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ताजमहल के सौंदर्यीकरण में नमामि गंगे मिशन ने बढ़ाया हाथ, 857.26 करोड रुपये से यमुना बनेगी स्वच्छ 

Thu, 22 Nov 2018 11:07 AM IST
जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, दिल्ली
जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, दिल्ली Updated Thu, 22 Nov 2018 11:07 AM IST
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Namami Gange's mission enhanced hands in the beautification of Taj Mahal
ताजमहल और यमुना - फोटो : अमर उजाला

आगरा स्थित ताजमहल के सौंदर्यीकरण के लिए अब नमामि गंगे मिशन ने हाथ आगे बढ़ाया है। मिशन ने यमुना को स्वच्छ बनाने के लिए 857.26 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। इस राशि से 61 नाले-ड्रेन, जिनका किसी वजह से इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है, उन्हें दोबारा से काम में लाया जाएगा। साथ ही 166 एमएलडी की क्षमता वाले तीन नए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) बनेंगे। आगरा के अलावा बिहार, पश्चिम बंगाल और हिमाचल प्रदेश में भी नए एसटीपी मंजूर किए गए हैं।

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बुधवार को दिल्ली में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग, जल संसाधन, नदी विकास व गंगा कायाकल्प मंत्री नितिन गड़करी और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जल स्वच्छता की विभिन्न परियोजनाओं के लिए 1573.28 करोड रुपये की राशि मंजूर की है। बता दें कि ताजमहल के आसपास यमुना का जल स्वच्छता के मापदंडों पर खरा नहीं उतरता है। वहां पर जो मौजूदा नाले या डेन हैं, वे किसी न किसी वजह से बंद हैं या फिर उनमें तय क्षमता के अनुसार प्रदूषित जल नहीं आ पा रहा है।नई योजना के मुताबिक, आगरा में दस केंद्रीयकृत एसटीपी बनेंगे।
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इनकी क्षमता 9.38 एमएलडी रखी गई है।इनका लिंक सभी मौजूदा और नए एसटीपी के साथ रहेगा।साथ ही मौजूदा दोनों एसटीपी की क्षमता बढ़ाने, सीवरेज पंपिंग स्टेशन को दुरुस्त करने और क्लोरीनेशन के लिए भी एसटीपी को अपग्रेड किया जाएगा।नमामि गंगे मिशन के मुताबिक, यह प्रोजेक्ट पूरे होने के बाद यमुना में प्रदूषण की मात्रा काफी हद तक कम हो जाएगी। इससे यमुना का स्वच्छता लेवल बढ़ने के अलावा ताजमहल के आसपास भू-जल का स्तर भी बढ़ेगा।कासगंज में 76.73 करोड़ रुपये की लागत से कई प्रोजेक्ट शुरू किए जाएंगे। इनमें नए सीवरेज सिस्टम बनाना भी शामिल है।यहां पर फ़िलहाल कोई भी सीवरेज सिस्टम नहीं है।गंदा पानी खुले में बहता है और फिर वह काली नदी में जाकर मिल जाता है।इससे नदी का पानी भी प्रदूषित हो रहा है।
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सुल्तानपुर के लिए भी 64.76 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट जल्द शुरू होगा।इससे सात एमएलडी की क्षमता वाला नया एसटीपी बनाने और मौजूदा एसटीपी, जिनकी क्षमता पांच एमएलडी है, उसे बढ़ाकर 10 एमएलडी किया जाएगा।शहर का सारा वेस्टेज छह नालों में गिरता है और उसके बाद यह गोमती नदी में मिल जाता है।इससे गोमनी नदी प्रदूषित हो रही है।

 

बिहार, पश्चिम बंगाल और हिमाचल प्रदेश के लिए नए प्रोजेक्टों को मिली मंजूरी...
 

नमामि गंगे मिशन ने बिहार के छप्परा, फतुहा, बख्तियारपुर और खगरिया में 328.52 करोड रुपये की लागत से सीवरेज टीटमेंट प्लांट बनेंगे।पश्चिम बंगाल में 50 एमएलडी की क्षमता वाला एक एसटीपी बनेगा, जिसके निर्माण पर 234.31 करोड रुपये खर्च होंगे। इसके अलावा 19 किलोमीटर के क्षेत्र में एक मुख्य पंपिंग स्टेशन भी स्थापित किया जाएगा।हिमाचल प्रदेश में पावंटा साहिब के लिए भी 1.72 एमएलडी की क्षमता वाला एक एसटीपी बनेगा।इस पर 11.57 रुपये खर्च होंगे।बता दें कि यहां पर प्रसिद पावंटा साहिब गुरुद्वारा है, जो यमुना नदी के किनारे पर स्थित है।

 

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