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एक मां के त्याग से बेटे के सियासी सफर की हो रही शुरूआत
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 31 Jan 2017 05:46 PM IST
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okram ibobi
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मां की ममता हमारे देश में हमेशा से ही त्याग की मिसाल रही है। संसार में मां ने हमेशा अपने बच्चे के लिए त्याग किया है। चुनाव का मैदान भी मां की ममता से अछुता नहीं रहा। इस चुनाव में ऐसी कई सीटें है जिन पर इससे पहले मां चुनाव लड़ती थी। लेकिन इस चुनाव में मां ने अपनी सीट अपने बच्चे के खातिर छोड़ दी।
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इस विधानसभा चुनाव में मां की सीट पर बेटा चुनाव लड़ रहा है। चार मार्च से होने वाले मणिपुर चुनाव में मणिपुर के मुख्यमंत्री ओकराम इबोबी सिंह के पत्नी ओकराम लनधोनी अपनी सीट का त्याग कर रही हैं। ओकराम लनधोनी थाऊबल जिले की खांगाबोक सीट से लगातार दो बार से चुनाव जीत रही हैं। लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा।
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ओकराम लनधोनी ने इस बार चुनाव न लड़ने का फैसला किया है। लनधोनी ने यह फैसला अपने इकलौते बेटे ओकराम सूरजकुमार के लिए किया। इस बार खांगाबोक सीट पर ओकराम सूरजकुमार अपनी मां की जगह चुनाव लड़ रहे हैं। सूरजकुमार इस चुनाव से अपनी सियासी पारी की शुरूआत कर रहे हैं। सूरजकुमार मणिपुर के सबसे युवा प्रत्याशी हैं।
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बता दें कि मणिपुर में मुख्यमंत्री ओकराम इबोबी सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस चार बार से सत्ता में कायम हैं। लेकिन इस बार चुनाव खास है। भाजपा के कांग्रेस मुक्त भारत अभियान के तहत मणिपुर का चुनाव भाजपा के लिए खास है। यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि क्या ओकराम इबोबी का नेतृत्व कांग्रेस को एक बार फिर जीत दिलाता है या भाजपा का कांग्रेस मुक्त भारत अभियान अपनी पैठ बनाता है।