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मुंबई भगदड़ में जान गंवाने वाली लड़की के आखिरी शब्द- पापा आप चलिए, मैं आती हूं
टीम डिजिटल/अमर उजाला
Updated Sat, 30 Sep 2017 09:37 AM IST
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मुंबई एलफिंस्टन रेलवे स्टेशन
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मुंबई के एलफिंस्टन रेलवे स्टेशन पर हुए हादसे में 22 लोगों ने जान गंवा दी वहीं 39 लोग जख्मी हैं। जिन लोगों ने अपने घरवालों को खोया है उनके लिए इस हादसे को भूलना आसान नहीं होगा। कथित अफवाह की वजह से हुई भगदड़ में 11 साल के रोहित परब ने भी जान गंवा दी।
जिन 22 की जान गई उनमें रोहित सबसे छोटा था। वह अपने बड़े भाई आकाश जो कि 19 साल का है उसके साथ दशहरा के लिए सामान खरीदने के लिए बाजार जा रहा था। दोनों अपने पिता की दुकान के लिए कुछ फूल और बाकी सामान खरीदने के लिए निकले थे।
भगदड़ में रोहित की जान चली गई वहीं आकाश बुरी तरह जख्मी है। उस दर्दनाक घटना को याद करते हुए आकाश ने कहा मैंने रोहित का हाथ बिल्कुल टाइट से पकड़ रखा था लेकिन भीड़ बढ़ गई उसी में मैंने उसको खो दिया।
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यह भी पढ़ें: इनकी सुनता रेलवे तो नहीं होता मुंबई फुटओवर ब्रिज हादसा, नहीं जाती 22 लोगों की जा
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जिन 22 की जान गई उनमें रोहित सबसे छोटा था। वह अपने बड़े भाई आकाश जो कि 19 साल का है उसके साथ दशहरा के लिए सामान खरीदने के लिए बाजार जा रहा था। दोनों अपने पिता की दुकान के लिए कुछ फूल और बाकी सामान खरीदने के लिए निकले थे।
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भगदड़ में रोहित की जान चली गई वहीं आकाश बुरी तरह जख्मी है। उस दर्दनाक घटना को याद करते हुए आकाश ने कहा मैंने रोहित का हाथ बिल्कुल टाइट से पकड़ रखा था लेकिन भीड़ बढ़ गई उसी में मैंने उसको खो दिया।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या आया?
मुंबई हादसा
- फोटो : पीटीआई
हादसे में 25 साल की श्रद्धा वारपे ने भी जान गंवा दी। श्रद्धा ने पिता ने बताया कि वे दोनों साथ में काम पर जाते थे। शुक्रवार को उनकी बेटी साड़ी पहनकर ऑफिस जा रही थी। बारिश की वजह से वह फुटओवर पर ही खड़ी हो गई। उसने अपने पिता से कहा पापा आप चलो में आती हूं। पिता के मुताबिक, श्रद्धा बारिश में भीगकर साड़ी खराब नहीं करना चाहती थी। वहां रुकना उसकी जान जाने का बहाना बन गया।
मारे जाने वाले लोगों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी आ गई है। इसमें पता लगा कि ज्यादातर लोगों की जान सीने और पैर पर चोट लगने की वजह से हुई। इसके अलावा दम घुटना भी प्रमुख कारण था। एलफिंस्टन का फुटओवर ब्रिज 1972 में बना था। लेकिन 2017 आने तक भी इसको चौड़ा नहीं किया गया। अब रोजाना करीब एक लाख लोग इसका इस्तेमाल कर रहे थे।
मारे जाने वाले लोगों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी आ गई है। इसमें पता लगा कि ज्यादातर लोगों की जान सीने और पैर पर चोट लगने की वजह से हुई। इसके अलावा दम घुटना भी प्रमुख कारण था। एलफिंस्टन का फुटओवर ब्रिज 1972 में बना था। लेकिन 2017 आने तक भी इसको चौड़ा नहीं किया गया। अब रोजाना करीब एक लाख लोग इसका इस्तेमाल कर रहे थे।