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ओवैसी के भाई को राहत: अकबरुद्दीन के खिलाफ हेट स्पीच मामले में फैसला टला, जानें पूरा मामला
Tue, 12 Apr 2022 05:46 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Tue, 12 Apr 2022 05:46 PM IST
सार
एमपी-एमएलए विशेष सत्र न्यायालय ने अकबरुद्दीन ओवैसी के हेट स्पीच मामले में फैसला बुधवार तक के लिए टाल दिया है।
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अकबरुद्दीन ओवैसी (फाइल फोटो)
- फोटो : Facebook
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विस्तार
हैदराबाद की एक विशेष अदालत ने असदुद्दीन ओवैसी के भाई और एआईएमआईएम से सांसद अकबरुद्दीन ओवैसी के खिलाफ दर्ज हेट स्पीच मामले में फौरी राहत दी है। विशेष अदालत ने मंगलवार को इस मामले की सुनवाई की। सुनवाई करते हुए विशेष न्यायालय ने इस मामले में फैसला 13 अप्रैल तक के लिए टाल दिया है।
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एमपी-एमएलए के लिए विशेष सत्र न्यायालय ने इस मामले में बचाव पक्ष और अभियोजन पक्ष की दलीलें पूरी हो जाने के बाद आज यानी मंगलवार को इस मामले में फैसला सुनाने की बात कही थी, लेकिन आज न्यायालय ने फैसला बुधवार तक के लिए टाल दिया।
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तेलंगाना विधानसभा में एआईएमआईएम के नेता अकबरुद्दीन ओवैसी दिसंबर 2012 में निजामाबाद और निर्मल में दिए गए अपने भड़काऊ भाषण के मामले में मंगलवार को कोर्ट के सामने पेश हुए।
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अकबरुद्दीन, एआईएमआईएम के चीफ और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी के छोटे भाई हैं। एक समुदाय के खिलाफ सार्वजनिक सभा में भड़काऊ और घृणास्पद बयान देने को लेकर उनके खिलाफ आईपीसी की धाराओं के तहत हेट स्पीच का मामला दर्ज किया गया था।
इससे पहले अकबरुद्दीन ओवैसी के खिलाफ आठ दिसंबर 2012 में निजामाबाद जिले और 22 दिसंबर 2012 में निर्मल शहर में 'हेट स्पीच' के कई मामलों में एफआईआर दर्ज की गई थी, वे गिरफ्तार भी किए गए थे, हालांकि बाद में उन्हें जमानत पर छोड़ दिया गया।
इसके बाद अपराध जांच विभाग(सीआईडी) ने 2016 में निजामाबाद वाले मामले में जांच करके चार्जशीट दाखिल की थी। वहीं, इसी साल निर्मल मामले में जिले की पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल कर दिया था। निजामाबाद मामले में 41 गवाह जबकि निर्मल के हेट स्पीच मामले में कुल 33 गवाह पेश किए गए थे।