कोरोना: सरकार का फैसला, इस साल भारत से हज के लिए नहीं जाएंगे श्रद्धालु
कोरोना वायरस की वजह से इस साल भारत से कोई भी श्रद्धालु हज यात्रा पर सऊदी अरब नहीं जा सकेगा। मंगलवार को केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, 'हमने फैसला किया है कि इस वर्ष भारत से जाने वाले यात्रियों को हज यात्रा पर सऊदी अरब नहीं भेजा जाएगा। अब तक 2,30,000 से ज्यादा भारतीय मुसलमानों ने हज यात्रा के लिए आवेदन किया है। सभी का पैसा बिना किसी कटौती के नकद हस्तांतरण के जरिए वापस कर दिया जाएगा।'
We have decided that Haj pilgrims from India will not be sent to Saudi Arabia for Haj 2020. Application money of more than 2.3 lakh pilgrims will be returned without cancellation deductions through direct transfer: Union Minister Mukhtar Abbas Naqvi#COVID19 pic.twitter.com/I5LdufNOhs
— ANI (@ANI) June 23, 2020विज्ञापन
इससे पहले 13 जून को सऊदी अरब के हज मंत्रालय और उमराह के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा था कि 1932 में किंगडम की स्थापना के बाद से पहली बार हज का सीजन रद्द करने पर सऊदी अरब के अधिकारी विचार कर रहे हैं। अधिकारी ने कहा था कि मामले का सावधानीपूर्वक अध्ययन किया गया है और विभिन्न परिदृश्यों पर विचार किया जा रहा है।
मार्च में सऊदी अरब ने दुनियाभर के देशों से कहा कि वे अपनी हज योजनाएं रद्द करें और उमराह तीर्थयात्रा को स्थगित कर दें। वहीं रॉयटर्स ने दो अधिकारियों के हवाले से बताया था कि सऊदी अरब हज के लिए इस वर्ष तीर्थयात्रियों की एक निश्चित संख्या को अनुमति दे सकता है। इसके अलावा, बुजुर्गों के आने पर प्रतिबंध और अतिरिक्त स्वास्थ्य जांच को बढ़ाने जैसे उपायों को भी सुझाया गया।
बता दें कि भारत से औसतन हर साल लगभग दो लाख लोग हज के लिए सऊदी अरब जाते हैं। दुनिया के सबसे ज्यादा मुस्लिम आबादी वाले देश इंडोनेशिया ने अपने नागरिकों के हज यात्रा पर जाने पर रोक लगा दी है। इंडोनेशिया से हर साल 2,20,000 लोग हज के लिए सऊदी अरब जाते हैं।