहा कि उस दौरान पीएम से भी बात की थी। उन्होंने कहा था कि यह पूरी तरह से एक सैन्य निर्णय है, 'जो उचित समझो वो करो'।
साथ ही उन्होंने कहा कि मुझे अपनी इच्छानुसार कार्य करने की पूर्ण स्वतंत्रता के साथ एक गर्म आलू दिया गया था। इसकी जिम्मेदारी पूरी तरह से थी। उस दिन को याद करते हुए उन्होंने लिखा कि इसके बाद मैंने एक गहरी सांस ली और कुछ मिनटों के लिए चुपचाप बैठा रहा। दीवार घड़ी की टिक-टिक को छोड़कर सब कुछ शांत था।
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उन्होंने लिखा कि मैं आर्मी हाउस में था, एक दीवार पर जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का नक्शा था, दूसरी दीवार पर पूर्वी कमान का। वे अचिह्नित नक्शे थे, लेकिन जैसे ही मैंने उन्हें देखा, मैं प्रत्येक इकाई के स्थान की कल्पना कर सकता था। हम हर तरह से तैयार थे, लेकिन क्या मैं वास्तव में युद्ध शुरू करना चाहता था? ये सवाल मन में था। बता दें 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' में जनरल नरवणे उस रात की घटना को लेकर मन में आए विचारों का जिक्र किया।
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'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' में एमएम नरवणे ने चीन-भारत की सेना के बीच हुए तनाव स्थिति पर उस रात रक्षा मंत्री, विदेश मंत्री, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और रक्षा कर्मचारियों के प्रमुख के बीच हुई बातचीत का भी जिक्र किया है। उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ फोन पर बातचीत के बाद दिमाग में कई अलग-अलग विचार दौड़ रहे थे। नरवणे ने लिखा कि मैंने रक्षा मंत्री को स्थिति की गंभीरता की जानकारी दी। साथ ही उन्होंने कहा कि उस दौरान पीएम से भी बात की थी। उन्होंने कहा था कि यह पूरी तरह से एक सैन्य निर्णय है, 'जो उचित समझो वो करो'।
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साथ ही उन्होंने कहा कि मुझे अपनी इच्छानुसार कार्य करने की पूर्ण स्वतंत्रता के साथ एक गर्म आलू दिया गया था। इसकी जिम्मेदारी पूरी तरह से थी। उस दिन को याद करते हुए उन्होंने लिखा कि इसके बाद मैंने एक गहरी सांस ली और कुछ मिनटों के लिए चुपचाप बैठा रहा। दीवार घड़ी की टिक-टिक को छोड़कर सब कुछ शांत था।
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उन्होंने लिखा कि मैं आर्मी हाउस में था, एक दीवार पर जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का नक्शा था, दूसरी दीवार पर पूर्वी कमान का। वे अचिह्नित नक्शे थे, लेकिन जैसे ही मैंने उन्हें देखा, मैं प्रत्येक इकाई के स्थान की कल्पना कर सकता था। हम हर तरह से तैयार थे, लेकिन क्या मैं वास्तव में युद्ध शुरू करना चाहता था? ये सवाल मन में था। बता दें 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' में जनरल नरवणे उस रात की घटना को लेकर मन में आए विचारों का जिक्र किया।