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मां-बेटी कोर्ट में: वकील ने किया कई ब्वॉयफ्रेंड होने का जिक्र, जज ने फटकार लगाते हुए कही ये बात
Thu, 08 Apr 2021 09:38 PM IST
सुरेंद्र जोशी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Thu, 08 Apr 2021 09:38 PM IST
सार
- मां ने दर्ज कराया बेटी के खिलाफ घरेलू हिंसा का केस
- बेटी केस खारिज करने की मांग लेकर पहुंची हाईकोर्ट
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बॉम्बे हाईकोर्ट (फाइल फोटो)
- फोटो : पीटीआई
विस्तार
आमतौर पर मां-बेटी के बीच अदालती जंग के मामले कम ही सामने आते हैं, पर गुरुवार को बॉम्बे हाईकोर्ट में उनके बीच घरेलू हिंसा के केस की सुनवाई हुई। इस दौरान मां की वकील ने बेटी के निजी जीवन का जिक्र करते हुए उसके कई ब्वॉयफ्रेंड होने का आरोप लगाया। इस पर हाईकोर्ट ने वकील को जमकर फटकार लगाई।
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न्यायमूर्ति एस एस शिन्दे और न्यायमूर्ति मनीष पिताले की पीठ गुरुवार को मुंबई निवासी एक युवती की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। युवती ने हाईकोर्ट से अनुरोध किया है कि उसकी मां द्वारा उसके खिलाफ निचली कोर्ट में घरेलू हिंसा का मामला दर्ज कराया है, उसे निरस्त किया जाए।
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उच्च शिक्षा के लिए जाना है ऑस्ट्रेलिया
इस पर शिकायतकर्ता महिला यानी मां की वकील केनी ठक्कर ने अदालत से कहा कि युवती को उच्च शिक्षा के लिए ऑस्ट्रेलिया जाना है। इसीलिए वह अपने खिलाफ दायर केस को निरस्त करने का अनुरोध कर रही है। ठक्कर ने कार्यवाही निरस्त करने के युवती के अनुरोध का विरोध करते हुए कहा कि उसके कई ब्वॉयफ्रेंड हैं।
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जज ने कहा-यह दलील घटिया
न्यायमूर्ति पिताले ने वकील से तत्काल कहा कि वह दलील की इस ‘लाइन’ को रोकें। उन्होंने वकील से कहा कि यह क्या दलील है? यह उसकी (याचिकाकर्ता) जिंदगी है। यह क्या दलील है कि उसके कई ब्वॉयफ्रेंड हैं। यह घटिया दर्जे की दलील है। मां को तो खुश होना चाहिए कि याचिकाकर्ता उससे दूर जा रही है, जिसके खिलाफ उन्होंने घरेलू हिंसा के आरोप लगाए हैं। पीठ ने याचिका पर आदेश सुरक्षित रख लिया और कहा कि फैसला 19 अप्रैल को सुनाया जाएगा