{"_id":"602375ec8ebc3e4a102202b6","slug":"mumbai-news-four-people-injured-in-a-cylinder-explosion-at-yari-road-in-andheri","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुंबई: अंधेरी में सिलेंडर गोदाम में विस्फोट के बाद लगी आग, चार लोग झुलसे","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
मुंबई: अंधेरी में सिलेंडर गोदाम में विस्फोट के बाद लगी आग, चार लोग झुलसे
Wed, 10 Feb 2021 11:28 AM IST
Tanuja Yadav
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: Tanuja Yadav
Updated Wed, 10 Feb 2021 11:28 AM IST
विज्ञापन
मुंबई के अंधेरी में सिलेंडर गोदाम में लगी आग
- फोटो : Twitter - @Lokhandwala_Bom
मुंबई के अंधेरी इलाके में यारी रोड पर एक सिलेंडर के गोदाम में विस्फोट होने से वहां आग लग गई। इस घटना में चार लोगों के झुलसने की खबर है। सभी घायल लोगों को अस्पताल में भर्ती कर दिया गया है। इस विस्फोट के पीछे के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
विज्ञापन
Mumbai: Four people injured in a cylinder blast at a cylinder storage godown on Yari Road in Andheri (W); all injured shifted to a city hospital
— ANI (@ANI) February 10, 2021विज्ञापन
— ANDHERI LOKHANDWALA OSHIWARA CITIZEN'S ASSOCIATION (@Lokhandwala_Bom) February 10, 2021
विज्ञापन
इससे पहले वर्सोवा में मंगलवार को एक बिल्डिंग के चौथे माले पर आग लग गई थी। ये घटना दोपहर करीब पौने तीन बजे की थी, इसके तुरंत बाद मुंबई फायर ब्रिगेड की गाड़िया मौके पर पहुंच गई और आग को काबू किया। इस आग को लेवल-1 का दर्जा दिया गया था और यह घटना वर्सोवा के मछली बाजार के पास हुई थी।
मुंबई पुलिस ने एक व्यक्ति को गैरकानूनी तरीके से सिलिंडर स्टोर करने के लिए धारा 308 (हत्या करने का प्रयास) , 338 (लुप्तप्राय जीवन), 285 (आग या दहनशील पदार्थ के संबंध में लापरवाहीपूर्ण आचरण) और आवश्यक वस्तु अधिनियम के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया गया है।
फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी जांच में हुआ खुलासा
महाराष्ट्र के भंडारा जिला अस्पताल में 8 जनवरी की रात में आग में झुलसकर और धुएं में घुटकर 10 नवजात की दर्दनाक मौत हो गई थी। ये बच्चे जिला अस्पताल के सिक न्यूबॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) में भर्ती थे। अब एक महीने के बाद डायरेक्टर ऑफ फारेंसिंक साइंस लेबोरेटरीज (डीएफएसएल) कालीना की रिपोर्ट आई है जिसमें घोर लापरवाही का खुलासा हुआ है।
फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की रिपोर्ट में कहा गया है कि बच्चों के यूनिट में आग लगने के बाद 21 मिनट तक वार्ड में कोई कर्मचारी (डॉक्टर या नर्स) मौजूद नहीं था। जिस वार्ड में आग लगी थी वह धूएं से भर चुका था। आग और धुएं में दम घुटने से 10 बच्चों की मौत हो गई थी।
नवजात बच्चों की उम्र एक महीने से तीन महीने के बीच थी। भंडारा पुलिस ने जांच के लिए अस्पताल के तीन डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (डीवीआर) को सीसीटीवी कैमरे की फुटेज डीएफएसएल को भेजा था। अस्पताल की दूसरी मंजिल पर स्पेशल नियोनेटल केयर यूनिट (एसएनसीयू) और उसके आसपास सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे।
फोरेंसिक वैज्ञानिकों ने एक डीवीआर से डेटा को पुन: प्राप्त करने में कामयाबी हासिल की और निष्कर्ष निकाला कि आग, शॉर्ट सर्किट के कारण लगी थी। पूरा कमरा धुएं से भर गया था। बता दें कि एसएनसीयू 36 बिस्तरों वाला वार्ड है। घटना के समय वार्ड में 17 बच्चे मौजूद थे जिनमें से सात बच्चे को तो बचा लिया गया था जबकि दस बच्चे की मौत हो चुकी थी।
स्वास्थ्य विभाग की शिकायत के बाद दर्ज होगी एफआईआर
दस बच्चों की दर्दनाक मौत के इस मामले में अभी तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। एक पुलिस अधिकारी के अनुसार सरकार द्वारा गठित समिति ने भी इसे गंभीर लापरवाही का मामला माना है।
इस घटना की पुलिस रिपोर्ट और फोरेंसिक रिपोर्ट उपलब्?ध होने के बाद प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू करने के लिए राज्य के स्वास्थ्य विभाग से एक आधिकारिक शिकायत की प्रतीक्षा कर रहे हैं।