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मुंबई मर्डर: भारी कर्ज और बदनामी से बचने को किया पूरे परिवार का कत्ल
ब्यूरो/ अमर उजाला, मुंबई
Updated Sun, 06 Mar 2016 05:36 AM IST
सार
- 70 लाख रुपए के कर्ज में था डूबा
- बहन का करता था शोषण
- पूछताछ के आधार पर किया खुलासा
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मर्डर
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विस्तार
महानगर से सटे ठाणे के कासारवडवली इलाके में परिवार के 14 लोगों की हत्या कर खुद को फांसी लगाने वाला हसनैन वरेकर करीब 70 लाख रुपये के कर्ज में डूबा हुआ था। इसी कर्ज व बदनामी से बचने के लिए उसने इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम दिया। ठाणे के संयुक्त पुलिस आयुक्त मनोहर डुंबरे ने हसनैन की एकमात्र जिंदा बची बहन सुबिया से पूछताछ के आधार पर शनिवार को यह खुलासा किया।
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मनोहर डुंबरे ने बताया कि हसनैन मानसिक रूप से बीमार सगी बहन का शारीरिक शोषण करता था। इस बारे में जब परिवार के अन्य सदस्यों को पता चला, तो वह डरने लगा कि कहीं समाज में उसकी बेइज्जती न हो जाए। इसलिए उसने सभी को खत्म कर देने की योजना बनाई। इसी के तहत बीते 28 फरवरी की रात उसने अपने ही माता-पिता, दो बहन, पत्नी, अपने बच्चे और भांजियों को छुरे से उनका गला रेत कर मौत के घाट उतार दिया।
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डुंबरे का कहना है कि इस हत्याकांड में एकमात्र बची सुबिया का बयान दर्ज किया गया है। सुबिया ने बताया कि जनवरी में वह अपने बच्चों के साथ भिवंडी से ठाणे आई थी। इसी समय उसने मानसिक रूप से बीमार बहन बैतूल के साथ भाई हसनैन की हरकत अपनी आंखों से देख ली थी। यह बात उसने अपनी मां को बताई। परदे के पीछे से सारी बातें हसनैन सुन रहा था। इसके पश्चात उसकी मां ने हसनैन को बुरा-भला कहते हुए बीमार बहन की भी पिटाई की थी।
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संयुक्त पुलिस आयुक्त डुंबरे ने बताया कि हसनैन पर करीब 68 से 70 लाख रुपये का कर्ज हो चुका था और वह 2013 से बेरोजगार था। सुबिया ने आशंका जताई कि शायद हसनैन ने खाने में बेहोशी की दवा मिला दी थी, जिससे सभी लोग जल्दी सो गए थे और उसने इस हत्याकांड को अंजाम दिया
मां चिल्लाती रही, बेटा मैंने तुझे जन्म दिया, मुझे बख्स दे
सुबिया ने घटना के दिन का ब्योरा पुलिस को दिया। उसने बताया कि करीब सवा दो बजे उसकी नींद खुली, तो देखा मां चिल्ला रही थी। वह अपने बेटे हसनैन से गुहार लगा रही थी कि ‘मैंने तुझे जन्म दिया है, कम-से-कम मुझे तो छोड़ दे, लेकिन उसने मां का गला रेत दिया।’
उसके बाद तुरंत ही बहन बैतूल को भी मार दिया। फिर मेरी तरफ झुका और मेरे बाल पकड़ कर कहा कि तुझे मां से ज्यादा प्यार है, इसलिए तुझे और तेरे बच्चे को भी नहीं छोडूंगा। इसके बाद उसने उसके गले की तरफ भी छुरा घुमाया और वार कर दिया, लेकिन उसने अपने बचाव में अपना हाथ आगे कर लिया और मौका देख कर बेडरूम में छुप गई और अंदर से दरवाजा बंद कर दिया। हसनैन ने दरवाजे को तोड़ने का भी प्रयास किया, लेकिन वह सफल नहीं हो पाया। इसके बाद आगे क्या हुआ उसे पता नहीं है।