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महाराष्ट्र : मंत्रालय में बम विस्फोट की सूचना निकली अफवाह, किसान गिरफ्तार
Sun, 30 May 2021 08:19 PM IST
सुरेंद्र जोशी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई/नागपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई/नागपुर
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Sun, 30 May 2021 08:19 PM IST
सार
रविवार को मुंबई स्थित मंत्रालय भवन में बम रखने की सूचना फर्जी निकली। इसके दो घंटे बाद ही कॉल करने वाले का खुलासा हो गया। जमीन का मुआवजा नहीं मिलने से परेशान होकर शासन का ध्यान आकृष्ट कराने के लिए उसने यह हरकत की।
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जांच के लिए मंत्रालय पहुंची मुंबई पुलिस की टीम
- फोटो : ANI
विस्तार
महाराष्ट्र सरकार के सचिवालय में बम विस्फोट की सूचना महज अफवाह निकली। मुंबई पुलिस ने फर्जी सूचना देने वाले शख्स को गिरफ्तार कर लिया। उसकी पहचान नागपुर जिले के किसान सागर मंधेरे के रूप में हुई।
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मुंबई पुलिस ने रविवार को बयान जारी करते हुए बताया, रात करीब 12.40 बजे, आपदा प्रबंधन नियंत्रण, मंत्रालय को एक अज्ञात कॉलर का फोन आया, जिसमें दावा किया गया था कि मंत्रालय में बम रखा गया है। इसके बाद बम रोधी दस्ते के साथ पुलिस कर्मियों की टीमों ने मौके पर पहुंचकर तलाशी अभियान चलाया पर इमारत में कुछ भी नहीं मिला। बाद में यह फोन कॉल फर्जी निकला।
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कॉल करने वाले शख्स को दो घंटे के भीतर हिरासत में ले लिया गया। मंधेरे यह कबूल किया कि फोन उसी ने किया था। मुंबई पुलिस ने एक बयान में बताया कि रविवार दोपहर करीब 12 बजकर 40 मिनट पर आपदा नियंत्रण कक्ष, मंत्रालय में एक अज्ञात व्यक्ति की कॉल आई, जिसमें दावा किया गया कि मंत्रालय (सचिवालय) में एक बम रखा गया है।
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बयान के मुताबिक, पुलिस के साथ बम खोज एवं निष्क्रिय दस्ता (बीडीडीएस) के कर्मी मौके पर पहुंच गए और खोज अभियान चलाया गया लेकिन उन्हें कुछ नहीं मिला और कॉल फर्जी साबित हुई।
बयान में कहा गया है कि मंत्रालय परिसर का तलाश अभियान पूरा हो गया है। कोई भी संदिग्ध चीज नहीं मिली। इस बीच नागपुर ग्रामीण पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि फोन करने वाले शख्स का पता पूर्वी महाराष्ट्र के नागपुर में मिला और वह एक किसान है। नागपुर के पुलिस अधिकारी ने कहा कि आरोपी किसान की जमीन का अधिग्रहण कर लिया गया था लेकिन बार-बार आग्रह करने पर भी उसे मुआवजा नहीं दिया गया था, इस ओर प्रशासन का ध्यान दिलाने के लिए उसने कथित रूप से कॉल की थी।
दो घंटे में किसान को पकड़ लिया
अधिकारी ने बताया कि फर्जी कॉल करने के दो घंटे के भीतर किसान को हिरासत में ले लिया गया। उसने कॉल करने की बात कबूल की है और कहा कि वह अधिग्रहीत जमीन के मुआवजे को लेकर लंबे समय से परेशान था। लेकिन उसकी फरियाद सुनने वाला कोई नहीं था। उसने सरकार और प्रशासन का ध्यान इस ओर दिलाने के लिए यह फोन कर दिया।
किसान की पहचान सागर मांढरे (40) के तौर पर हुई है। मांढरे के पास नागपुर जिले की उमरेड तहसील के मकरधोकडा इलाके में सात एकड़ जमीन थी। अधिकारी ने बताया, उसने उस जमीन का कुछ हिस्सा एक व्यक्ति को बेच दिया, जबकि कुछ हिस्सा वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (डब्ल्यूसीएल) द्वारा 1997 में अधिग्रहित कर लिया गया था। किसान ने उमरेड पुलिस को बताया कि डब्ल्यूसीएल ने उसकी अधिग्रहीत जमीन का मुआवजा जारी नहीं किया है।