12 सांसदों का निलंबन: नकवी का विपक्ष पर हमला, 'सामंती अहंकार के हैंगओवर' से बाहर आएं, गलतियां स्वीकार करें
वरिष्ठ भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने विपक्ष को नसीहत देते हुए कहा कि गलती मान लेने से कोई छोटा नहीं हो जाता बल्कि ऐसा करने से उसका कद बढ़ता ही है।
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संसद के पिछले मानसून सत्र के दौरान अनुशासनहीनता के मामले में 12 राज्यसभा सांसदों को निलंबित करने को लेकर हो रहे हंगामे के बीच उच्च सदन के उप नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने विपक्ष को निशाने पर लिया। नकवी ने कहा कि विपक्ष को उनके सामंती अहंकार के हैंगओवर से बाहर आना चाहिए और अपने कृत्यों को सही साबित करने के स्थान पर अपनी गलती स्वीकार करनी चाहिए।
सोमवार यानी संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन अगस्त में हुए मानसून सत्र के दौरान संसदीय मर्यादाओं के विरुद्ध व्यवहार करने वाले 12 सांसदों को इस पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया था। विपक्ष इस फैसले को अलोकतांत्रिक करार देते हुए इसके खिलाफ प्रदर्शन कर रहा है। विपक्षी नेताओं ने निलंबन के इस फैसले को उच्च सदन के सभी प्रक्रियाओं व नियमों का उल्लंघन बताया है।
पूरे देश से माफी मांगें निलंबित सांसद: सरकार
वहीं, सरकार ने इस फैसले का समर्थन करते हुए मांग की है कि दोषी सांसदों को न केवल राज्यसभा चेयरमैन से बल्कि सदन और पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए। दूसरी ओर निलंबित सासंदों ने यह कहते हुए इस मांग को खारिज कर दिया है कि हम लोगों के मुद्दे उठा रहे थे। नकवी ने इसे लेकर कहा कि सरकार हमेशा से उन सदस्यों के समर्थन में रही है जो मुद्दों पर सार्थक बहस करना चाहते हैं।
अपनी गलती स्वीकार करें विपक्षी दल: नकवी
नकवी ने कहा, लेकिन दुर्भाग्य से कुछ सदस्यों की प्राथमिकता सदन की गरिमा को भंग करना और कार्यवाही में बाधा पहुंचाना प्रतीत होती है। उन्होंने कहा कि जिन्होंने लोकतंत्र के मंदिर की गरिमा को नुकसान पहुंचाया है उन्हें अपने कृत्यों को सही ठहराने की कोशिश करने के स्थान पर अपनी गलतियों को स्वीकार करना चाहिए। इस तरह का व्यवहार लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करता है।