MP News: मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव तक शिवराज की कुर्सी को खतरा नहीं, शाह के दौरे के बाद फिलहाल थम गईं अटकलें
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के भोपाल पहुंचने से पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को लेकर जिस तरह की अटकलें थीं वह अब फिलहाल थम गई हैं।
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केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के भोपाल पहुंचने से पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को लेकर जिस तरह की अटकलें थीं वह अब फिलहाल थम गई हैं। पार्टी नेताओं के साथ अमित शाह ने मध्यप्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी को सफलता दिलाने के लिए बड़ी बैठक की। अमित शाह के भोपाल दौरे की खबर आते ही अटकलों का बाजार गर्म हो गया। सीएम शिवराज को बदले जाने की चर्चा तेज हो गई। इस हवा को ज्योतिरादित्य सिंधिया के मंगलवार को राज्यपाल से मिलने के बाद और बल मिल गया। हालांकि मुख्यमंत्री सचिवालय के सूत्रों का कहना है कि यह भोपाल है। अभी राज्य में मामा ही सीएम बने रहेंगे।
वरिष्ठ पत्रकार राकेश पाठक मध्यप्रदेश की राजनीति पर गहरी पकड़ रखते हैं। उन्हें भी मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री के बदले जाने की संभावना बिल्कुल नहीं लगती। पाठक तो यहां तक कहते हैं कि भाजपा अगर ज्योतिरादित्य सिंधिया को मुख्यमंत्री बनाएगी तो पार्टी में बड़ी बगावत हो सकती है। वह बताते हैं कि ज्योतिरादित्य सिंधिया के नेतृत्व को लेकर मध्यप्रदेश में भाजपा में बड़ी रार है। इसलिए आगामी चुनाव को देखते हुए इस तरह की संभावना न के बराबर है।
ज्योतिरादित्य सिंधिया क्यों मिले थे राज्यपाल से?
13 जुलाई को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ग्वालियर जा रही हैं। राष्ट्रपति को आईआईआईटीएम के दीक्षांत समारोह में रहना है और 1 बजे सिंधिया परिवार के साथ उनका लंच प्रस्तावित है। बताते हैं कि राष्ट्रपति के दौरे के कारण शिष्टाचार में सिंधिया राज्यपाल से मिलने गए थे। उन्होंने राज्यपाल से भेंट करके उन्हें आमंत्रित भी किया। ग्वालियर चंबल संभाग के सिंधिया गुट के एक नेता का कहना है कि सिंधिया पर भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व का बड़ा भरोसा है। पूरे मध्यप्रदेश में सिंधिया सबसे अधिक लोकप्रिय हैं, लेकिन उन्हें राज्य में मुख्यमंत्री के बदलाव के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
क्या भाजपा के पास है कोई शिवराज का विकल्प?
भाजपा के पास मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री बनने लायक कई चेहरे हैं। लेकिन वहां दो-तीन महीने बाद चुनाव प्रस्तावित है। चुनाव को केन्द्र में रखने के बाद भाजपा के लिए मामा शिवराज सिंह चौहान का विकल्प ढूंढ पाना बहुत मुश्किल है। दिल्ली में भाजपा के एक बड़े नेता हैं। मध्यप्रदेश से आते हैं। वह कहते हैं कि शिवराज सिंह चौहान राज्य के लोकप्रिय नेता हैं। विपक्ष के साथ भी उनके रिश्ते ठीक हैं। फिलहाल वह अच्छा काम कर रहे हैं। सूत्र का कहना है कि भाजपा राज्य में प्रधानमंत्री के चेहरे पर विधानसभा का चुनाव लड़ सकती है, लेकिन मध्यप्रदेश में उत्तराखंड और कर्नाटक की तरह नया मुख्यमंत्री बनाकर चुनाव में जाने की गुंजाइश काफी कम है।