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इनकी सुनता रेलवे तो नहीं होता मुंबई फुटओवर ब्रिज हादसा, नहीं जाती 22 लोगों की जान
टीम डिजिटल/अमर उजाला
Updated Sat, 30 Sep 2017 08:17 AM IST
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mumbai
- फोटो : PTI
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मुंबई के एलफिंस्टन रेलवे स्टेशन पर हुए हादसे में 22 लोगों ने जान गंवा दी वहीं 39 लोग जख्मी हैं। अब सोशल मीडिया पर कुछ ऐसे पोस्ट देखे जा रहे हैं जिन पर अगर प्रशासन पहले एक्शन ले लेता तो हादसे को टाला जा सकता था।
हादसे से चार दिन पहले मुंबई के एक पत्रकार जिनका नाम संतोष है उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर फुटओवर की फोटो पोस्ट करते हुए लिखा था कि अगर जल्द कुछ नहीं किया गया तो हादसा हो सकता है। फोटो में फुटओवर पर काफी भीड़ दिख रही है। संतोष की ही तरह जाने-माने कार्टूनिस्ट मंजुल ने भी सोशल मीडिया के जरिए हादसे से पहले प्रशासन का ध्यान इसकी तरफ खींचने की कोशिश की थी।
यह भी पढ़ें: एलफिंस्टन रेलवे स्टेशन के ब्रिज पर मची भगदड़ में 22 की मौत, रेल मंत्री ने दिए जांच के आदेश
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फरवरी में किए गए ट्वीट में मंजुल ने रेलवे को चेतावनी दी थी कि कोई हादसा हो सकता है। दोनों ही लोगों ने अपने ट्वीट में रेल प्रशासन ने साथ-साथ रेल मंत्री, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी टैग किया हुआ था, लेकिन किसी पर कोई सुनवाई नहीं हुई। एक वेबसाइट से बात करते हुए मंजुल ने कहा कि अगर सरकार उनके ट्वीट पर एक्शन ले लेती तो हादसे को टाला जा सकता था। इन दोनों के अलावा भी कई लोगों ने फुटओवर के लिए आवाज उठाई थी।
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हादसे से चार दिन पहले मुंबई के एक पत्रकार जिनका नाम संतोष है उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर फुटओवर की फोटो पोस्ट करते हुए लिखा था कि अगर जल्द कुछ नहीं किया गया तो हादसा हो सकता है। फोटो में फुटओवर पर काफी भीड़ दिख रही है। संतोष की ही तरह जाने-माने कार्टूनिस्ट मंजुल ने भी सोशल मीडिया के जरिए हादसे से पहले प्रशासन का ध्यान इसकी तरफ खींचने की कोशिश की थी।
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फरवरी में किए गए ट्वीट में मंजुल ने रेलवे को चेतावनी दी थी कि कोई हादसा हो सकता है। दोनों ही लोगों ने अपने ट्वीट में रेल प्रशासन ने साथ-साथ रेल मंत्री, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी टैग किया हुआ था, लेकिन किसी पर कोई सुनवाई नहीं हुई। एक वेबसाइट से बात करते हुए मंजुल ने कहा कि अगर सरकार उनके ट्वीट पर एक्शन ले लेती तो हादसे को टाला जा सकता था। इन दोनों के अलावा भी कई लोगों ने फुटओवर के लिए आवाज उठाई थी।
Three day ago post it on FB and Twitter .. My fear turned true @calamur @waglenikhil @rajtoday @iyerkavi @rajivkhandekar @sardesairajdeep pic.twitter.com/vKCznJqKOT
— Santosh Andhale (@Santosh_Andhale) September 29, 2017
सात साल से लिख रहे हैं रेलवे को पत्र
मुंबई एलफिंस्टन रेलवे स्टेशन
रेलवे स्टेशन के पास रहने वाले एक शख्स ने बताया कि वह पिछले सात सालों ने रेल प्रशासन को फुटओवर चौड़ा करने के लिए लिख रहे थे। उन्होंने परेल का भी जिक्र किया। शख्स ने कहा कि वहां भी ऐसे ही हालात हैं और अगर उसको भी जल्द से जल्द चौड़ा नहीं किया गया तो एलफिंस्टन जैसा हादसा हो सकता है।
आस-पास रहने वालों के मुताबिक परेल और एलफिंस्टन दोनों की शिकायत पर रेलवे के अपने कुछ अधिकारियों को निरीक्षण के लिए भेजा था लेकिन आगे कुछ नहीं हुआ था। कुछ यात्रियों ने कहा कि सरकार सुरक्षा देने की जगह वाई-फाई लगवाने पर ध्यान दे रही है।
आस-पास रहने वालों के मुताबिक परेल और एलफिंस्टन दोनों की शिकायत पर रेलवे के अपने कुछ अधिकारियों को निरीक्षण के लिए भेजा था लेकिन आगे कुछ नहीं हुआ था। कुछ यात्रियों ने कहा कि सरकार सुरक्षा देने की जगह वाई-फाई लगवाने पर ध्यान दे रही है।