फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   MP Election: Congress played a big bet on old pension scheme in the vachan patra

MP Election: कांग्रेस ने वचन पत्र में पुरानी पेंशन पर खेला बड़ा दांव, सरकारी कर्मियों को मिलेगा ओपीएस का लाभ

Jitendra Bhardwaj जितेंद्र भारद्वाज
Updated Tue, 17 Oct 2023 03:21 PM IST
विज्ञापन
सार
कांग्रेस पार्टी ने अपने विस्तृत वचन पत्र के 12वें भाग में 'पेंशनभोगी जनसेवक' शीर्षक वाले कॉलम में लिखा है कि कर्मचारियों का भविष्य सुरक्षित रहे, इसके लिए कर्मियों को पुरानी पेंशन का लाभ दिया जाएगा। पेंशनर्स को केंद्र के समान महंगाई भत्ता मिलेगा। उन्हें एरियर्स का भुगतान कराया जाएगा...
loader
MP Election: Congress played a big bet on old pension scheme in the vachan patra
MP Election - फोटो : Amar Ujala/ Himanshu Bhatt

विस्तार

कांग्रेस पार्टी ने मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले मंगलवार को अपना वचन पत्र जारी कर दिया है। कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश की तर्ज पर कांग्रेस ने सरकारी कर्मियों को लेकर बड़ा दांव खेल दिया है। वचन पत्र में कहा गया है कि सरकारी कर्मियों को पुरानी पेंशन का लाभ दिया जाएगा। कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने पुरानी पेंशन का वादा किया था। दोनों ही राज्यों में सरकारी कर्मियों ने कांग्रेस पार्टी की सरकार बनवाने में अपना भरपूर सहयोग दिया था। अब मध्यप्रदेश में भी कांग्रेस पार्टी अपना वही दांव खेल दिया है। वचन पत्र में कहा गया है कि कांग्रेस सरकार की प्रथम कैबिनेट बैठक में पुरानी पेंशन जनसेवकों की विभिन्न मांगों पर न्याय संगत निर्णय लिए जाएंगे। मध्यप्रदेश में भी ओपीएस को एक बड़ा चुनावी मुद्दा बताया जा रहा है।

कांग्रेस पार्टी ने अपने विस्तृत वचन पत्र के 12वें भाग में 'पेंशनभोगी जनसेवक' शीर्षक वाले कॉलम में लिखा है कि कर्मचारियों का भविष्य सुरक्षित रहे, इसके लिए कर्मियों को पुरानी पेंशन का लाभ दिया जाएगा। पेंशनर्स को केंद्र के समान महंगाई भत्ता मिलेगा। उन्हें एरियर्स का भुगतान कराया जाएगा। परिवार पेंशन की अर्हता सेवा होगी। परिवार पेंशन रिवाइज करने की अवधि को 80 वर्ष से घटाया जाएगा। पेंशनर्स को अधिकतम आयु छूट के साथ 25 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा का लाभ मिलेगा। मध्यप्रदेश राज्य पुर्नगठन अधिनियम 2000 की धारा 49 (6) को समाप्त किया जाएगा। सहकारी विभाग के कर्मियों एवं असंगठित एवं संगठित क्षेत्र के श्रमिकों को अंशदायी पेंशन योजना के लाभ से जोड़ने के लिए पेंशन नियामक प्राधिकरण का गठन होगा। सभी शासकीय, अर्धशासकीय, सार्वजनिक उपक्रम, निगम, मंडल एवं निकायों के कर्मियों के परिवार सहित 25 लाख रुपये का चिकित्सा बीमा एवं दस लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा का लाभ मिलेगा। पटवारियों, पुलिसकर्मियों, शीघ्र लेखकों, प्रयोगशाला तकनीशियनों, फार्मासिस्ट के ग्रेड पे की मांग पर न्याय होगा।

पांच राज्यों में भी दिखेगी 'ओपीएस' की ताकत

पुरानी पेंशन के मुद्दे पर सरकारी कर्मचारी, पांच राज्यों के चुनाव में अपनी ताकत दिखाएंगे। यह तय है कि सरकारी कर्मियों का नफा-नुकसान किसी न किसी पार्टी के हिस्से में तो जरूर आएगा। भाजपा का रुख साफ है कि पुरानी पेंशन पर कोई बात नहीं होगी। एनपीएस में सुधार किया जा सकता है, लेकिन ओपीएस की गुंजाइश नहीं है। खुद प्रधानमंत्री मोदी, इस बारे में अपना मत स्पष्ट कर चुके हैं। दूसरी तरफ कांग्रेस पार्टी है जो अपनी चुनावी गारंटियों में पुरानी पेंशन प्रमुखता से शामिल कर रही है। पहले हिमाचल प्रदेश में और उसके बाद कर्नाटक में कांग्रेस ने ओपीएस की गारंटी देकर भाजपा के हाथ से सत्ता छीन ली। राजस्थान और छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकारों ने 'ओपीएस' लागू कर दिया है, जबकि मध्यप्रदेश और तेलंगाना में पार्टी ने पुरानी पेंशन बहाली का वादा किया है।

इन राज्यों में लागू हो चुकी है पुरानी पेंशन

देश में पुरानी पेंशन का मुद्दा लगातार गर्माता जा रहा है। गैर भाजपा शासित राज्य, राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड, पंजाब और हिमाचल प्रदेश में पुरानी पेंशन लागू हो चुकी है। कर्नाटक में भी ओपीएस लागू करने के लिए गुणा-भाग किया जा रहा है। राजस्थान में अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने पुरानी पेंशन बहाल की है। ओपीएस बहाली वाला राजस्थान, देश में पहला राज्य बना है। 2023-24 का बजट पेश करने के दौरान सीएम गहलोत ने कहा, सभी सेवारत और रिटायर कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) का लाभ मिलेगा। इसके बाद छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी सरकारी कर्मचारियों को एनपीएस/ओपीएस का विकल्प दे दिया। झारखंड में हेमंत सोरेन सरकार ने एक सितंबर 2022 को पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मंजूरी दी। पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार ने पुरानी पेंशन योजना को मंजूरी दे दी है। लगभग 1.75 लाख कर्मचारियों को इसका फायदा हुआ है।

मत पत्र सबसे शक्तिशाली हथियार है

हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार ने भी अपने चुनावी घोषणापत्र में किए गए वादे के मुताबिक, ओपीएस को लागू कर दिया है। कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने ओपीएस बहाली की बात कही थी। कर्नाटक स्टेट गवर्नमेंट एंप्लॉई एसोसिएशन के अध्यक्ष सीएस शादाक्षरी ने चुनाव से पहले कहा था, भाजपा ने सरकारी कर्मियों को निराश किया है। लगभग पांच लाख कर्मियों, पेंशनरों और उनके परिजनों को मिलाकर यह संख्या 40 लाख से ज्यादा पहुंच गई थी। नतीजा, विधानसभा में भाजपा सरकार को सरकारी कर्मियों की नाराजगी झेलनी पड़ी। एनपीएस के खिलाफ गठित नेशनल ज्वाइंट काउंसिल ऑफ एक्शन (एनजेसीए) के वरिष्ठ सदस्य और एआईडीईएफ के महासचिव सी. श्रीकुमार का कहना है, भाजपा को विधानसभा चुनाव में सरकारी कर्मियों की नाराजगी का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। वित्त मंत्रालय द्वारा गठित कमेटी का क्या फायदा होगा। सरकारी कर्मचारी जानते हैं कि जब प्रधानमंत्री मोदी, पुरानी पेंशन के खिलाफ सार्वजनिक बयान दे रहे हैं, तो इन कमेटियों का कोई लाभ नहीं है। लोकतंत्र में मत पत्र सबसे शक्तिशाली हथियार है। हर राजनीतिक दल, जनमत का सम्मान करता है। पुरानी पेंशन के लिए कर्मचारी संगठन, राष्ट्रव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल कर सकते हैं। इसके लिए 20 और 21 नवंबर को देशभर में स्ट्राइक बैलेट होगा।  

10 करोड़ लोगों की उपेक्षा नहीं कर सकते

बतौर श्रीकुमार, देश में अगर केंद्र एवं राज्यों के सभी सरकारी कर्मचारियों, पेंशनरों, उनके परिवार और रिश्तेदारों को मिलाकर वह संख्या लगभग 10 करोड़ तक पहुंच जाती है। यह यह एक छोटी संख्या नहीं है। क्या कोई राजनीतिक दल 10 करोड़ की संख्या वाले लोगों के समूह की उपेक्षा करने का साहस कर सकता है। भाजपा सहित दूसरी राजनीतिक पार्टियों को एनपीएस पर अपना मन बनाना होगा। उन्हें खुले तौर पर सामने आना पड़ेगा। एनपीएस को खत्म करने की घोषणा करनी होगी। पंजाब, हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और राजस्थान सरकार ने पुरानी पेंशन योजना बहाल की है। कर्नाटक सरकार भी इस बाबत काम कर रही है। केवल पांच राज्यों के विधानसभा में ही नहीं, बल्कि 2024 के लोकसभा चुनाव में भी पुरानी पेंशन का मुद्दा, अहम रहेगा। मध्यप्रदेश कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष संतोष सिंह दीक्षित ने अपने बयान में कहा था, कर्नाटक चुनाव का परिणाम सबके सामने है। यहां पर कांग्रेस ने पुरानी पेंशन का मुद्दा घोषणा पत्र में शामिल किया। इससे पहले हिमाचल प्रदेश में पुरानी पेंशन का मुद्दा अपना असर दिखा चुका है। कर्मचारियों का एकतरफा वोट कांग्रेस के पक्ष में गया है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

Followed