{"_id":"58d33d7b4f1c1be6211a12a5","slug":"mp-govt-blacklists-book-with-references-over-beef-author-he-fears-for-his-life","type":"story","status":"publish","title_hn":"किताब में 'गोंड' को 'गौमांस खाने वाला' बताया, शिवराज सरकार ने किया ब्लैकलिस्ट","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
किताब में 'गोंड' को 'गौमांस खाने वाला' बताया, शिवराज सरकार ने किया ब्लैकलिस्ट
amarujala.com- Presented by: पवन नाहर
Updated Thu, 23 Mar 2017 10:02 AM IST
विज्ञापन
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मध्य प्रदेश सरकार ने बुधवार को एक किताब 'भारत का भूगोल' पर रोक लगा दी। इस किताब में गोंडी भाषा में 'गोंड' का मतलब 'गाय को मारने वाला' या 'गौमांस खाने वाला' बताया है। उच्च शिक्षा मंत्री जयभान सिंह पवैया ने एक अंग्रेजी अखबार से कहा कि सरकार ने इस किताब को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है और कॉलेज को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। यह किताब न को कॉलेज के पाठ्यक्रम का हिस्सा है और न ही पढ़ने के लिए निर्धारित की गई है।
हालांकि, उन्होंने किताब पर प्रतिबंध लगाना और लेखक के खिलाफ कार्यवाई करने से इंकार किया। मंत्री जी ने कहा कि किताब पर रोक यह सुनिश्चित करने के लिए लगाई गई है कि विद्य़ार्थियों ने इसे खरीदा न हो या इसे गलती से कॉलेज लाइब्रेरी में न रखा गया हो। मध्यप्रदेश सरकार के प्रवक्ता नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि लेखक हरीश कुमार खत्री और प्रकाशक, दोनों को ही ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है।
37 वर्षीय खत्री महाराष्ट्र से हैं। उन्होंने कहा कि विवादित अनुच्छेद 2013 के संस्करण में था। संशोधित संस्करण में इसे हटा दिया गया। उन्होंने कहा, "ऐसा लगता है कि मैंने किसी की हत्या कर दी हो। मुझे जान का खतरा है। मुझे पिछले महीने पुलिसा थाने में बुलाया गया। मैंने कुछ लोगों से हाथ जोड़कर माफी मांगी और पुलिस को लिखित रूप में क्षमापत्र भी दिया। पूरी किताब में सिर्फ एक लाइन ने मेरी जिंदगी खराब कर दी।"
विज्ञापन
खत्री का कहना है कि उन्होंने 20 किताबें लिखी हैं। इस किताब पर रोक विपक्ष के नेता अजय सिंह की मांग के बाद लगाई गई। उन्होंने इसे गोंड आदिवासी प्रजाति का अपमान बताया था।
विज्ञापन
हालांकि, उन्होंने किताब पर प्रतिबंध लगाना और लेखक के खिलाफ कार्यवाई करने से इंकार किया। मंत्री जी ने कहा कि किताब पर रोक यह सुनिश्चित करने के लिए लगाई गई है कि विद्य़ार्थियों ने इसे खरीदा न हो या इसे गलती से कॉलेज लाइब्रेरी में न रखा गया हो। मध्यप्रदेश सरकार के प्रवक्ता नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि लेखक हरीश कुमार खत्री और प्रकाशक, दोनों को ही ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है।
विज्ञापन
37 वर्षीय खत्री महाराष्ट्र से हैं। उन्होंने कहा कि विवादित अनुच्छेद 2013 के संस्करण में था। संशोधित संस्करण में इसे हटा दिया गया। उन्होंने कहा, "ऐसा लगता है कि मैंने किसी की हत्या कर दी हो। मुझे जान का खतरा है। मुझे पिछले महीने पुलिसा थाने में बुलाया गया। मैंने कुछ लोगों से हाथ जोड़कर माफी मांगी और पुलिस को लिखित रूप में क्षमापत्र भी दिया। पूरी किताब में सिर्फ एक लाइन ने मेरी जिंदगी खराब कर दी।"
विज्ञापन
खत्री का कहना है कि उन्होंने 20 किताबें लिखी हैं। इस किताब पर रोक विपक्ष के नेता अजय सिंह की मांग के बाद लगाई गई। उन्होंने इसे गोंड आदिवासी प्रजाति का अपमान बताया था।