{"_id":"5e2faa828ebc3e4b650a953b","slug":"muzaffarpur-shelter-home-live-updates-court-pronounced-its-statement-on-brajesh-thakur-and-19-others","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुजफ्फरपुर बालिका गृह: टली सुनवाई, बृजेश ठाकुर सहित 19 दोषियों को सुनाई जानी थी सजा","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
मुजफ्फरपुर बालिका गृह: टली सुनवाई, बृजेश ठाकुर सहित 19 दोषियों को सुनाई जानी थी सजा
Tue, 28 Jan 2020 08:59 AM IST
Sneha Baluni
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Sneha Baluni
Updated Tue, 28 Jan 2020 08:59 AM IST
विज्ञापन
ब्रजेश कुमार ठाकुर (फाइल फोटो)
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली की साकेत कोर्ट ने मुजफ्फरपुर के चर्चित बालिका गृह मामले पर सुनवाई को स्थगित कर दिया क्योंकि संबंधित न्यायाधीश अवकाश पर हैं। आज बृजेश ठाकपर सहित 19 दोषियों को सजा सुनाई जानी थी। दालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सौरभ कुलश्रेष्ठ सजा के बिंदु पर सुनवाई करनी थी। वर्तमान में सभी दोषी तिहाड़ जेल में बंद हैं।
विज्ञापन
Delhi's Saket Court adjourns the Muzaffarpur Shelter Home case as the concerned judge is on leave. The court had fixed January 28 to hear arguments on quantum of sentence
— ANI (@ANI) January 28, 2020
विज्ञापन
इससे पहले 20 जनवरी को हुई सुनवाई में अदालत ने दोषियों को पॉक्सो कानून के तहत गंभीर लैंगिक हमले व सामूहिक दुष्कर्म का दोषी पाया था। इससे पहले 30 मार्च, 2019 को अदालत ने बृजेश ठाकुर सहित अन्य के खिलाफ दुष्कर्म और नाबालिगों के यौन शोषण का आपराधिक षडयंत्र रचने के आरोप तय किए थे।
विज्ञापन
सभी आरोपियों पर बलात्कार, यौन उत्पीड़न, नाबालिगों को नशा देने, आपराधिक धमकी समेत अन्य अपराधों के तहत मुकदमा चलाया गया था। अदालत ने बृजेश और बालिका गृह के कर्मचारियों के साथ ही सरकार के समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों को आपराधिक साजिश रचने, कर्तव्य में लापरवाही और उत्पीड़न की जानकारी देने में विफल रहने का दोषी ठहराया था।
अदालत ने सीबीआआई के वकील और 20 आरोपियों की आखिरी दलीलें सुनने के बाद 30 सितंबर 2019 को फैसला सुरक्षित रख लिया था। इस दौरान कुछ कारणों की वजह से दोषी ठहराने के बिंदु पर सुनवाई के लिए अदालत को तीन बार तारीख बढ़ानी पड़ी थी। चौथी तारीख में अदालत ने बृजेश सहित 19 लोगों को दोषी ठहराया था।