MP election: मालवा-निमाड़ की इन सीटों पर क्यों बढ़ी BJP-कांग्रेस की बेचैनी, क्या एग्जिट पोल बढ़ाएगा धड़कनें?
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मध्यप्रदेश में कहा जाता है कि मालवा-निमाड़ में जिस पार्टी की जीत होती है, राज्य में उसी की सरकार बनती है। प्रदेश में 17 नवंबर को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान हो गया है। अब सबकी निगाहें 30 नवंबर को आने वाले एग्जिट पोल और 3 दिसंबर की मतगणना पर लगी हुई हैं। इसी बीच राजनीतिक दलों ने अपनी समीक्षा के बाद अपने-अपने जीत के दावे करना शुरू कर दिया है।
राज्य में इस बार दोनों पार्टियों का फोकस आदिवासी मतदाताओं पर था। मालवा-निमाड़ का आदिवासी वोटर किसके पक्ष में गया है, इसे लेकर संशय बना हुआ है। कई सीटों पर भाजपा-कांग्रेस के बीच कांटे का मुकाबला देखने को मिल रहा है। जबकि कुछ सीटों पर आदिवासी संगठन जयस का गहरा प्रभाव है। मालवा-निमाड़ की अधिकांश सीटों पर जयस के मैदान में उतरने से मुकाबला रोचक बना हुआ है।
एमपी में आदिवासियों के लिए 47 सीटें आरक्षित हैं। 47 में से 22 सीटें मालवा-निमाड़ क्षेत्र से आती हैं। करीब 10 विधानसभा सीटें ऐसी हैं, जहां जयस ने पूरी ताकत से चुनाव लड़ा है। इन सीटों पर उसका मुकाबला भाजपा-कांग्रेस के साथ था। करीब ऐसी 10 ऐसी विधानसभा सीटे हैं, जिनके परिणाम को लेकर भाजपा और कांग्रेस की बेचैनी बढ़ी हुई है। दोनों ही पार्टी के नेता इस बात को लेकर आश्वस्त हैं कि आखिर आदिवासी वोट किसके साथ गया है।
इन सीटों पर बिगड़ सकता है खेल
हरसूद: इस विधानसभा सीट से भाजपा ने वन मंत्री विजय शाह को मैदान में उतारा है। वहीं, कांग्रेस के टिकट पर सुखराम साल्वे ने चुनाव लड़ा है। यहां से जयस ने भी अपना उम्मीदवार खड़ा किया। जयस ने महेंद्र बड़ाई को टिकट दिया। फिलहाल इस सीट पर कांटे की लड़ाई है।
झाबुआ: आदिवासी बाहुल्य झाबुआ विधानसभा सीट से कांग्रेस ने पार्टी ने पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया के बेटे विक्रांत भूरिया को उम्मीदवार बनाया। वहीं, भाजपा ने भी यहां से भानू भूरिया को उतारा है। जयस ने यहां से अमर सिंह भाभर को टिकट दिया। इस सीट पर भी सभी की निगाहें हैं।
थांदला: थांदला विधानसभा सीट से कल सिंह भाभर को भाजपा ने उम्मीदवार बनाया, तो वीर सिंह भूरिया को कांग्रेस ने टिकट दिया। यहां से जयस ने माजू सिंह डामौर को उतारा है।
पेटलावद: इस सीट पर भाजपा-कांग्रेस में मुख्य मुकाबला है। बीजेपी ने निर्मला भूरिया और कांग्रेस ने वेलसिंह मेड़ा को उतारा है। हालांकि जयस उम्मीदवार ने यहां लड़ाई को रोचक बना दिया है। जयस से बालू सिंह गामड़ उम्मीदवार हैं।
पानसेमल: इस विधानसभा सीट से जयस ने जिला पंचायत सदस्य रमेश चौहान का उम्मीदवार बनाया है। भाजपा से श्याम बर्डे उम्मीदवार हैं तो कांग्रेस की तरफ से चंद्रभागा किरोड़े मैदान में हैं।
जोबट: जोबट से भाजपा ने विशाल रावत और कांग्रेस ने सेना पटेल को उम्मीदवार बनाया है। वहीं, जयस ने रिंकू बाला डावर को टिकट दिया है। रिंकू बाला डावर जिला पंचायत और जनपद का भी चुनाव जीत चुकी हैं।
कुक्षी: इस सीट से कांग्रेस के दिग्गज नेता हनी बघेल चुनाव लड़ते हैं। हनी बघेल, कमलनाथ कैबिनेट में मंत्री रह चुके हैं। भाजपा ने जयदीप पटेल को टिकट दिया है। जयस ने यहां से आदिवासी नेता बोंदल सिंह मुजाल्दा को उम्मीदवार बनाया है।
अलीराजपुर: इस विधानसभा सीट से कांग्रेस ने मुकेश पटेल को टिकट दिया है। वहीं, भाजपा ने नागर सिंह चौहान को उम्मीदवार बनाया है। यहां से जयस ने नवल सिंह मंडलोई को टिकट दिया है।
सैलाना: इस सीट पर सबसे ज्यादा वोटिंग हुई है। यहां मतदाताओं ने 90 फीसदी वोटिंग की है। भाजपा से संगीता चारेला मैदान में हैं, तो कांग्रेस से हर्ष विजय गहलोत उम्मीदवार हैं। जयस ने यहां से कमलेश्वर डोडियार को टिकट दिया है। कमलेश्वर के बारे में कहा जाता है कि आदिवासी वोट बैंक में इनकी अच्छी पकड़ है।
बागली: इस सीट से भाजपा ने मुरली भंवरा और कांग्रेस ने गोपाल भोंसले को उम्मीदवार बनाया है। जयस ने यहां से युवा नेता सूरज डावर को उम्मीदवार बनाकर मुकाबले को रोचक कर दिया है।