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NAN scam: छत्तीसगढ़ सरकार ने SC से कहा, सीएम बघेल ने कभी नहीं की हाई कोर्ट के जज से मुलाकात

Thu, 20 Oct 2022 07:43 PM IST
Amit Mandal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Amit Mandal Updated Thu, 20 Oct 2022 07:43 PM IST
सार

ईडी की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने मुख्यमंत्री के एक कथित करीबी सहयोगी के व्हाट्सएप चैट का हवाला दिया कि एनएएन घोटाले में कुछ आरोपियों को जमानत दिए जाने से दो दिन पहले एक न्यायाधीश ने सीएम से मुलाकात की थी।

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NAN scam: Chhattisgarh CM never met any HC judge, state govt tells SC
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

छत्तीसगढ़ सरकार ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कभी किसी हाई कोर्ट के न्यायाधीश से मुलाकात नहीं की है। इसी के साथ सरकार ने पीडीएस घोटाले में उनकी संभावित संलिप्तता के बारे में केंद्र सरकार के एक शीर्ष कानून अधिकारी के दावे को खारिज कर दिया। सुप्रीम कोर्ट 'नागरिक अपूर्ति निगम' (एनएएन) या सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) घोटाले से संबंधित इस पीएमएलए मामले को राज्य के बाहर स्थानांतरित करने की मांग करने वाली ईडी याचिका पर सुनवाई कर रहा था। ईडी की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने मुख्यमंत्री के एक कथित करीबी सहयोगी के व्हाट्सएप चैट का हवाला दिया कि एनएएन घोटाले में कुछ आरोपियों को जमानत दिए जाने से दो दिन पहले एक न्यायाधीश ने सीएम से मुलाकात की थी।

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वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने गुरुवार को अदालत को बताया कि मुख्यमंत्री कभी भी हाई कोर्ट के किसी न्यायाधीश से नहीं मिले। मेहता ने जवाब दिया, मैंने केवल व्हाट्सएप चैट का जिक्र उल्लेख किया था। मुख्य न्यायाधीश उदय उमेश ललित और न्यायमूर्ति अजय रस्तोगी और एस रवींद्र भट की शीर्ष अदालत की पीठ ने समय की कमी और विशेष पीठ की सुनवाई खत्म करने की अनुपलब्धता के कारण ईडी की याचिका पर आगे सुनवाई करने से इनकार कर दिया और इसे एक सप्ताह के लिए स्थगित कर दिया।  
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आदेश में कहा गया कि हालांकि, हमने पक्षकारों की ओर से अधिवक्ताओं को कुछ समय के लिए उपस्थित होते हुए सुना, लेकिन रिकॉर्ड पर मौजूद तथ्यों और परिस्थितियों और विशेष रूप से इस तथ्य पर विचार करते हुए कि दलीलें एक सत्र में समाप्त नहीं होंगी, मामले को आंशिक सुनवाई से मुक्त किया जाता है। ईडी और राज्य सरकार द्वारा दाखिल दस्तावेजों को फिर से सील करने का आदेश देते हुए पीठ ने कहा कि शीर्ष अदालत की रजिस्ट्री को निर्देश दिया जाता है कि वह सीजेआई से उचित निर्देश लेने के बाद मामले को 14 नवंबर के सप्ताह में एक उपयुक्त पीठ के समक्ष सूचीबद्ध करे। मुख्य न्यायाधीश ललित ने कहा कि चूंकि वह अब मामले की सुनवाई नहीं करेंगे, इसलिए वह कोई टिप्पणी नहीं करेंगे।

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