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मुजफ्फरपुर आश्रय गृह मामला: दोषियों को 11 फरवरी को सुनाई जाएगी सजा
Tue, 04 Feb 2020 02:32 PM IST
देव कश्यप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: देव कश्यप
Updated Tue, 04 Feb 2020 02:32 PM IST
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मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर
- फोटो : फाइल फोटो
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बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित एक आश्रय गृह में लड़कियों के साथ कथित दुष्कर्म एवं शारीरिक उत्पीड़न के मामले में मंगलवार को दिल्ली की साकेत कोर्ट में सुनवाई हुई। अदालत ने मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर और 18 अन्य की सजा पर फैसला 11 फरवरी तक सुरक्षित रख लिया है।
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सीबीआई ने मुजफ्फरपुर आश्रय गृह यौन उत्पीड़न मामले के दोषी ब्रजेश ठाकुर को आजीवन उम्रकैद की सजा दिए जाने का अनुरोध किया, जिसके बाद अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सौरभ कुलश्रेष्ठ ने अपना फैसला 11 फरवरी तक के लिए सुरक्षित रख लिया। सीबीआई ने मामले के अन्य दोषियों को भी अधिकतम सजा देने की मांग की।
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वहीं दोषियों ने अदालत से कम से कम सजा दिए जाने की गुहार लगाई है।
गौरतलब है कि अदालत ने मुजफ्फरपुर आश्रय गृह मामले में 20 जनवरी को ब्रजेश ठाकुर और 18 अन्य को कई लड़कियों के यौन शोषण एवं शारीरिक उत्पीड़न का दोषी करार दिया था। केंद्र का संचालक बिहार पीपुल्स पार्टी का पूर्व विधायक ब्रजेश ठाकुर था। अदालत ने पहले आदेश एक महीने के लिए 14 जनवरी तक टाल दिया था। उस समय मामले की सुनवाई कर रहे जज सौरभ कुलश्रेष्ठ छुट्टी पर थे।
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इससे पहले अदालत ने नवंबर में फैसला एक महीने के लिए टाल दिया था। तब तिहाड़ केंद्रीय जेल में बंद 20 आरोपियों को राष्ट्रीय राजधानी की सभी छह जिला अदालतों में वकीलों की हड़ताल के कारण अदालत परिसर नहीं लाया जा सका था।
अदालत ने 20 मार्च, 2018 को ठाकुर समेत आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए थे। इनमें आठ महिलाएं और 12 पुरुष शामिल हैं। इन आरोपों में अधिकतम आजीवन कारावास की सजा का प्रावधान है।