मुंबई: 390 लोगों को नकली टीका लगाने वाले चार गिरफ्तार, मध्यप्रदेश से पकड़ा गया वैक्सीन देने वाला
मुंबई के उत्तरी क्षेत्र के एसीपी दिलीप सावंत ने बताया कि इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इनमें एक शख्स फर्जी रैकेट चलाता था, जबकि दूसरा आरोपी बड़ी-बड़ी सोसायटी में टीकाकरण कैंप लगवाता था।
विस्तार
मुंबई की हीरानंदानी सोसायटी में 390 लोगों को कथित रूप से नकली टीका लगाने के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। धोखाधड़ी की इस घटना में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, एक अन्य शख्स को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपियों ने जो टीके लगाए, वे असली थे या नहीं।
यह है पूरा मामला
जानकारी के मुताबिक, मुंबई के कांदीवली इलाके की हीरानंदानी हाउसिंग सोसायटी के परिसर में 390 लोगों को 30 मई को कोविशील्ड का टीका लगाया गया। उस दौरान राजेश पांडे नाम के एक शख्स ने खुद को कोकिलाबेन अंबानी अस्पताल का प्रतिनिधि बताते हुए सोसायटी कमेटी के सदस्यों से संपर्क किया था। इस टीकाकरण अभियान का संचालन संजय गुप्ता ने किया, जबकि महेंद्र सिंह नाम के व्यक्ति ने सोसायटी के सदस्यों से पैसा लिया था। आरोप है कि सोसायटी के सभी लोगों को नकली टीके लगाए गए और करीब पांच लाख रुपये ठग लिए गए।
पुलिस ने दी यह जानकारी
मुंबई के उत्तरी क्षेत्र के एसीपी दिलीप सावंत ने बताया कि इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इनमें एक शख्स फर्जी रैकेट चलाता था, जबकि दूसरा आरोपी बड़ी-बड़ी सोसायटी में टीकाकरण कैंप लगवाता था। इसके अलावा बाकी दो आरोपी लोगों के पहचान पत्र चोरी करते थे। साथ ही, एक अन्य शख्स को मध्यप्रदेश से पकड़ा गया, जो वैक्सीन लाता था।
4 persons arrested so far include one person who was running this racket, another person who organised vaccination camps in housing societies & two others who had stolen a no. of IDs. A 5th person who brought the vaccine has been detained from Madhya Pradesh: Dilip Sawant
— ANI (@ANI) June 18, 2021
वैक्सीन की भी जानकारी जुटा रही पुलिस
शुरुआती जांच में पता चला कि आधिकारिक केंद्रों से टीके नहीं लिए गए थे। ऐसे में जांच की जा रही है कि लोगों को जो टीके लगाए गए थे, वे असली थे या नहीं। पुलिस ने उम्मीद जताई कि आरोपियों से पूछताछ के बाद इसका जल्द पता लगने की उम्मीद है।