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फोन टैपिंग मामला: आईपीएस अधिकारी रश्मि शुक्ला के खिलाफ 700 पन्नों की चार्जशीट दाखिल, संजय राउत सहित कई लोगों के बयान शामिल
Tue, 26 Apr 2022 11:08 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: Amit Mandal
Updated Tue, 26 Apr 2022 11:08 PM IST
सार
चार्जशीट में शिवसेना नेता संजय राउत और राकांपा नेता एकनाथ खडसे के बयान समेत करीब 20 लोगों के बयान शामिल हैं।
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आईपीएस रश्मि शुक्ला
- फोटो : Social Media
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विस्तार
मुंबई की कोलाबा पुलिस ने आज फोन टैपिंग मामले में आईपीएस अधिकारी रश्मि शुक्ला के खिलाफ करीब 700 पेज का चार्जशीट दाखिल की है। चार्जशीट में शिवसेना नेता संजय राउत और राकांपा नेता एकनाथ खडसे के बयान समेत करीब 20 लोगों के बयान शामिल हैं।
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शुक्ला के खिलाफ इस साल मार्च में दक्षिण मुंबई के कोलाबा थाने में भारतीय टेलीग्राफ अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी राजीव जैन की शिकायत के आधार पर शुक्ला के खिलाफ यह प्राथमिकी दर्ज की गई थी। आरोप है कि शुक्ला ने शिवसेना सांसद संजय राउत और एनसीपी नेता एकनाथ खडसे के फोन अवैध रूप से टैप किए थे। पुलिस ने पहले बताया था कि मामला उस समय का है जब शुक्ला महाराष्ट्र के राज्य खुफिया विभाग (एसआईडी) की प्रमुख थीं।
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घर में नजरबंद रखने संबंधी नवलखा की याचिका खारिज
बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार को एल्गार परिषद-माओवादी संबंध मामले में आरोपी गौतम नवलखा की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने खुद को तलोजा जेल में न्यायिक हिरासत के बजाय घर में नजरबंद रखने का आग्रह किया था।
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जस्टिस एसबी शुक्रे और जस्टिस जीए सनप की पीठ ने नवलखा की याचिका को खारिज कर दिया। पीठ ने कहा, अगर नवलखा को तलोजा जेल में चिकित्सा सहायता और बुनियादी सुविधाओं की कमी की कोई शिकायत है, तो उन्हें इस बाबत विशेष एनआईए अदालत को सूचित करना चाहिए। नवलखा ने जेल में मूलभूत सुविधाओं की कमी का हवाला देते हुए खुद को घर में नजरबंद रखे जाने का आग्रह किया था।
हाईकोर्ट ने नवी मुंबई स्थित तलोजा जेल के अधीक्षक को भी निर्देश दिया कि आरोपी को आवश्यक चिकित्सा सहायता प्रदान की जानी चाहिए। नवलखा तलोजा जेल में विचाराधीन कैदी के रूप में बंद हैं।