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Murshidabad Violence: मुर्शिदाबाद में पिता-पुत्र की हत्या मामले में एक और गिरफ्तारी, दंगे के बाद से ही था फरार
Sat, 03 May 2025 03:40 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: नितिन गौतम
Updated Sat, 03 May 2025 03:40 PM IST
सार
मुर्शिदाबाद हिंसा के दौरान पिता-पुत्र की हत्या के मामले में पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी फरक्का से हुई है। आरोपी दंगे के बाद से ही फरार था। पिता-पुत्र की हत्या के मुख्य आरोपी की पहले ही गिरफ्तारी हो चुकी है।
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पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुई हिंसा का दृश्य
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पश्चिम बंगाल पुलिस ने मुर्शिदाबाद दंगे के दौरान मारे गए पिता-पुत्र की हत्या के मामले में एक मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या आठ हो गई है। पुलिस ने बताया कि आरोपी नुरुल इस्लाम को फरक्का से शनिवार की सुबह गिरफ्तार किया गया। वह दंगे के दौरान पिता-पुत्र की हत्या के बाद से ही फरार था। पुलिस ने बताया कि आरोपी को शनिवार को ही अदालत में पेश किया जाएगा। वक्फ कानून के विरोध में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में हिंसा भड़क गई थी, जिसमें पिता-पुत्र समेत तीन लोगों की मौत हुई थी। दंगे के मामले में अब तक 274 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
मुख्य आरोपी को पहेल ही किया जा चुका गिरफ्तार
बीती 21 अप्रैल को पश्चिम बंगाल पुलिस और एसटीएफ की टीमों ने मुर्शिदाबाद हिंसा के 12 आरोपियों को हिरासत में लिया था। हिरासत में लिए गए लोगों में पिता-पुत्र की हत्या के मुख्य आरोपी जियाउल शेख के दो बेटे भी शामिल थे। जियाउल शेख को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। पश्चिम बंगाल में वक्फ कानून के विरोध के दौरान भड़की हिंसा पर कलकत्ता हाईकोर्ट ने मुर्शिदाबाद जिले में केंद्रीय बलों की तैनाती का आदेश दिया था।
ये भी पढ़ें- पहलगाम हमला: जांच के लिए 3डी मैपिंग तकनीक का इस्तेमाल करेगी NIA, यह होती क्या है, कैसे शिकंजे में आएंगे आतंकी?
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वक्फ कानून के विरोध में भड़की थी हिंसा
बता दें कि, केंद्र सरकार की तरफ से वक्फ संशोधन विधेयक को जब संसद में पेश किया गया, उसी वक्त ही राज्य में इसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे। लेकिन जब ये विधेयक संसद से पास होकर कानून बना तो प्रदर्शन हिंसक हो गए। झड़पों में कम से कम तीन लोग मारे गए और हिंसा के सिलसिले में 100 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देश के बाद केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल में अर्द्ध सैनिक बलों की 16 कंपनियां भेजी है। मुर्शिदाबाद में हुई हिंसा के दौरान कई हिंदू मंदिरों को निशाना बनाया गया था और इनमें तोड़फोड़ हुई थी। भाजपा ने इन क्षतिग्रस्त हुए हिंदू मंदिरों के पुनर्निर्माण का फैसला लिया है। यह काम अक्षय तृतीया (30 अप्रैल) की शुभ तिथि से शुरू हुआ।
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मुख्य आरोपी को पहेल ही किया जा चुका गिरफ्तार
बीती 21 अप्रैल को पश्चिम बंगाल पुलिस और एसटीएफ की टीमों ने मुर्शिदाबाद हिंसा के 12 आरोपियों को हिरासत में लिया था। हिरासत में लिए गए लोगों में पिता-पुत्र की हत्या के मुख्य आरोपी जियाउल शेख के दो बेटे भी शामिल थे। जियाउल शेख को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। पश्चिम बंगाल में वक्फ कानून के विरोध के दौरान भड़की हिंसा पर कलकत्ता हाईकोर्ट ने मुर्शिदाबाद जिले में केंद्रीय बलों की तैनाती का आदेश दिया था।
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वक्फ कानून के विरोध में भड़की थी हिंसा
बता दें कि, केंद्र सरकार की तरफ से वक्फ संशोधन विधेयक को जब संसद में पेश किया गया, उसी वक्त ही राज्य में इसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे। लेकिन जब ये विधेयक संसद से पास होकर कानून बना तो प्रदर्शन हिंसक हो गए। झड़पों में कम से कम तीन लोग मारे गए और हिंसा के सिलसिले में 100 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देश के बाद केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल में अर्द्ध सैनिक बलों की 16 कंपनियां भेजी है। मुर्शिदाबाद में हुई हिंसा के दौरान कई हिंदू मंदिरों को निशाना बनाया गया था और इनमें तोड़फोड़ हुई थी। भाजपा ने इन क्षतिग्रस्त हुए हिंदू मंदिरों के पुनर्निर्माण का फैसला लिया है। यह काम अक्षय तृतीया (30 अप्रैल) की शुभ तिथि से शुरू हुआ।