Bengal: कोलकाता पहुंचीं NCW प्रमुख विजया, मुर्शिदाबाद हिंसा पीड़ितों से करेंगी मुलाकात; हालात की जानकारी लेंगी
राष्ट्रीय महिला आयोग ने वक्फ कानून के विरोध में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में हुई हिंसा का स्वत: संज्ञान लिया है। आयोग ने हिंसा की जांच के लिए एक जांच समिति गठित की है, जिसमें आयोग अध्यक्ष विजया रहाटकर भी शामिल हैं। जांच टीम तीन दिन हिंसा प्रभावित इलाकों में जाकर महिलाओं से बात करेगी। इसके अलावा, जांच समिति मालदा भी जाएगी।
विस्तार
राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) की अध्यक्ष विजया रहाटकर अगले तीन दिन वक्फ (संशोधन) अधिनियम के विरोध में भड़की हिंसा से प्रभावित मुर्शिदाबाद जिले का दौरा करेंगी। वह हिंसा प्रभावित मालदा भी जाएंगी। इस दौरान वह वहां हिंसा प्रभावित महिलाओं से मुलाकात करेंगी। रहाटकर ने कहा कि हमें हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में जाने की जरूरत है। उसके बाद ही मैं कुछ कह पाएंगी। उन्होंने कहा कि हम डरी हुई महिलाओं को आत्मविश्वास देने आए हैं।
एनसीडब्ल्यू अध्यक्ष विजया बृहस्पतिवार को कोलकाता पहुंचीं। यहां हवाई अड्डे से बाहर निकलने के बाद उन्होंने पत्रकारों से बात की। इस दौरान उन्होंने कहा, 'यहां भड़की सांप्रदायिक हिंसा के बाद यहां की महिलाएं बहुत डरी हुई हैं। NCW ने इसका संज्ञान लिया है। हमने एक जांच समिति गठित की है। मैं भी जांच समिति का हिस्सा हूं। अगले तीन दिनों में हम हिंसा प्रभावित इलाकों- मालदा और मुर्शिदाबाद जाएंगे। वहां प्रभावित महिलाओं से मिलेंगे और उनसे बातचीत करेंगे। अर्चना मजूमदार जैसे आयोग के अन्य सदस्य भी मेरे साथ होंगे।'
#WATCH | Kolkata, West Bengal: National Commission for Women (NCW) Chairperson Vijaya Rahatkar says, " The women here are very scared after the communal violence that broke out here...NCW has taken cognisance of this and we have constituted a probe committee...I am also a part of… https://t.co/bTifKVM6Qy pic.twitter.com/C9Cx7NDZq9
— ANI (@ANI) April 17, 2025
एक्स पर पोस्ट कर जांच समिति गठित करने की दी जानकारी
इससे पहले, एनसीडब्ल्यू की अध्यक्ष ने एक्स पर पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने कहा, 'पश्चिम बंगाल में बेहद परेशान करने वाली घटना को गंभीरता से लेते हुए, राष्ट्रीय महिला आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया है। हिंसा की जांच के लिए एक जांच समिति गठित की गई है। उन्होंने कहा कि आयोग ने धुलियान के मंदिरपारा इलाके और मुर्शिदाबाद जिले के शमशेरगंज इलाके में सांप्रदायिक अशांति के दौरान कई महिलाओं के साथ भयानक छेड़छाड़ की घटनाओं के बाद आई रिपोर्ट्स का संज्ञान लिया है।
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मुर्शिदाबाद-मालदा के जिला मजिस्ट्रेट से भी करेंगी मुलाकात
एनसीडब्ल्यू प्रमुख रहाटकर ने कहा कि हिंसा के कारण सैकड़ों महिलाएं पलायन करने के लिए मजबूर हुईं। इनमें से कई को सुरक्षा की तलाश में भागीरथी नदी पार करने के लिए मजबूर होना पड़ा। उन्होंने नदी पार कर पास के मालदा में शरण ली। उन्होंने कहा कि वह स्थानीय पीड़ितों, उनके परिवारों से बातचीत करेंगी। इसके अलावा, मुर्शिदाबाद और मालदा के जिला मजिस्ट्रेट, पुलिस अधीक्षक और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से भी मिलेंगी।
हिंसा में हुई थी तीन लोगों की मौत
बता दें कि 11 और 12 अप्रैल को वक्फ (संशोधन) अधिनियम के खिलाफ मुर्शिदाबाद में विरोध प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शन कुछ ही समय में हिंसा में बदल गया और जिले के शमशेरगंज, सुती, धुलियान और जंगीपुर इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। इन इलाकों में हुई हिंसा के दौरान तीन लोगों की मौत हो गई थी।
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विस्थापितों के पुनर्वास के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित
कलकत्ता हाईकोर्ट ने बृहस्पतिवार को मुर्शिदाबाद जिले में वक्फ कानून के विरोध में हुई हिंसा से विस्थापित लोगों की पहचान और उनके पुनर्वास के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित करने का आदेश दिया। न्यायमूर्ति सौमेन सेन और राजा बसु चौधरी की खंडपीठ ने यह भी कहा कि मुर्शिदाबाद में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की तैनाती का निर्देश देने वाला 12 अप्रैल का उसका अंतरिम आदेश जारी रहेगा। अदालत ने कहा कि तीन सदस्यीय समिति में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) और पश्चिम बंगाल मानवाधिकार आयोग (डब्ल्यूबीएचआरसी) के एक-एक अधिकारी के अलावा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (एसएलएसए) के सदस्य सचिव शामिल होंगे। समिति को विस्थापित व्यक्तियों की पहचान करने, पीड़ितों की संपत्तियों को हुए नुकसान की सीमा का पता लगाने तथा दर्ज की गई एफआईआर का डेटा एकत्र करने का निर्देश दिया गया।
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