MP Politics: एमपी में शाह का देर रात तक मंथन, टिकट वितरण-संकल्प यात्रा और खफा कार्यकर्ताओं को मनाने की तैयारी
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केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने चुनावी राज्य मध्यप्रदेश पर फोकस करना शुरू कर दिया है। इसी सिलसिले में वे बुधवार रात राजधानी पहुंचे। उन्हें पार्टी कार्यालय में प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं के साथ मंथन किया। शाह के साथ नेताओं की बैठक रात 8 बजे शुरू हुई जो देर रात तक चलती रही है। करीब साढ़े तीन घंटे चली इस बैठक में चुनाव को लेकर कई अहम फैसले लिए गए। गृहमंत्री शाह 3 दिन बाद यानी 30 जुलाई को एक बार फिर मध्यप्रदेश आ सकते है। वे उज्जैन में महाकाल के दर्शन करेंगे। इसी दिन वे बुरहानपुर भी जा सकते हैं। बुरहानपुर में भाजपा के नए दफ्तर का भूमिपूजन होना है।
भाजपा सूत्रों ने बताया कि गृहमंत्री शाह के साथ भाजपा नेताओं की यह बैठक साढ़े तीन घंटे तक चली। इस बार शाह ने सब नेताओं के साथ एक साथ बैठक ना करते हुए 2-2 नेताओं का ग्रुप बनवाया और उनसे अलग-अलग बैठक की। बैठक में भाजपा चुनाव प्रबंधन समिति में शामिल किए जाने वाले नामों के अलावा पार्टी के आगामी कार्यक्रमों को लेकर भी चर्चा हुई है। शाह ने चुनाव प्रबंधन वाली समितियों और उनमें शामिल होने वाले नामों पर ने मुहर लगा दी है। आने वाले एक से दो दिनों में उनकी घोषणा हो जाएगी।
चुनावी तैयारियों को लेकर हुई इस बैठक में प्रदेश में निकलने वाली विजय संकल्प यात्राओं को लेकर भी चर्चा हुई। यह यात्रा विजय संकल्प यात्रा अगस्त के आखिरी सप्ताह या सितंबर के शुरुआती हफ्ते में प्रदेश में एक साथ कई शहरों से निकाली जाएगी। विधानसभा चुनावों में भाजपा के बड़े नेताओं के प्रवास, रैली कार्यक्रम कैसा होगा। कौन नेता इसकी जिम्मेदारी देखेगा। बैठक में इस पर भी चर्चा हुई। आने वाले दिनों में भाजपा के मंत्रियों, सांसदों और विधायकों को पूरे प्रदेश में अलग-अलग स्तर पर प्रचार और चुनाव प्रबंधन के लिए तैनात किया जाएगा। शाह ने प्रदेश के भाजपा नेताओं को एकजुट होकर चुनाव लड़ने की संदेश देते हुए कहा है कि सभी नेता आपस में सामंजस्य बनाकर पार्टी को चुनाव में और मज़बूत करें। कमजोर सीटों पर लगातार बड़े नेताओं के दौरे करने के निर्देश दिए।
शाह ने प्रदेश के नेताओं से साफ साफ कहा कि हर हाल में पार्टी के नाराज़ नेताओं को मनाना ही होगा। उनकी नाराज़गी दूर करने के साथ यह संदेश हर कार्यकर्ता और नेता तक पहुंचाना है कि एकजुट होकर लड़ने पर ही जीत मिलेगी। 2023 में सरकार बनी तो सबका ध्यान भी रखा जाएगा। विधानसभा क्षेत्र में कामकाज के प्रदर्शन के आधार पर ही विधायकों को चुनावों में टिकट दिया जाएगा। इस बार सिफारिश के आधार पर टिकट वितरण नहीं होगा, बल्कि परफॉर्मेंस के आधार पर ही टिकट दिया जाएगा।। शाह ने नेताओं को टिकट वितरण में परिवारवाद से दूर रहने की सलाह भी दी है।
उज्जैन से शुरू होगी यात्रा, 50 नए चेहरों को मिल सकता है मौका
जानकारी के अनुसार, विधानसभा चुनावों को देखते हुए पार्टी मध्यप्रदेश में चार जगहों से विजय संकल्प यात्रा निकालने जा रही है। मुख्य यात्रा सितंबर महीने में उज्जैन से निकाली जाएगी। इसके अलावा ग्वालियर, चित्रकूट और जबलपुर से भी ये यात्राएं निकाली जाएंगी। इन यात्राओं में से किसी भी एक स्थान पर प्रधानमंत्री मोदी भी शामिल हो सकते हैं।
अमित शाह ने बैठक में प्रदेश चुनाव प्रभारी भूपेंद्र यादव को हर विधानसभा की रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी दी हैं। सूत्रों का कहना है कि बैठक में ज्यादातर सीटों पर नए चेहरों को मौका देने की वकालत भी की गई है। माना जा रहा है कि आगामी विधानसभा चुनाव में 50 नए चेहरों को चुनाव में मौका मिल सकता है। लेकिन नए चेहरों पर दांव लगाने से जो नाराजगी टिकट दावेदारों में देखने को मिलेगी, उनसे किस तरह निपटा जाएगा, उसकी रणनीति पर चर्चा हुई।
शाह ने तोमर-सिंधिया और विजयवर्गीय से अलग से की बात
अमित शाह ने प्रदेश के मालवा-निमाड़, ग्वालियर-चंबल, बुंदेलखंड, विंध्य, महाकौशल और मध्य क्षेत्र की अलग-अलग नेताओं के साथ समीक्षा की। सूत्रों का कहना है कि शाह ने ग्वालियर-चंबल को लेकर तोमर और सिंधिया के साथ अलग बात की। जबकि मालवा-निमाड़ का फीडबैक कैलाश विजयवर्गीय से लिया। बैठक में चुनाव समितियों के लिए नाम तय कर लिए गए हैं। प्रदेश स्तरीय चुनाव समिति में अध्यक्ष सहित 16 सदस्य होंगे। इसमें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा के अलावा सभी बड़े नेताओं को शामिल किया जाएगा। इन समितियों की घोषणा एक-दो दिन में हो जाएगी।