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MPSC Protest: छात्रों के प्रदर्शन पर बात करते हुए सीएम शिंदे की फिसली जुबान, बोले- 'चुनाव आयोग' से की है बात
Thu, 23 Feb 2023 01:39 AM IST
गुलाम अहमद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: गुलाम अहमद
Updated Thu, 23 Feb 2023 01:39 AM IST
सार
महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) के नए परीक्षा पैटर्न को लेकर छात्रों के विरोध पर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे मीडिया से बात कर रहे थे। इस दौरान उनकी जुबान फिसल गई। महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग की जगह उनकी जुबान से 'चुनाव आयोग' निकल गया।
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एकनाथ शिंदे
- फोटो : ANI
विस्तार
महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) के नए परीक्षा पैटर्न का विरोध हो रहा है। अभ्यर्थियों ने नए परीक्षा पैटर्न को वापस लेने की मांग कर रहे हैं। कुछ दिनों से पुणे में अभ्यर्थियों का प्रदर्शन जारी है। बुधवार को राज्य के कुछ अन्य शहरों में भी विरोध प्रदर्शन हुए। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे बुधवार को छात्रों के प्रदर्शन के संबंध में मीडिया से बात कर रहे थे। इस दौरान उनकी जुबान फिसल गई और महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग की जगह उनकी जुबान से 'चुनाव आयोग' निकल गया।
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सीएम शिंदे ने कहा कि उनकी सरकार ने 'चुनाव आयोग' से महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग के नए परीक्षा पैटर्न को लागू करने के फैसले को स्थगित करने के लिए कहा है। शिंदे के इस बयान से आप अंदाजा लगा सकते हैं कि इस समय उनके दिमाग में क्या चल रहा है। जाहिर तौर पर उनके कहने का मतलब यह था कि सरकार ने छात्रों की मांग के बारे में एमपीएससी को पत्र लिखकर नया परीक्षा पैटर्न नहीं लागू करने को कहा है।
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सीएम शिंदे ने क्या कहा
सीएम शिंदे ने कहा, 'हम महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में बैठने के इच्छुक छात्रों की मांगों से सहमत हैं। सरकार ने 'चुनाव आयोग' को इस रुख से अवगत करा दिया है और हमें 'चुनाव आयोग' से सकारात्मक निर्णय की उम्मीद है।' गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने हाल ही में शिंदे गुट को असली शिवसेना के रूप में मान्यता दी है। साथ ही पार्टी का चुनाव चिह्न धनुष-बाण भी शिंटे गुट को मिल गया है। चुनाव आयोग के फैसले के बाद शिवसेना के दोनों गुटों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी है।
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छात्र क्यों कर रहे परीक्षा पैटर्न को विरोध
एमपीएससी के फैसले के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों की मांग है कि डिस्क्रिप्टिव एग्जाम पैटर्न साल 2023 की जगह 2025 से लागू किया जाए। आयोग ने पिछले साल जून में एमपीएससी मुख्य परीक्षा के पैटर्न में बदलाव किया था। इसमें मुख्य परीक्षा को बहुविकल्पिय की जगह डिस्क्रिप्टिव करने की घोषणा की गई थी। इस बदलाव की घोषणा होने के बाद ही छात्रों ने विरोध जताया था। लेकिन अब वह विरोध प्रदर्शन पर उतर गए हैं। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के अध्यक्ष ने मंगलवार को पुणे में प्रदर्शन कर रहे छात्रों से मुलाकात की थी, जिसके बाद इस मामले की चर्चा और बढ़ गई।