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Gujarat: जारोली सुरंग से गुजरेगी बुलेट ट्रेन, हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर में पहला स्टील ब्रिज तैयार

Fri, 06 Oct 2023 10:02 PM IST
आदर्श शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सूरत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सूरत Published by: आदर्श शर्मा Updated Fri, 06 Oct 2023 10:02 PM IST
सार

हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के तहत बुलेट ट्रेन को लेकर सूरत में राष्ट्रीय राजमार्ग 53 पर पहला स्टील ब्रिज का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। पूरी बुलेट ट्रेन परियोजना में ऐसे कुल 28 पुलों का निर्माण किया जा रहा है।

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Mumbai-Ahmedabad high-speed corridor: Trains to zip through Zaroli tunnel at 350 kmph
(प्रतीकात्मक फोटो)

विस्तार

नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (एनएचएसआरसीएल) ने मुंबई और अहमदाबाद के बीच चलने वाली बुलेट ट्रेन को लेकर 508 किलोमीटर लंबे मार्ग पर पहली पहाड़ी सुरंग के ढांचे की खुदाई का काम पूरा कर लिया है। इसके बाद अब फिनिशिंग का काम शुरू होगा। सुरंग बनाने का काम पूरा करने में एक साल से ज्यादा समय लगेगा। इसके माध्यम से 350 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेनें गुजरेंगी। जारोली गांव के पहाड़ों में यह सुरंग 350 मीटर लंबी घोड़े की नाल के आकार की है। इस मार्ग पर छह और सुरंगें बनाने की योजना बनाई है, जो जापान से खरीदी जाने वाली अत्याधुनिक शिनकानसेन ट्रेनसेट से जुड़ी होंगी।
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वलसाड खंड के मुख्य परियोजना प्रबंधक एसपी मित्तल ने कहा कि पूरी निर्माण अवधि के दौरान उनकी टीम को एक भी अप्रिय घटना का सामना नहीं करना पड़ा। हमारे लिए सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि सुरंग के संरेखण को बिल्कुल सीधा कैसे रखा जाए क्योंकि बुलेट ट्रेन 350 किमी प्रति घंटे की गति से चलेगी और संरेखण में एक छोटी सी खामी भी काम बिगाड़ सकती थी। इसलिए प्रत्येक विनिर्देश का सटीक रूप से पालन किया गया, आपको एक मिलीमीटर का भी विचलन नहीं मिलेगा।
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एनएचएसआरसीएल ने लार्सन एंड टुब्रो को ठेका दिया है और सुरंग बनाने के लिए न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड (एनएटीएम) तकनीक का इस्तेमाल किया है। इसका उपयोग भारत में कई पर्वतीय क्षेत्रों में रेलवे और सड़क परियोजनाओं के लिए पहले भी किया जा चुका है।
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मित्तल की देखरेख में बनाई गई पहली पहाड़ी सुरंग थी। उन्होंने कहा, जब ऐसी सुरंगों के लिए विस्फोट किए जाते हैं, तो श्रमिकों और आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा सर्वोपरि होती है। हमने हर सावधानी बरती ताकि पत्थर, बोल्डर या ऐसी कोई अन्य सामग्री आसपास के क्षेत्र में न फैले और ग्रामीणों या हमारे कर्मचारियों को चोट न पहुंचे।

कॉरिडोर के लिए सूरत में बनाया गया पहला स्टील ब्रिज
हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के तहत बुलेट ट्रेन को लेकर सूरत में राष्ट्रीय राजमार्ग 53 पर पहला स्टील ब्रिज का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। पूरी बुलेट ट्रेन परियोजना में ऐसे कुल 28 पुलों का निर्माण किया जा रहा है। पहले पुल का निर्माण पांच अक्तूबर को पूरा कर लिया गया था।


मुख्य परियोजना प्रबंधक एसपी मित्तल ने कहा कि हम सड़कों और राजमार्गों पर स्टील पुल बना रहे हैं क्योंकि राजमार्ग लेन की चौड़ाई के कारण सीमेंट संरचना बनाना संभव नहीं है। एनएच-53 पर बना यह पहला स्टील ब्रिज 70 मीटर लंबा है और इसका वजन 673 मीट्रिक टन है। पुल के टुकड़ों में दिल्ली के पास हापुड़ जिले में वकशॉप में तैयार किया गया है। इसे 700 टुकड़ों में तैयार किया गया है। इसे तैयार करने के बाद साइट पर ले जाकर इसे जोड़ा गया था।
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